Bokaro Cyber : मालती लक्सजरिया से 4 ठग गिरफ्तार, बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी

बोकारो के मालती लक्सजरिया सिटी से साइबर गिरोह का पर्दाफाश, खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने 16 मोबाइल, लैपटॉप बरामद किए।

Apr 16, 2026 - 15:46
 0
Bokaro Cyber : मालती लक्सजरिया से 4 ठग गिरफ्तार, बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी
Bokaro Cyber : मालती लक्सजरिया से 4 ठग गिरफ्तार, बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी

बोकारो : साइबर अपराधियों ने झारखंड में अपना नया अड्डा बना लिया था। लेकिन बोकारो पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने उनके खेल को बेनकाब कर दिया। चास थाना क्षेत्र के मालती लक्सजरिया सिटी के एन-ब्लॉक स्थित एक फ्लैट में चार साइबर अपराधी रंगे हाथों पकड़े गए। ये ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। फर्जी एपीके फाइल इंस्टॉल करवाकर व्हाट्सएप कॉल और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए बैंक खाते खाली कर देते थे। पुलिस ने इनके पास से 16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई मोबाइल नंबरों से भरी डायरी बरामद की है।

कैसे हुई कार्रवाई? एसपी को मिली थी गुप्त सूचना

बोकारो के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि मालती लक्सजरिया सिटी के एन-ब्लॉक में फ्लैट नंबर 101 के अंदर साइबर ठगी का अवैध धंधा चल रहा है। यह फ्लैट बाहर से सामान्य दिखता था, लेकिन अंदर साइबर अपराधियों का पूरा नेटवर्क चल रहा था।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए चास थाना प्रभारी प्रकाश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम में साइबर थाना की इकाई को भी शामिल किया गया। टीम ने बिना समय गंवाए फ्लैट पर औचक छापेमारी कर दी।

छापेमारी में क्या मिला? 16 मोबाइल, लैपटॉप और डायरी

जब पुलिस टीम फ्लैट नंबर 101 में घुसी तो उन्होंने एक हैरान करने वाला नजारा देखा। चार युवक मोबाइल और लैपटॉप के सामने बैठे थे। उनके पास कई मोबाइल फोन रखे थे। वे लोगों को कॉल करके ठगी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

तलाशी लेने पर पुलिस को इनके पास से 16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई मोबाइल नंबरों से भरी डायरी बरामद हुई। इस डायरी में सैकड़ों लोगों के मोबाइल नंबर और उनसे जुड़े नोट्स लिखे थे। पुलिस के अनुसार, यह डायरी उन लोगों का डेटाबेस था जिन्हें ये ठग अपना शिकार बनाने वाले थे।

कैसे करते थे ठगी? फर्जी एपीके से उड़ाते थे लाखों

पूछताछ में आरोपियों ने अपनी ठगी का पूरा तरीका बताया। उनका तरीका बेहद चालाक और सुनियोजित था:

  1. पहला कदम: खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करना।

  2. दूसरा कदम: KYC अपडेट, ATM ब्लॉक होने, या लोन दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में लेना।

  3. तीसरा कदम: पीड़ितों से फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करवाना।

  4. चौथा कदम: व्हाट्सएप कॉल और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए पीड़ितों के बैंक डिटेल, OTP और अन्य जानकारियाँ हासिल करना।

  5. पांचवां कदम: पीड़ितों के बैंक खातों से सारे पैसे निकाल लेना।

आरोपियों ने बताया कि वे पिछले तीन से चार महीनों से इस फ्लैट में रहकर इसी तरह से ठगी कर रहे थे। उनका निशाना साधारण लोग होते थे जो बैंक से जुड़ी बातों में आसानी से फंस जाते थे।

आरोपी कहाँ के थे? जामताड़ा से जुड़ा है कनेक्शन

सभी चारों आरोपी जामताड़ा जिले के निवासी हैं। जामताड़ा पिछले कुछ सालों में साइबर अपराध के लिए कुख्यात हो चुका है। इस जिले के कई युवा साइबर ठगी में शामिल पाए गए हैं। 2022 में दिल्ली पुलिस ने भी जामताड़ा से साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था। लगता है कि जामताड़ा का यह सिलसिला अब बोकारो में भी फैल चुका है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, आगे की जांच जारी

चास थाना पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 36/26 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ठगों ने कितने लोगों को बनाया शिकार और उनसे कितने पैसे ठगे।

पुलिस को शक है कि इस गिरोह के और भी साथी हो सकते हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि पूछताछ में और भी कई राज खुल सकते हैं।

FOMO फैक्टर : क्या आप भी हो सकते हैं अगले शिकार?

यह घटना हर उस व्यक्ति के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो फोन पर आने वाले बैंक कॉल्स पर भरोसा कर लेता है। याद रखिए – कोई भी बैंक अधिकारी कभी भी आपसे KYC अपडेट के लिए APK फाइल इंस्टॉल करने को नहीं कहता। कोई भी बैंक कर्मचारी कभी भी आपसे OTP या पासवर्ड नहीं मांगता।

अगर आपको ऐसी कोई कॉल आती है तो तुरंत फोन रख दें। कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। कभी भी अनजान एपीके फाइल इंस्टॉल न करें। एक छोटी सी लापरवाही आपका पूरा जीवन भर का पैसा खाली कर सकती है।

पुलिस की सलाह और आपके लिए सावधानियाँ

बोकारो पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

  1. कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को अपने फोन की स्क्रीन शेयर करने की अनुमति न दें।

  2. बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे अपनी शाखा में जाकर संपर्क करें।

  3. OTP, CVV, या ATM पिन किसी से भी साझा न करें।

  4. अगर आपके साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।

आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने अभी गिरफ्तार आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। लेकिन सूत्रों के अनुसार, सभी आरोपी 20 से 30 साल के बीच के युवक हैं। उन्होंने बताया कि वे जामताड़ा में अपने कुछ और साथियों से संपर्क में थे।

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इन्हें APK फाइल बनाने की ट्रेनिंग किसने दी। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले टूल्स और सॉफ्टवेयर कहाँ से आए, इसकी भी जांच की जा रही है।

बोकारो पुलिस की बड़ी सफलता, और भी होगी कार्रवाई

बोकारो पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। एसपी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उनके आसपास कहीं भी ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

फिलहाल, बोकारो के मालती लक्सजरिया सिटी में हुई इस कार्रवाई की पूरे जिले में चर्चा है। साइबर ठग दहशत में हैं तो आम लोग राहत की सांस ले रहे हैं। जैसे ही इस मामले में कोई नया अपडेट आएगा, हम आपको सबसे पहले बताएंगे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।