Chakardharpur Accident: ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया विरोध, जानें क्या है पूरा मामला!
चक्रधरपुर के खुंटपानी प्रखण्ड में सड़क दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने किया विरोध, पीड़ित परिवार ने मुआवजे की मांग की, जानें ताजातरीन अपडेट।

चक्रधरपुर के खुंटपानी प्रखण्ड स्थित लोहरदा पंचायत के सामने सोमवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें मोटाई जामुदा के पुत्र रवि जामुदा की मौत हो गई। हादसा चाईबासा-चक्रधरपुर मुख्य सड़क एनएच 75 पर हुआ, जिसने न सिर्फ परिवार को झकझोर दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
दुर्घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और मंगलवार को भी उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिससे सड़क यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। घटनास्थल पर पहुंची चाईबासा पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।
पीड़ित परिवार की मुआवजे की मांग
रवि जामुदा की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार ने सरकारी अधिकारियों से कई मांगें की हैं। परिवार का कहना है कि रवि जामुदा की मौत से उनका जीवन पूरी तरह से पलट गया है और अब उन्हें मुआवजा राशि की आवश्यकता है। उन्होंने 12 लाख रुपये का मुआवजा, मृतक के श्राद्ध कर्म के लिए अतिरिक्त राशि और एक परिवार सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस हादसे में न सिर्फ एक परिवार का नुकसान हुआ है, बल्कि पूरे गांव को सुरक्षा के मामलों में भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सड़क पर गाड़ियों की तेज रफ्तार और खराब सड़क की स्थिति के कारण हादसा हुआ, जिसके बाद वे सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
चाईबासा पुलिस का प्रयास
सड़क जाम के बाद चाईबासा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से शांतिपूर्वक बात करने का प्रयास किया। हालांकि, हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से देख रहे हैं और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क की सुरक्षा और स्थिति को लेकर जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई और हादसा न हो।
क्या है दुर्घटना का इतिहास और सड़क सुरक्षा का मुद्दा?
सड़क दुर्घटनाएं देशभर में एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं, खासकर गांवों और छोटे कस्बों में जहां सड़कें संकरी और मरम्मत की हालत में नहीं रहतीं। एनएच 75 जैसी मुख्य सड़कें जहां गाड़ियों की तेज रफ्तार होती है, वहां दुर्घटनाओं का जोखिम और भी बढ़ जाता है। यह घटना चक्रधरपुर में पहले भी ऐसी घटनाओं की याद दिलाती है, जहां लापरवाही के कारण जिंदगियां प्रभावित होती हैं।
क्या सरकार पीड़ित परिवार की मांगों पर ध्यान देगी?
सड़क जाम और ग्रामीणों का आक्रोश यह बताता है कि इस घटना के बाद स्थानीय लोग अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या राज्य सरकार पीड़ित परिवार की मांगों पर कार्रवाई करेगी और क्या सड़क सुरक्षा पर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
आखिरकार, इस घटना के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
What's Your Reaction?






