Bihar Band 2025 : पटना में कोहराम! पीएम मोदी की मां के अपमान पर बिहार बंद, सड़कों पर हंगामा!
बिहार बंद 2025: पीएम मोदी की मां के अपमान पर पटना में बीजेपी समर्थकों का सड़क जाम, इनकम टैक्स गोलंबर पर हंगामा। क्या इस बंद से आम जनता को परेशानी हुई? पूरी खबर पढ़ें।
बिहार बंद 2025: पीएम मोदी की मां के अपमान पर पटना में हंगामा, सड़कों पर बवाल
पटना, 4 सितंबर 2025 – गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया, जो सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। यह बंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय मां हीराबेन मोदी के खिलाफ दरभंगा में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में बुलाया गया था। बीजेपी की महिला मोर्चा और एनडीए की अन्य महिला इकाइयों के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने पटना के इनकम टैक्स गोलंबर जैसे प्रमुख स्थानों पर भारी अव्यवस्था पैदा की।
इनकम टैक्स गोलंबर पर भारी हंगामा
पटना के हृदयस्थल कहे जाने वाले इनकम टैक्स गोलंबर पर बीजेपी समर्थकों ने बड़ी संख्या में सड़कों को जाम कर दिया। बेली रोड, डाकबंगला चौराहा, कोतवाली, पटना जंक्शन, गांधी मैदान और बोरिंग रोड जैसी प्रमुख सड़कों पर बांस और अन्य अवरोध लगाकर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया। कार्यकर्ताओं ने “मैं भी माँ हूँ, माँ का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, माँ का अपमान नहीं सहेगा बिहार” जैसे नारे लगाते हुए सड़कों को घेर लिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारी बसों और अन्य वाहनों के सामने लेट गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
इस बंद के कारण ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र और आम लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। कई लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखा कि प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। एक राहगीर ने गुस्से में कहा, “नेता आपस में लड़ते हैं और गले मिल लेते हैं, लेकिन इस तरह के बंद से आम जनता की जिंदगी परेशान होती है।”
आम लोगों से भिड़ंत और तनाव
प्रदर्शनकारियों और आम जनता के बीच कई जगहों पर तीखी बहस और मामूली झड़पें देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने सड़क जाम का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के बंद से उनकी दिनचर्या और कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, एनडीए ने दावा किया कि बंद शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सड़कों पर हुए हंगामे ने कई लोगों को परेशान किया। विरोध करने वालों का कहना था कि मां के अपमान के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन आम लोगों को परेशानी से बचाने की जरूरत है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “यह केवल प्रधानमंत्री की मां का अपमान नहीं, बल्कि हर मां का अपमान है। भारत में मां को देवी माना जाता है, और ऐसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बिहार और देश की संस्कृति पर हमला है।”
विवाद की पृष्ठभूमि
विवाद की शुरुआत दरभंगा में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान हुई, जहां मंच पर मौजूद एक नाबालिग ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। मंच पर कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पोस्टर लगे थे। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी और एनडीए नेताओं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हैं, ने इसकी कड़ी निंदा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर भावुक होकर कहा, “मेरी स्वर्गीय मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, फिर उनका अपमान क्यों? मैं उन्हें माफ कर सकता हूं, लेकिन बिहार की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।” उन्होंने कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन पर बिहार की सांस्कृतिक मान्यताओं और मां जंकी व छठी मइया जैसी आस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
दरभंगा पुलिस ने आरोपी रफीक उर्फ राजा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कार्यक्रम के आयोजक कांग्रेस नेता मोहम्मद नौशाद ने माफी मांगी और दावा किया कि यह टिप्पणी उनकी अनुपस्थिति में एक असंबद्ध व्यक्ति ने की थी। हालांकि, बीजेपी नेताओं रविशंकर प्रसाद और नितिन नबीन ने माफी को खारिज करते हुए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से जवाबदेही की मांग की।
शांतिपूर्ण बंद, रेल सेवाएं मुक्त
एनडीए ने स्पष्ट किया कि बंद शांतिपूर्ण रहेगा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं व रेल सेवाओं को इससे अलग रखा गया है। इसके बावजूद, सड़क मार्गों पर भारी अव्यवस्था देखी गई। एनडीए नेताओं ने जनता से सहयोग की अपील की और कहा कि यह बंद केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की अस्मिता और सामाजिक मूल्यों की रक्षा का सवाल है।
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