Dhatkidih Salute: धतकीडीह में विकास सिंह ने फहराया तिरंगा, बाबा साहेब के संविधान को बताया देश की असली ढाल, मेडिकल बस्ती में मना आजादी का जश्न
जमशेदपुर के धतकीडीह मेडिकल बस्ती में विकास सिंह द्वारा आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की शक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश को विस्तार से पढ़िए वरना आप बिष्टुपुर क्षेत्र में हुए इस सबसे जोशीले और ऐतिहासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम की झलक पाने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/बिष्टुपुर, 26 जनवरी 2026 – लौहनगरी के धतकीडीह स्थित मेडिकल बस्ती आज देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का, जहाँ भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगे की छांव में जब 'वंदे मातरम' के नारे गूँजे, तो पूरी बस्ती का माहौल ऊर्जा और गर्व से भर उठा। विकास सिंह ने न केवल झंडे को सलामी दी, बल्कि उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाई।
संविधान ही देश की सुरक्षा: विकास सिंह का ओजस्वी भाषण
ध्वजारोहण के बाद लोगों को संबोधित करते हुए विकास सिंह ने भारतीय संविधान और उसके शिल्पी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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बाबा साहेब का योगदान: उन्होंने कहा कि आज देश की आंतरिक स्थिति अगर सुरक्षित और स्थिर है, तो इसका श्रेय डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित महान संविधान को जाता है।
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सामाजिक समरसता: विकास सिंह ने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब ने 'सामाजिक समरसता' का जो मूल मंत्र दिया था, वही आज भारत की असली मजबूती है। बिना किसी भेदभाव के सबको समान अधिकार देना ही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है।
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मिठास भरा अंत: कार्यक्रम के समापन पर बच्चों और स्थानीय लोगों के बीच लड्डू, जलेबी और चॉकलेट का वितरण किया गया, जिससे छोटे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बस्ती के लोगों की एकजुटता
इस समारोह में धतकीडीह और बिष्टुपुर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और युवा शामिल हुए।
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मुख्य उपस्थिति: कार्यक्रम में चंदन मुखी, धीरज मुखी, विकास मुखी और मुनि मुखी जैसे स्थानीय युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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सहयोग: अधिवक्ता विनोद सिंह, शंकर मुखी, बाबू मुखी, लखन मुखी और मनीष मुखी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बनाया।
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युवा जोश: करण मुखी, सन्नी मुखी, पंकज गुप्ता और प्रवीण सिंह ने आयोजन की व्यवस्था संभालने में अहम भूमिका निभाई।
धतकीडीह गणतंत्र दिवस समारोह: मुख्य झलकियाँ (Event Highlights)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| मुख्य अतिथि | विकास सिंह (पूर्व भाजपा नेता) |
| स्थान | मेडिकल बस्ती, धतकीडीह (बिष्टुपुर) |
| प्रमुख संदेश | डॉ. अंबेडकर का संविधान और सामाजिक समरसता |
| विशेष आकर्षण | बच्चों के बीच जलेबी और मिठाई वितरण |
| सहभागी | मुखी समाज और स्थानीय अधिवक्ता |
इतिहास का पन्ना: धतकीडीह का सामाजिक ताना-बाना और गणतंत्र का महत्व
जमशेदपुर का धतकीडीह और बिष्टुपुर क्षेत्र शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक इलाकों में से एक है। इतिहास गवाह है कि टाटा स्टील की स्थापना के समय से ही यहाँ विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ मिलकर रहते आए हैं। 1950 में जब भारत का संविधान लागू हुआ, तब जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों में मजदूरों और पिछड़े वर्गों को जो अधिकार मिले, उनमें डॉ. अंबेडकर की दूरदर्शिता साफ झलकती थी। मेडिकल बस्ती जैसी जगहों पर गणतंत्र दिवस का मनाया जाना यह दर्शाता है कि बाबा साहेब का संविधान केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच चुका है। पिछले 77 वर्षों में इस बस्ती ने कई बदलाव देखे हैं, लेकिन तिरंगे के प्रति यहाँ के लोगों का सम्मान आज भी वैसा ही है जैसा आजादी के पहले दिन था।
समरसता का संकल्प
रीता मुखी और श्वेता मुखी जैसी महिला सदस्यों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी भी उतनी ही अनिवार्य है। विकास सिंह ने अपने संबोधन में अपील की कि हमें केवल एक दिन झंडा नहीं फहराना है, बल्कि संविधान में लिखी बातों को अपने दैनिक जीवन में उतारना है।
तिरंगे के मान में एक जुट बस्ती
धतकीडीह मेडिकल बस्ती में मनाया गया यह गणतंत्र दिवस इस बात का प्रमाण है कि जमशेदपुर का हर कोना देश की अखंडता के लिए समर्पित है। विकास सिंह के नेतृत्व में हुआ यह सफल आयोजन आपसी भाईचारे और संवैधानिक गौरव की एक नई मिसाल पेश कर गया।
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