Potka Terror: पोटका में मानसिक विक्षिप्त युवक-युवती को ग्रामीणों ने खंभे से बांधा, बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने बचाई जान

पोटका के रसुनचोपा गांव में बच्चा चोरी की अफवाह ने हिंसक रूप ले लिया। ग्रामीणों ने चाईबासा के एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक और युवती को पकड़कर जमकर पीटा। कोवाली पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों को बचाया। अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील।

Mar 7, 2026 - 13:51
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Potka Terror:  पोटका में मानसिक विक्षिप्त युवक-युवती को ग्रामीणों ने खंभे से बांधा, बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने बचाई जान
Potka Terror: पोटका में मानसिक विक्षिप्त युवक-युवती को ग्रामीणों ने खंभे से बांधा, बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने बचाई जान

पोटका/पूर्वी सिंहभूम, 7 मार्च 2026 – झारखंड के ग्रामीण इलाकों में 'बच्चा चोरी' की आग की तरह फैलती अफवाहें अब मासूमों और लाचारों के लिए काल बनने लगी हैं। ताजा मामला पोटका प्रखंड के कोवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रसुनचोपा गांव का है, जहाँ शनिवार सुबह भारी बवाल हुआ। अफवाह के चलते ग्रामीणों ने एक युवक और एक युवती को बच्चा चोर समझकर बंधक बना लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। मौके पर पहुँची कोवाली पुलिस ने किसी तरह भीड़ के चंगुल से दोनों को छुड़ाया, वरना यहाँ एक बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना घट सकती थी।

शनिवार की सुबह और दहशत का शोर

रसुनचोपा और आसपास के गांवों में शुक्रवार रात से ही यह चर्चा थी कि क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं।

  • संदिग्धों की मौजूदगी: शनिवार सुबह ग्रामीणों ने एक युवक और युवती को गांव की गलियों में भटकते देखा।

  • अफवाह का असर: क्षेत्र में पहले से ही बच्चा चोरी की खबरें हवा में तैर रही थीं। अनजान चेहरों को देखते ही ग्रामीणों का शक यकीन में बदल गया।

  • भीड़ का इंसाफ: ग्रामीणों ने दोनों को घेर लिया और पूछताछ शुरू की। जब डरे-सहमे युवक-युवती कुछ बोल नहीं पाए, तो भीड़ उग्र हो गई और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

पुलिस की एंट्री: सच्चाई जानकर उड़े होश

घटना की सूचना मिलते ही कोवाली थाना प्रभारी धनन्जय पासवान दल-बल के साथ रसुनचोपा पहुँचे। उन्होंने भीड़ को समझा-बुझाकर दोनों को हिरासत में लिया।

  1. मानसिक स्थिति: पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पकड़े गए युवक और युवती चाईबासा क्षेत्र के रहने वाले हैं और दोनों ही मानसिक रूप से विक्षिप्त (Mentally Ill) हैं।

  2. भटक कर पहुँचे: विक्षिप्त होने के कारण वे रास्ता भटक कर कोवाली क्षेत्र में आ गए थे। उन्हें खुद नहीं पता था कि वे कहाँ हैं और क्यों हैं।

  3. परिजनों की तलाश: पुलिस अब चाईबासा पुलिस से संपर्क कर उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पोटका और कोवाली: अफवाहों का डरावना इतिहास

पोटका क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाहों का इतिहास काफी रक्तरंजित और दुखद रहा है।

  • कोल्हान का काला साया: साल 2017 में इसी तरह की अफवाहों के कारण पोटका के राजनगर इलाके में मॉब लिंचिंग की ऐसी घटना हुई थी जिसने पूरे देश को हिला दिया था। तब से प्रशासन लगातार जागरूक है, लेकिन ग्रामीणों का मनोविज्ञान अब भी अफवाहों के वश में है।

  • सर्वेयर पर हमला: अभी कुछ ही दिन पहले मानपुर पंचायत में ग्रामीणों ने एक सरकारी सर्वेयर को भी बच्चा चोर समझकर दबोच लिया था।

  • शिक्षा की कमी और सोशल मीडिया: ग्रामीण क्षेत्रों में व्हाट्सएप पर आने वाले फर्जी वीडियो और मैसेज आग में घी डालने का काम करते हैं, जिससे लोग अनजान लोगों को देखते ही हिंसक हो जाते हैं।

थाना प्रभारी की चेतावनी: "कानून हाथ में न लें"

कोवाली थाना प्रभारी धनन्जय पासवान ने ग्रामीणों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी सूरत में कानून को अपने हाथ में न लें।

  • पुलिस को करें फोन: यदि कोई अनजान व्यक्ति संदिग्ध लगता है, तो उसे डराने-धमकाने या पीटने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।

  • हेल्पलाइन नंबर: प्रशासन ने विशेष नंबर 9430774639 एवं 6206648709 जारी किए हैं, जिस पर ग्रामीण 24 घंटे सूचना दे सकते हैं।

  • कड़ी कार्रवाई: पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वाले और मारपीट करने वाले लोगों को चिन्हित कर उन पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।

वारदात का विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
घटनास्थल रसुनचोपा गांव, कोवाली (पोटका)
पीड़ित चाईबासा निवासी मानसिक विक्षिप्त युवक-युवती
वजह बच्चा चोरी की अफवाह
थाना प्रभारी धनन्जय पासवान
वर्तमान स्थिति दोनों पुलिस की सुरक्षा में, स्थिति शांत

अफवाहें जान लेती हैं, सच जानें

पोटका की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि एक गलत सूचना किसी निर्दोष की जान कैसे ले सकती है। मानसिक रूप से बीमार दो लोग, जिन्हें देखभाल की जरूरत थी, उन्हें समाज ने 'हैवान' समझकर पीट दिया। यह समय है कि हम सोशल मीडिया की खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और इंसानियत को जिंदा रखें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।