Ghatshila Action: जंगल में पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक! घाटशिला उपचुनाव से पहले गालूडीह में शराब की अवैध भट्टियां ध्वस्त, 600 किलो महुआ नष्ट, अवैध शराब के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
घाटशिला उपचुनाव को देखते हुए गालूडीह पुलिस ने बाघुड़िया और चाढ़री गांव के जंगल में अवैध शराब की भट्टियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया। दो भट्टियां नष्ट करके लगभग 600 किलो अवैध जावा महुआ और 18 लीटर चुलाई शराब विनष्ट किया गया। थाना प्रभारी ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
झारखंड में चुनाव से पहले अवैध गतिविधियों पर नकेल कसना प्रशासन की प्राथमिकता होती है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें। घाटशिला उपचुनाव के मद्देनजर, गालूडीह पुलिस ने अवैध शराब के कारोबारियों पर एक बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। शनिवार को गालूडीह थाना क्षेत्र के बाघुड़िया और चाढ़री गांव के पास घने जंगलों में चलाई गई छापेमारी में, पुलिस ने अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क को नष्ट कर दिया।
भारत में चुनावी इतिहास गवाह है कि चुनावों के दौरान अवैध शराब और नकद का इस्तेमाल मतदाताओं को लुभाने के लिए किया जाता है। इसी खतरे को भांपते हुए गालूडीह पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून का पालन है, बल्कि यह उपचुनाव की शुचिता को बनाए रखने की दिशा में भी एक अहम कदम है।
जंगल में ध्वस्त हुई अवैध भट्टियां
गालूडीह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाघुड़िया और चाढ़री गांवों से सटे जंगल में अवैध चुलाई शराब की भट्टियां चलाई जा रही हैं।
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दो भट्टियां नष्ट: पुलिस ने तुरंत छापेमारी अभियान शुरू किया और मौके पर चलाई जा रही दो अवैध चुलाई शराब भट्टियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
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बड़ी मात्रा में विनष्ट: इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल लगभग 600 किलो अवैध जावा महुआ विनष्ट किया, जिससे अवैध शराब बनने की सामग्री पूरी तरह से खत्म हो गई। इसके अलावा, तैयार की गई करीब 18 लीटर चुलाई महुआ शराब भी विनष्ट की गई।
चुनाव तक जारी रहेगा अभियान
थाना प्रभारी अंकु कुमार ने बताया कि यह छापेमारी विशेष रूप से घाटशिला उपचुनाव के मद्देनजर की गई है।
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कड़ी चेतावनी: थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि गालूडीह पुलिस द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका मकसद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाए रखना और किसी भी अवैध गतिविधि को चुनावों को प्रभावित करने से रोकना है।
पुलिस की इस सक्रियता से अवैध शराब के धंधेबाजियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह कार्रवाई सिर्फ चुनाव तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भी चलती रहेगी ताकि जहरीली शराब के कारण होने वाली घटनाओं पर रोक लग सके।
आपकी राय में, चुनावी क्षेत्रों में अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस और चुनाव आयोग को कौन से दो सबसे प्रभावी और कड़े अंतरविभागीय कदम उठाने चाहिए?
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