Chaibasa Fire: चाईबासा के रिहायशी इलाके में आधी रात को तांडव, नर्सिंग होम के पास मची अफरा-तफरी, दमकल ने टाला बड़ा हादसा
चाईबासा के न्यू कॉलोनी टुंगरी में शुक्रवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। डॉ. ओम कुमारी नर्सिंग होम के पास भड़की लपटों ने मिक्सर मशीन को चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की मुस्तैदी से घनी आबादी वाले क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा/पश्चिमी सिंहभूम, 7 मार्च 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के व्यस्त और घनी आबादी वाले न्यू कॉलोनी टुंगरी इलाके में शुक्रवार की रात काल बनकर आई। डॉ. ओम कुमारी नर्सिंग होम के ठीक पास अचानक भड़की आग ने पूरे मोहल्ले की नींद उड़ा दी। लपटें इतनी तेज थीं कि पास खड़ी एक मिक्सर मशीन भी इसकी चपेट में आ गई। गनीमत रही कि अग्निशमन विभाग ने समय रहते मोर्चा संभाला, वरना रिहायशी इलाका होने के कारण कोई बड़ी अनहोनी घट सकती थी।
आधी रात को 'लपटों' का कहर
घटना शुक्रवार देर रात की है, जब मोहल्ले के अधिकांश लोग गहरी नींद में थे।
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अचानक भड़की आग: नर्सिंग होम के पास मौजूद सूखे पत्तों और कचरे के ढेर में चिंगारी उठी और देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया।
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मिक्सर मशीन स्वाहा: आग की चपेट में वहां खड़ी एक निर्माण कार्य वाली मिक्सर मशीन आ गई, जिससे लपटों की ऊंचाई और बढ़ गई।
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दहशत का माहौल: आसपास के घरों में रहने वाले लोग धुएं और गर्मी से जाग गए। घनी आबादी होने के कारण डर था कि आग कहीं गैस सिलेंडरों या बिजली के तारों तक न पहुँच जाए।
कांग्रेस नेता की पहल और दमकल की दौड़
संकट की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत कांग्रेस नेता और सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय को फोन किया।
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त्वरित सूचना: त्रिशानु राय ने बिना समय गंवाए पश्चिमी सिंहभूम के फायर ऑफिसर को सूचना दी और घटनास्थल की गंभीरता समझाई।
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मशक्कत भरा ऑपरेशन: चाईबासा अग्निशमन विभाग की टीम दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुँची। सूखे पत्तों का ढेर होने के कारण आग बार-बार सुलग रही थी, लेकिन दमकल कर्मियों की कड़ी मेहनत ने आग को फैलने से रोक लिया।
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बड़ा बचाव: नर्सिंग होम पास होने के कारण मरीजों की सुरक्षा भी दांव पर थी, जिसे सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया गया।
चाईबासा और टुंगरी: एक ऐतिहासिक झरोखा
चाईबासा न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि झारखंड की राजनीति और शिक्षा के केंद्र के रूप में भी जाना जाता है।
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टुंगरी का महत्व: टुंगरी इलाका चाईबासा के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने रिहायशी क्षेत्रों में से एक है। यहाँ की 'न्यू कॉलोनी' में कई महत्वपूर्ण संस्थान और डॉक्टरों के क्लिनिक हैं।
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अग्निशमन की चुनौतियां: चाईबासा जैसे पुराने शहरों की गलियां संकरी हैं। ऐसे में दमकल विभाग की तत्परता और समय पर पहुँचना अपने आप में एक उपलब्धि है। शहर की बसावट ऐसी है कि एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े अग्निकांड का रूप ले सकती है।
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त्रिशानु राय का सामाजिक सरोकार: इलाके में किसी भी आपदा के समय सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता चाईबासा की उस पुरानी परंपरा को दर्शाती है जहाँ समाज एक-दूसरे की मदद के लिए खड़ा रहता है।
हादसे के बाद प्रशासन की चेतावनी
आग बुझने के बाद मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली और दमकल विभाग के साथ-साथ त्रिशानु राय का आभार जताया। त्रिशानु राय ने अग्निशमन टीम की सराहना करते हुए लोगों से अपील की है:
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कचरा न जलाएं: गर्मी का मौसम दस्तक दे रहा है, ऐसे में सूखे पत्तों और कचरे के ढेर में आग न लगाएं।
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सावधानी बरतें: अस्पताल या घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पास ज्वलनशील पदार्थ न छोड़ें।
घटना का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| घटनास्थल | डॉ. ओम कुमारी नर्सिंग होम के पास, टुंगरी |
| शहर/जिला | चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम |
| प्रमुख नुकसान | एक मिक्सर मशीन और अन्य सामान |
| सहयोग | कांग्रेस नेता त्रिशानु राय एवं अग्निशमन विभाग |
| वर्तमान स्थिति | आग पूरी तरह काबू में, स्थिति सामान्य |
समय पर कार्रवाई ने बचाई जानें
चाईबासा की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आपदा प्रबंधन में 'समय' ही सबसे बड़ा कारक है। यदि दमकल की गाड़ी 10 मिनट भी देरी से पहुँचती, तो आग नर्सिंग होम की मुख्य इमारत तक पहुँच सकती थी। टुंगरी के निवासियों के लिए यह रात किसी डरावने सपने जैसी थी, जिसका अंत सुरक्षित हुआ।
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