Jamshedpur Body Recovered : बारीडीह में सुवर्णरेखा से निकल लापता युवक का शव

जमशेदपुर के बारीडीह में सुवर्णरेखा नदी से 45 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार युवक का शव बरामद, 2 दिन से था लापता। सिदगोड़ा थाना पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

Apr 16, 2026 - 14:30
Apr 16, 2026 - 14:32
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Jamshedpur Body Recovered : बारीडीह में सुवर्णरेखा से निकल लापता युवक का शव
Jamshedpur Body Recovered : बारीडीह में सुवर्णरेखा से निकल लापता युवक का शव

जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बारीडीह में गुरुवार सुबह सन्नाटा चीख उठा। सुवर्णरेखा नदी के शांत जल में एक शव तैरता देख लोगों के होश उड़ गए। यह कोई और नहीं, बल्कि आदर्श नगर निवासी संतोष कुमार (45) था – जो पिछले दो दिनों से लापता था। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी और उसकी शादी भी नहीं हुई थी। सवाल उठता है – आखिर वह नदी के किनारे कैसे पहुँचा? क्या यह महज एक दुर्घटना है या फिर कोई और रहस्य इसके पीछे छिपा है?

सुवर्णरेखा नदी : सिर्फ पानी नहीं, कई कहानियाँ

जमशेदपुर की जीवनरेखा कही जाने वाली सुवर्णरेखा नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं है। इस नदी के इतिहास में कई रहस्य दफन हैं। कहा जाता है कि इस नदी का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ कभी सोने की रेत मिलती थी। लेकिन पिछले कुछ दशकों में इस नदी ने कई लाशों को अपनी गोद में छुपाया है। 1990 के दशक में इसी नदी में कई अज्ञात शव मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि हर साल बरसात के मौसम में यहाँ एक-दो लाशें जरूर मिलती हैं। लेकिन इस बार की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया क्योंकि मृतक मानसिक रूप से बीमार था।

क्या है पूरा मामला? 15 अप्रैल की रात से शुरू हुआ सिलसिला

संतोष कुमार 15 अप्रैल की रात से अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसे खोजने की पूरी कोशिश की। रिश्तेदारों के घर, आसपास के इलाके, अस्पताल – हर जगह तलाश की गई। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। दो दिन बीत चुके थे और अब उम्मीद की किरण भी धुंधली पड़ने लगी थी।

गुरुवार सुबह – परिजन किसी और ही उम्मीद में बारीडीह के पास सुवर्णरेखा नदी के किनारे पहुँचे। उन्होंने क्या देखा? यकीन करना मुश्किल था। संतोष का शव पानी में तैर रहा था। एक बार जिसकी तलाश में वे दिन-रात भटक रहे थे, वह अब सामने था – लेकिन बेजान।

पुलिस की कार्रवाई : डूबने की आशंका, इंतजार पोस्टमार्टम का

परिजनों की चीख सुन आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। तुरंत इसकी सूचना सिदगोड़ा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस ने प्राथमिक जांच में आशंका जताई है कि युवक की मौत डूबने से हुई है। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वह नदी में गिरा या कूदा? क्या कोई और वजह थी? पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

परिजनों का दर्द और क्षेत्र में सनसनी

संतोष कुमार की शादी नहीं हुई थी और वह पिछले कई सालों से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था। परिजन बताते हैं कि उसका इलाज चल रहा था, लेकिन कभी-कभी वह घर से निकल जाता था। पहले भी कई बार वह गायब हुआ, लेकिन कुछ घंटों बाद वापस लौट आता था। इस बार ऐसा नहीं हुआ।

इस घटना के बाद पूरे बारीडीह और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। लोग सुबह-सुबह नदी के किनारे जाने से डर रहे हैं। कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि रात के अंधेरे में नदी के किनारे अक्सर संदिग्ध गतिविधियाँ होती हैं। एक स्थानीय ने बताया, "यह पहली बार नहीं है। पिछले साल भी यहाँ एक अज्ञात शव मिला था, लेकिन उस मामले का कभी पता नहीं चला।"

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? मानसिक रोगियों के लिए यह एक चेतावनी

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों की मानसिक हालत ठीक नहीं होती, उनके अचानक घर से निकल जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। परिजनों को चाहिए कि वे ऐसे लोगों पर विशेष नजर रखें और उनकी पहचान के लिए कोई आईडी कार्ड या बैंड जरूर लगवाएं।

लेकिन सवाल यही है कि क्या संतोष के साथ हुआ महज एक हादसा था? या फिर इसके पीछे कोई और वजह थी? पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक ये सवाल अनुत्तरित ही रहेंगे।

आपके लिए सवाल (सिर्फ विचार के लिए)

क्या आपको लगता है कि सुवर्णरेखा नदी में हर साल शव मिलना एक संयोग है या फिर इस नदी का कोई और रहस्य है? क्या पुलिस को नदी के आसपास निगरानी बढ़ानी चाहिए?

फिलहाल सिदगोड़ा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम आपको जरूर बताएंगे।

क्योंकि हर शव के पीछे एक कहानी होती है – और उस कहानी तक पहुँचने का हक हर किसी को है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।