Chaibasa Cyber Fraud: जीवन प्रमाण पत्र अपडेट के नाम पर 16 लाख की ठगी, देवघर से बदमाश गिरफ्तार
चाईबासा में बड़ा साइबर कांड! 16.92 लाख रुपये ठगने वाला आरोपी देवघर से पकड़ा गया। किस तकनीक से हुई गिरफ्तारी? क्यों अपडेट कराना पड़ा जीवन प्रमाण पत्र, और कौन है मास्टरमाइंड? जानें पुलिस की अपील और 1930 टोल फ्री नंबर का उपयोग।
चाईबासा, 6 दिसंबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में हुए एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला कालाजोड़ी गांव के एक व्यक्ति से 16 लाख 92 हजार रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित है। गिरफ्तार आरोपी मो० सकीर अंसारी है, जो झारखंड के देवघर जिले के रघुनाथपुर का रहने वाला है।
जीवन प्रमाण पत्र अपडेट के नाम पर हुई ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चाईबासा के पोखारी गांव निवासी परमेश्वर पुरती नामक व्यक्ति को निशाना बनाया था। साइबर बदमाश ने उन्हें जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने के बहाने से फंसाया और बड़ी रकम की ठगी की। पेंशनरों को अक्सर इस प्रकार के अपडेट की आवश्यकता होती है, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।
तकनीकी और सीसीटीवी से गिरफ्तारी
इस धोखाधड़ी के संबंध में मुफ्फसिल थाना में मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने एक विशेष छापामारी टीम गठित की।
-
विवादित खाता: गठित दल ने तत्काल साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर संपर्क किया और संबंधित विवादित बैंक खाते को रुकवाकर उसकी पहचान सुनिश्चित की।
-
तकनीकी सबूत: इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मो० सकीर अंसारी को देवघर से गिरफ्तार कर लिया गया।
अपराधी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से इस अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी जब्त किया गया है। आरोपी ने जांच के दौरान अपनी संलिप्ता स्वीकार की और अन्य साइबर अपराधियों की संलिप्ता के बारे में भी बताया।
आपराधिक इतिहास: पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी मो० सकीर अंसारी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी एक साइबर कांड में जेल जा चुका है। गिरफ्तार व्यक्ति की उम्र करीब 20 वर्ष है।
पुलिस ने अन्य फरार अपराधियों के विरुद्ध भी छापामारी जारी रखी है।
पुलिस की आम जनता से अपील
चाईबासा पुलिस ने आम लोगों से सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि अंजान व्यक्तियों का कॉल आने पर अपना निजी डाटा यानी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी के झांसे में आकर अपना बैंक खाता या एटीएम कार्ड इस्तेमाल करने के लिए न दें।
What's Your Reaction?


