Chakulia Accident: रेलवे ठेकेदार की लापरवाही से करंट दौड़ा सड़क पर, सांढ़ की मौत और बकरियों की जान बाल-बाल बची
चाकुलिया के नया बाजार में रेलवे कार्य की लापरवाही से सड़क पर करंट दौड़ गया। सांढ़ की मौके पर मौत, दो बकरियां तड़पती रहीं, जेएलकेएम नेता की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना।
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के नया बाजार स्थित सुभाष चौक पर शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। यह हादसा न केवल एक सांढ़ की मौत का कारण बना बल्कि रेलवे ठेकेदार की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर गया।
करंट से सांढ़ की मौत, बकरियां तड़पती रहीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईमास्ट लाइट में बिजली की सप्लाई देने वाले तार से अचानक करंट सड़क पर फैल गया। इसी दौरान सड़क पार कर रहा एक सांढ़ इसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इतना ही नहीं, उसी समय गुजर रही दो बकरियां भी करंट की चपेट में आकर तड़पने लगीं। स्थिति इतनी भयावह थी कि स्थानीय लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे।
जेएलकेएम नेता ने दिखाया साहस
इस खतरनाक पल में जेएलकेएम नेता दुर्गा पद घोष ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल बिजली का कनेक्शन हाईमास्ट लाइट से बंद किया और बकरियों की जान बचा ली। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह करंट किसी राहगीर की चपेट में आता तो घटना कहीं ज्यादा भयावह हो सकती थी।
लापरवाही का बड़ा उदाहरण
मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे द्वारा कुछ दिन पहले ही इस स्थल पर पुलिया का निर्माण कार्य किया गया था। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने सड़क पर गड्ढा खोद दिया था, लेकिन उसे ठीक से भरा नहीं गया। इसके कारण बिजली का तार ढीला होकर सड़क पर आ गया और यह दर्दनाक हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना ठेकेदार की घोर लापरवाही का परिणाम है, जिसकी कीमत एक निर्दोष पशु को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
ग्रामीणों का आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते दुर्गा पद घोष ने बिजली कनेक्शन नहीं काटा होता, तो आज किसी इंसान की भी जान जा सकती थी। ग्रामीणों ने इस मामले में संवेदक और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हादसे ने उठाए बड़े सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहली बार नहीं है जब चाकुलिया में इस तरह की घटनाएं हुई हों। पिछले कुछ वर्षों में भी कई बार सड़क किनारे बिजली के खुले तार और लापरवाह निर्माण कार्यों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इतिहास बताता है कि 2018 में चाकुलिया प्रखंड के ही एक गांव में बिजली तार की चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोग इस घटना को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब रेलवे के ठेकेदार काम कर रहे थे, तब उनके काम की निगरानी क्यों नहीं की गई? क्या सुरक्षा नियम केवल कागजों तक ही सीमित हैं?
विशेषज्ञों की राय
विद्युत विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हादसे तब होते हैं जब अर्थिंग सिस्टम कमजोर होता है और तारों का रखरखाव समय पर नहीं किया जाता। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी से करंट आसानी से जमीन में फैल जाता है और बड़े हादसे का कारण बनता है।
चाकुलिया के नया बाजार में हुआ यह हादसा चेतावनी है कि लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। सांढ़ की जान जाने और बकरियों के तड़पने की घटना ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। सवाल यह है कि क्या इस बार जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार अपनी गलती से सबक लेंगे, या फिर ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी।
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