Dhanbad Murder: शहाबुद्दीन हत्याकांड में 2 गिरफ्तार, प्रिन्स खान गैंग का खुला कनेक्शन
धनबाद के चर्चित शहाबुद्दीन हत्याकांड का बड़ा पर्दाफाश! बमकर चौधरी और दीपक वर्मा गिरफ्तार। कौन है दीपक वर्मा, जो बाहरी शूटरों को छिपाता था? प्रिन्स खान गिरोह से क्या संबंध है? जानें लेवी वसूली के काले धंधे का पूरा सच।
धनबाद, 6 दिसंबर 2025 – धनबाद में बीते साल 1 अक्टूबर को असफी अस्पताल के सामने हुए मोहम्मद शहाबुद्दीन सिद्धिकी हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। इस चर्चित मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की यह तेज कार्रवाई गिरोहों के बीच बढ़ते टकराव और अपराध की गंभीरता को दर्शाती है।
गुप्त सूचना पर पहला आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद से ही पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी थी। हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली कि इस मामले में वांछित बमकर चौधरी उर्फ पंकजकर चौधरी शहर में छिपा हुआ है।
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विशेष दल का गठन: इस सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई। 5 दिसंबर की शाम को शहर के विभिन्न इलाकों में छापामारी करते हुए बमकर चौधरी को दबोच लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने न केवल हत्याकांड में अपनी संलिप्ता स्वीकार की, बल्कि यह भी बताया कि बाहर से आने वाले शूटरों को धनबाद में ठहराने और उन्हें सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने का कार्य दीपक वर्मा नामक व्यक्ति करता था।
प्रिन्स खान गिरोह का गुर्गा दीपक वर्मा भी गिरफ्तार
बमकर चौधरी के इस खुलासे के आधार पर पुलिस ने अगले ही दिन, 6 दिसंबर की सुबह, कार्रवाई करते हुए दीपक वर्मा को भी उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने एक और बड़ा राज खोला।
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लेवी वसूली का सच: दीपक वर्मा ने स्वीकार किया कि वह प्रिन्स खान गिरोह से जुड़ा हुआ है। उसका कार्य बाहर से आने वाले शूटरों के रहने-खाने की व्यवस्था करने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों से लेवी वसूली करके उसे विभिन्न माध्यमों से गिरोह तक पहुंचाना भी था।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार बमकर चौधरी पूर्व में भी हत्या सहित कई गंभीर मामलों में आरोप पत्रित हो चुका है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार अपराधियों की तलाश में और तेजी से कार्रवाई कर रही है।
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