Bokaro Attack: बड़की पन्नू में हाथियों का खूनी तांडव, पति-पत्नी समेत एक ही परिवार के तीन लोगों को उतारा मौत के घाट, बोकारो में भारी दहशत
बोकारो के गोमिया में हाथियों के झुंड ने तड़के 3 बजे एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचलकर मार डाला। गंगवा करमाली, उनकी पत्नी और भाभी की दर्दनाक मौत और वन विभाग की लाचारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस भीषण वन्यजीव हमले की हकीकत से चूक जाएंगे।
बेरमो/बोकारो, 5 फरवरी 2026 – झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में गुरुवार की सुबह मौत बनकर आए हाथियों ने पूरे इलाके को शोक और दहशत में डुबो दिया। बड़की पन्नू गांव में तड़के करीब तीन बजे पांच हाथियों के एक झुंड ने धावा बोलकर एक ही परिवार के तीन लोगों को बेरहमी से कुचलकर मार डाला। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी भाभी शामिल हैं। यह घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि पीड़ित परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जंगल से सटे इस गांव में हाथियों के इस 'खूनी तांडव' ने वन विभाग की सुरक्षा तैयारियों और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तड़के 3 बजे का मंजर: जब घर के आंगन तक पहुँचे हाथी
जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर सीधे गंगवा करमाली के घर के आंगन तक पहुँच गया। भारी-भरकम कदमों की आहट और हाथियों की चिंघाड़ सुनकर घर के अंदर अफरा-तफरी मच गई।
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पहली शिकार: जान बचाने के लिए घर से बाहर भाग रहे गंगवा करमाली को एक हाथी ने सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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पत्नी की शहादत: पति की चीख सुनकर उन्हें बचाने दौड़ीं पत्नी कमली देवी को भी हाथियों ने नहीं बख्शा और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया।
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भाभी पर हमला: इसी बीच गंगवा की भाभी भगिया देवी ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथियों ने उन्हें घेरकर कुचल दिया।
इस हमले में परिवार का एक अन्य सदस्य भी घायल हुआ है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों का आक्रोश: "जंगल से सटा घर बना काल"
बड़की पन्नू गांव के निवासियों का कहना है कि मृतकों का घर जंगल के बिल्कुल मुहाने पर है। हाथियों के लिए गांव में प्रवेश करना बहुत आसान हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि हाथियों को तुरंत खदेड़ा जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
गोमिया हाथी हमला: मुख्य विवरण (Incident Summary)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | बड़की पन्नू गांव, गोमिया (बोकारो) |
| मृतकों की संख्या | 03 (गंगवा करमाली, कमली देवी, भगिया देवी) |
| हाथियों का झुंड | 05 हाथियों का दल |
| समय | गुरुवार तड़के 3:00 बजे |
| वर्तमान स्थिति | इलाके में वन विभाग की टीम तैनात, भारी तनाव |
वन विभाग की लाचारी या लापरवाही?
हादसे के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि टॉर्च, पटाखे और हाथियों को खदेड़ने के पारंपरिक तरीके अब नाकाम साबित हो रहे हैं। वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि देने का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों की मांग 'परमानेंट' समाधान की है।
मातम में डूबा बड़की पन्नू
एक ही घर से तीन अर्थियां उठने की खबर ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। बड़की पन्नू गांव में आज चूल्हा नहीं जला है। हर कोई इस डर में जी रहा है कि सूरज ढलने के बाद हाथी फिर से गांव का रुख न कर लें।
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