Telco theft : नीलडीह में 6 ताले-6 अलमारियाँ तोड़ 20 लाख के गहने उड़ाए, परिवार शादी में था
क्या आप जानते हैं नीलडीह ग्वाला बस्ती के उस सुनसान मकान का रहस्य, जहाँ 6 ताले और 6 अलमारियाँ तोड़कर 20 लाख के गहने उड़ा ले गए? पुलिस हैरान, पढ़ें पूरी अनदेखी वारदात।
जमशेदपुर : शादी का सीजन हो, और कोई बड़ी वारदात न हो – ये तो मानो अधूरा सा लगता है। लेकिन जब ये वारदात आपके अपने शहर, आपके पड़ोस में हो, तो फिर बात ही कुछ और हो जाती है। टेल्को थाना क्षेत्र के नीलडीह ग्वाला बस्ती में हुई एक चोरी ने पूरे इलाके की नींद हराम कर दी है। सवाल ये नहीं कि चोर कौन है, सवाल ये है – कैसे एक सुनसान घर के छह दरवाजों के ताले एक साथ टूट गए? और आखिर वो कौन सी अलमारियाँ थीं, जिन्हें खंगालने में चोरों को घंटों नहीं लगे?
आइए, आपको ले चलते हैं उस घटनास्थल पर, जहाँ हर कोने से एक अनकही दास्ताँ बयाँ हो रही है।
घटना का खौलता हुआ ब्योरा : जब ‘शादी’ बनी चोरों की वजह
पीड़ित अवधेश कुमार उस वक्त दिल थामे अपने घर के मलबे को देख रहे थे, जब उन्हें पता चला कि उनकी पाँच दिनों की खुशियाँ (शादी समारोह) उनके लिए आफत बनकर आई है। परिवार नामदा बस्ती में था। सब कुछ ठीक था, बस घर के ताले थे – छह दरवाजे, छह ताले, और उन अलमारियों में सिमटा हुआ 18 से 20 लाख रुपये का जीवनभर का संचित गहना।
चोरों ने क्या किया? पहला धमाका – सामने के दरवाजे का ताला टूटा। दूसरा धमाका – अंदर घुसते ही एक-एक कर बेडरूम, स्टडी रूम, पूजा घर – सबके ताले। फिर सीधा अलमारियों पर। छह अलमारियों को इस तरह खाली किया गया मानो उनपर पहले से रिहर्सल की गई हो। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पड़ोसियों को कुछ सुनाई नहीं दिया। न कोई शोर, न कोई हल्ला।
पुलिस के हाथ अब तक खाली, गश्ती बढ़ाने की माँग
टेल्को थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, फिंगरप्रिंट टीम बुलाई गई, आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह वारदात रात 1 से 4 बजे के बीच हुई, और उस दौरान एक भी पुलिस गश्ती वहाँ से नहीं गुजरी। इलाके में अब दहशत इस कदर है कि लोग रात को अकेले घर छोड़ने से डर रहे हैं।
FOMO फैक्टर : क्या आपका घर भी है खतरे में?
यह सिर्फ अवधेश कुमार की कहानी नहीं है। जरा सोचिए – अगर कल आपको कहीं बाहर जाना पड़ा, तो क्या आपके 6 ताले आपकी 6 अलमारियों की रक्षा कर पाएँगे? क्योंकि इस वारदात ने साफ कर दिया है – चोरों के लिए अब कोई ताला मायने नहीं रखता। वो तो बस ‘मौके’ का इंतजार करते हैं। और जमशेदपुर में यह पहली बार नहीं है।
आखिर में एक सवाल – जब तक पुलिस इस मामले का खुलासा करेगी, तब तक शहर के और कितने सुनसान घरों की अलमारियाँ खाली हो चुकी होंगी? फिलहाल, टेल्को पुलिस ने दावा किया है – ‘जल्द खुलासा होगा।’ लेकिन जमशेदपुर वाले अब ‘जल्द’ पर नहीं, बल्कि ‘गश्ती’ पर यकीन करना चाहते हैं
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