क्या हुआ जब आदिवासी-मूलवासी समुदाय ने पारंपरिक हथियारों के साथ किया मानगो वन विभाग का घेराव?

जमशेदपुर के मानगो वन विभाग कार्यालय पर मंगलवार को आदिवासी-मूलवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक हरवे-हथियार के साथ घेराव किया और मुख्य सड़क जाम कर दी

Jul 2, 2024 - 16:15
Jul 2, 2024 - 17:15
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क्या हुआ जब आदिवासी-मूलवासी समुदाय ने पारंपरिक हथियारों के साथ किया मानगो वन विभाग का घेराव?
जमशेदपुर के मानगो वन विभाग कार्यालय पर मंगलवार को आदिवासी-मूलवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक हरवे-हथियार के साथ घेराव किया और मुख्य सड़क जाम कर दी

जमशेदपुर के मानगो वन विभाग कार्यालय पर मंगलवार को आदिवासी-मूलवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक हरवे-हथियार के साथ घेराव किया और मुख्य सड़क जाम कर दी। यह विरोध प्रदर्शन दलमा वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के नेता डांटू सिंह की गिरफ्तारी के खिलाफ था, जिन्हें जंगली सूअर मारने के आरोप में वन विभाग ने गिरफ्तार किया था।

डांटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद, चांडिल, नीमडीह, पटमदा, एमजीएम और बोड़ाम प्रखंड के हजारों ग्रामीण दलमा वन क्षेत्र प्रभावित संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट हुए। उन्होंने मानगो स्थित वन विभाग के कार्यालय का घेराव कर दिया, मांग करते हुए कि डांटू सिंह को बिना शर्त रिहा किया जाए। प्रदर्शन के चलते मानगो मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन गई।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नीमडीह के जिला परिषद सदस्य असित सिंह पात्र ने बताया कि डांटू सिंह निर्दोष हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने वन विभाग पर आरोप लगाया कि वे दलमा की तराई क्षेत्र में बसे ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं और दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के विकास के लिए सरकार द्वारा दिए गए धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। असित सिंह ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दलमा क्षेत्र में सरकारी राजस्व का बंदरबांट किया जा रहा है और इसका विरोध करने पर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन ने न केवल ग्रामीणों की नाराजगी को उजागर किया, बल्कि वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक डांटू सिंह को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।