Dhanbad Arrest: हिज्ब उत तहरीर के आतंकी को गिरफ्तार, क्या है राज़?
झारखंड के धनबाद में हिज्ब उत तहरीर से जुड़े एक व्यक्ति की गिरफ्तारी, एटीएस ने पकड़ी कई संदिग्ध जानकारी, जानें पूरी कहानी।
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। झारखंड के आतंक विरोधी दस्ता (एटीएस) ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर से जुड़ा हुआ था। गिरफ्तार शख्स की पहचान 33 वर्षीय अम्मार याशर के रूप में हुई है, जो धनबाद जिले के भूली ओपी थाना क्षेत्र के शमशेर नगर का निवासी है। इस गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जो अब तक अनुत्तरित थे। क्या यह सिर्फ एक गिरफ्तारी है या झारखंड में बढ़ते आतंकी गतिविधियों का इशारा है?
गिरफ्तारी और संदिग्ध दस्तावेज़
अम्मार याशर को एटीएस ने धनबाद से गिरफ्तार किया और उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। यह दस्तावेज़ हिज्ब उत तहरीर संगठन से संबंधित थे। एटीएस की टीम ने उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल से आतंकवादियों से जुड़ी जानकारी की तलाश की, और पाया कि वह इस प्रतिबंधित संगठन से गहरे संबंध में था।
अम्मार याशर की आतंकी पृष्ठभूमि
अम्मार याशर का नाम पहले भी सुर्खियों में आ चुका है। एटीएस द्वारा की गई पूछताछ में उसने यह खुलासा किया कि वह पहले इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ था। 2014 में राजस्थान के जोधपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। लगभग दस साल तक जेल में रहने के बाद, मई 2024 में उसे जमानत मिल गई थी।
जमानत मिलने के बाद अम्मार याशर ने झारखंड के धनबाद जिले में अपने पुराने साथी अयान जावेद और कुछ अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर हिज्ब उत तहरीर के लिए काम करना शुरू किया। वह इस प्रतिबंधित संगठन के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा था, जिससे स्थानीय स्तर पर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का खतरा था।
हिज्ब उत तहरीर और इंडियन मुजाहिद्दीन का कनेक्शन
अम्मार याशर का यह कनेक्शन केवल हिज्ब उत तहरीर तक सीमित नहीं था। उससे जुड़े हुए कुछ लोग पहले इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों से भी जुड़े रहे हैं। इंडियन मुजाहिद्दीन भारत में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है, और अब हिज्ब उत तहरीर जैसे संगठनों के साथ यह कनेक्शन कई सवाल खड़ा करता है। क्या अम्मार याशर केवल एक पुश्तैनी आतंकवादी था या इसने आतंकी गतिविधियों को एक नए मोड़ पर पहुंचाने की कोशिश की थी?
एटीएस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
26 अप्रैल 2025 को एटीएस ने धनबाद के बैंकमोड़ थाना क्षेत्र से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें एक पति-पत्नी भी शामिल थे। इन आतंकियों के नाम गुलफाम हसन, अयान जावेद, मोहम्मद शहजाद आलम और शबनम प्रवीण थे। इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद, एटीएस ने अम्मार याशर को भी गिरफ्तार किया, जो संभवतः इंडियन आतंकियों के लिए एक नया मॉडल तैयार कर रहा था।
क्या है झारखंड में आतंकवाद की बढ़ती चुनौतियाँ?
झारखंड में आतंकवाद और आतंकवादियों का नेटवर्क बढ़ते हुए देखा जा रहा है। एटीएस की त्वरित कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि इस क्षेत्र में आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर और अन्य संगठन गहरे तरीके से सक्रिय हैं। राज्य पुलिस और एटीएस की टीम लगातार इस खतरे को भांपते हुए कार्य कर रही है, लेकिन इन आतंकवादियों के नेटवर्क का भेद उजागर करने में बड़ी चुनौतियाँ हैं।
अम्मार याशर की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड में आतंकवाद एक गंभीर चुनौती बन चुका है। एटीएस की टीम लगातार इन संगठनों के खिलाफ काम कर रही है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है। क्या यह गिरफ्तारी झारखंड में आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष की नई शुरुआत है या यह सिर्फ एक संकेत है कि राज्य में आतंकवादी संगठनों का प्रभाव बढ़ रहा है? इस समय इन सवालों के जवाब केवल एटीएस की गहन जांच से ही मिल सकते हैं।
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