West Singhbhum Raid : 7 लाख का अवैध कफ सिरप जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 लाख रुपये से अधिक मूल्य का अवैध कफ सिरप जब्त किया और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। जानिए पूरी खबर।
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) : पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से 7 लाख रुपये से अधिक मूल्य का अवैध कफ सिरप जब्त किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और इस दौरान एक 407 मालवाहक वाहन से 3600 बोतल वनरेक्स कफ सिरप बरामद किया गया। यह खेप रांची से लोड कर जैंतगढ़ ले जाई जा रही थी।
कैसे हुई कार्रवाई?
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापामार दल गठित किया गया था। टीम ने वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसके बाद बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद किया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि जिले में अवैध नशे के कारोबार पर पुलिस लगातार पैनी नजर रखे हुए है।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
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राजेंद्र प्रधान (37 वर्ष), आनंदपुर निवासी, पिता केसर प्रधान
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अमरदीप लागुरी (31 वर्ष), जगन्नाथपुर के तोड़ांगहातु निवासी, पिता बुधराम लागुरी
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सुनील तिर्की (28 वर्ष), आनंदपुर थाना क्षेत्र के चारबंदिया गांव निवासी, पिता प्रेम तिर्की
पुलिस का कहना है कि ये तीनों आरोपी अवैध कफ सिरप की तस्करी में शामिल थे।
क्यों है खतरनाक यह कफ सिरप?
वनरेक्स कफ सिरप का इस्तेमाल चिकित्सकीय जरूरत के अलावा नशे के तौर पर बड़े पैमाने पर किया जाता है। खासकर युवाओं के बीच यह नशे की लत का कारण बन रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक इसका सेवन करने से लिवर, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। यही वजह है कि सरकार और पुलिस ऐसे मामलों में सख्ती बरत रही है।
पुलिस की सख्ती जारी
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की हर गतिविधि पर पुलिस की विशेष नजर है और आगे भी लगातार अभियान चलाए जाएंगे। फिलहाल, तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा हो सके।
हालिया कार्रवाई और पृष्ठभूमि
यह पहली बार नहीं है जब जिले में इस तरह का अवैध कफ सिरप पकड़ा गया हो। पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के विभिन्न जिलों में अवैध दवाओं और शराब की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशे के कारोबारियों ने कफ सिरप और अन्य नशीली दवाओं को खपाने का नया रास्ता खोज लिया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में संतोष है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि इस तरह की छापेमारी से युवाओं में फैल रही नशे की लत पर रोक लगेगी।
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