Xavier Public School Govindpur News : जेवियर पब्लिक स्कूल में मां शारदा का दिव्य आह्वान, बसंत पंचमी पर वैदिक मंत्रों से गूंजा परिसर, बच्चों ने किताबों के साथ लिया ज्ञान का अनमोल आशीर्वाद
छोटा गोविंदपुर के जेवियर पब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी पर आयोजित भव्य सरस्वती पूजा और छात्रों के बीच संस्कार और सृजनशीलता के नवीन ऊर्जा संचार की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। ग्रुप डायरेक्टर सुनील सिंह और प्रधानाचार्या निभा सिंह की मौजूदगी में हुए इस वैदिक अनुष्ठान की गौरवशाली परंपरा को विस्तार से पढ़िए वरना आप शिक्षा के मंदिर में मनाए गए इस अद्भुत उत्सव की इनसाइड स्टोरी जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/गोविंदपुर, 23 जनवरी 2026 – विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के जन्मोत्सव 'बसंत पंचमी' के अवसर पर लौहनगरी के छोटा गोविंदपुर स्थित जेवियर पब्लिक स्कूल में भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार की सुबह जब पूरा शहर बसंत की मंद बयार में सराबोर था, तब जेवियर पब्लिक स्कूल का प्रांगण वैदिक मंत्रोच्चारण की ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा। संस्थान ने बच्चों में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार और सृजनशीलता के बीज बोने के उद्देश्य से इस पावन पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया। पीले वस्त्रों में सजे छात्र-छात्राओं और भक्तिपूर्ण माहौल ने इस उत्सव को यादगार बना दिया।
वैदिक मंत्रों के बीच 'ज्ञान कुंभ' का आगाज
स्कूल प्रशासन ने इस वर्ष की पूजा को विशेष रूप से 'संस्कार उत्सव' के रूप में आयोजित किया।
-
अग्रणियों की मौजूदगी: विद्यालय के ग्रुप डायरेक्टर श्री सुनील सिंह, प्रधानाचार्या श्रीमती निभा सिंह और गोविंदपुर ब्रांच की डायरेक्टर श्रीमती रूपा महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
-
पुष्पांजलि और आशीर्वाद: शिक्षकों, अभिभावकों और नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने कतारबद्ध होकर मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। बच्चों ने अपनी पाठ्यपुस्तकों को मां के चरणों में रखकर बुद्धि, विवेक और एकाग्रता का आशीर्वाद मांगा।
-
संस्कारों का पाठ: पूजा के समापन के बाद शिक्षकों ने बच्चों को बसंत पंचमी के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से समझाया, जिससे छात्रों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का भाव जागृत हुआ।
इतिहास का पन्ना: गोविंदपुर के शैक्षिक विकास में सरस्वती पूजा की भूमिका
छोटा गोविंदपुर ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर के उन इलाकों में शामिल रहा है, जिसने औद्योगिक क्रांति के साथ-साथ 'ज्ञान क्रांति' को भी करीब से देखा है। 1970 और 80 के दशक में जब टाटानगर का विस्तार हुआ, तो गोविंदपुर के स्कूलों ने ही यहाँ के श्रमिक परिवारों के बच्चों को भविष्य के लिए तैयार किया। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर के स्कूलों में सरस्वती पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 'विद्यारंभ' का एक ऐतिहासिक कालखंड रहा है। जेवियर पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों ने इस परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर एक नया आयाम दिया है। पुराने समय में जहाँ पूजा केवल पंडालों तक सीमित थी, वहीं 2026 में यह 'सृजनशीलता' और 'नवीन ऊर्जा' के संचार का सशक्त माध्यम बन चुकी है, जो छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।
जेवियर पब्लिक स्कूल: सरस्वती पूजा हाइलाइट्स (Event Snapshot)
| विवरण | विशेष जानकारी (Details) |
| संस्थान | जेवियर पब्लिक स्कूल, छोटा गोविंदपुर |
| मुख्य तिथि | 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) |
| नेतृत्व | श्री सुनील सिंह (ग्रुप डायरेक्टर) |
| मुख्य उद्देश्य | ज्ञान, संस्कार और सृजनशीलता का संचार |
| समापन | प्रसाद वितरण एवं सांस्कृतिक चर्चा |
हर्ष और उल्लास के साथ प्रसाद वितरण
पूरा कार्यक्रम अनुशासन और श्रद्धा की मिसाल बना रहा। पूजा के अंत में विद्यालय परिसर में उपस्थित सैकड़ों अभिभावकों और बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
-
सामुदायिक एकता: इस आयोजन ने शिक्षकों और अभिभावकों के बीच एक मजबूत कड़ी का काम किया, जहाँ सभी ने मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
-
सृजनशीलता की प्रेरणा: प्रधानाचार्या निभा सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान वही है जो व्यक्ति को विनम्र और विचारशील बनाए। उन्होंने बसंत को नई शुरुआत का प्रतीक बताया।
-
सफलतापूर्वक संपन्न: कार्यक्रम के अंत में गोविंदपुर ब्रांच की डायरेक्टर रूपा महतो ने सभी का आभार व्यक्त किया।
विद्यार्थियों के लिए बसंत पंचमी का 'खास' संदेश
-
एकाग्रता (Concentration): मां सरस्वती की आराधना छात्रों को मानसिक शांति प्रदान करती है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के इस दौर में अत्यंत आवश्यक है।
-
कला और संगीत: यह पर्व केवल किताबी ज्ञान का नहीं, बल्कि संगीत और कला की रचनात्मकता को भी बढ़ावा देने का है।
-
सकारात्मक ऊर्जा: बसंत का पीला रंग छात्रों के जीवन में नई आशा और उमंग का संचार करता है।
संस्कार युक्त शिक्षा की ओर एक कदम
जेवियर पब्लिक स्कूल में आयोजित इस भव्य पूजा ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि एक चरित्रवान समाज का निर्माण करना है। गोविंदपुर की धरती पर आज ज्ञान की जो ज्योति जली है, वह निश्चित रूप से इन बच्चों के सुनहरे भविष्य को आलोकित करेगी।
What's Your Reaction?


