Maharashtra Politics 2025: देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच बढ़ी तकरार, 20 विधायक हैं जिम्मेदार , सरकार गिरने का मंडरा रहा खतरा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच खींचतान चल रही है। जिसके लिए 20 विधायक जिम्मेदार ठहराए गए है। विपक्ष जल्द ही सरकार गिरने का आरोप लगा रहा है।

महाराष्ट्र पॉलिटिक्स न्यूज: अगर आम भाषा में कहें तो महाराष्ट्र सरकार को सत्ता में आए अभी चार दिन भी नही हुए है। और सरकार के अंदर ही मनमुटाव शुरू होने की खबरें सामने आने लगी है। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिसका असर सीएम के एक फैसले के बाद देखा गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे गुट के 20 विधायकों की सुरक्षा में भारी कटौती कर दी है। इन विधायकों के पास पहले Y+ सुरक्षा व्यवस्था दी। जिसे घटाकर अब सिर्फ एक पुलिस कांस्टेबल तक सीमित कर दिया गया है। जिसके बाद से सरकार के अंदर खींचतान शुरू हो गई है।
क्यों लिया गया ये फैसला
महाराष्ट्र में पिछले साल यानी 2024 में विधानसभा चुनाव हुए थे। जहां महाराष्ट्र की महायुति ने 230 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसमें बीजेपी 132, शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट की पार्टी ने 57 और अजीत पवार की पार्टी एनसीपी ने 41 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। तब वर्तमान के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की जगह नई सरकार के रूप में देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया गया था। और एकनाथ शिंदे को डिप्टी सीएम दिया गया। इसके बाद से एकनाथ शिंदे अंदर से खुश नहीं दिखे। और अभी तक उनका यही हाल है। अब देवेंद्र फडणवीस ने सुरक्षा सिर्फ एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों की नहीं हटाई बल्कि सीएम ने इसे बैलेंस करने के लिए बीजेपी और एनसीपी की सुरक्षा भी हटा ली है। लेकिन शिंदे के मुकाबले इनकी संख्या कम है। महाराष्ट्र में ग्रह मंत्रालय देवेंद्र फडणवीस के हाथों में ही है।
एकनाथ शिंदे ने बुलाई बैठक
जानकारी के मुताबिक एकनाथ शिंदे ने आज शाम 5 बजे सभी नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में विधायको के साथ सांसद,युवा नेता और सीनियर्स लीडर्स शामिल होंगे। क्योंकि इससे पहले रायगढ़ और नासिक जिलों के सरक्षक को लेकर विवाद हुआ था। शिंदे गुट के विधायकों ने विरोध किया था तो सीएम ने फिर रोक लगा दी थी। कल एकनाथ शिंदे ने उधोग विभाग की समीक्षा बैठक की। जबकि सीएम ने पिछले महीने ही इसकी बैठक की थी। एकनाथ शिंदे सरकार के नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। इसलिए वो मीडिया में आने से बचते है। शिंदे कुंभ मेले की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे। ये बैठक खुद मुख्यमंत्री ने की थी।
What's Your Reaction?






