West singhbhum Teacher Murder: पारा शिक्षक की पत्थर से कुचलकर हत्या, सिर्फ 'हड़िया' पीने को लेकर विवाद में 3 गिरफ्तार
पश्चिम सिंहभूम के टोंटो में पारा शिक्षक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा! सिर्फ 'हड़िया' पीने को लेकर हुए मामूली विवाद में 3 दोस्तों ने की हत्या। पुलिस ने खून लगे पत्थर और तकनीकी मदद से तीनों आरोपियों को दबोचा।
पश्चिम सिंहभूम, 1 दिसंबर 2025 – पश्चिम सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में हुए पारा शिक्षक की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला सिर्फ आपसी झगड़े और 'हड़िया' पीने को लेकर हुए मामूली विवाद के कारण हुआ था। पुलिस ने हत्या के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके कारागार भेज दिया है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि नशे की हालत में होने वाला छोटा सा विवाद भी कितना घातक हो सकता है।
'हड़िया' पर विवाद, पत्थर से कुचलकर हत्या
पुलिस के सामने पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि पारा शिक्षक की हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश या गंभीर कारण नहीं था, बल्कि यह झगड़ा सिर्फ 'हड़िया' पीने के दौरान आपस में हुए विवाद से शुरू हुआ।
विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गुस्से में आकर शिक्षक पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, हत्या अत्यंत क्रूरता से की गई थी, जहां शिक्षक को पत्थर से कुचलकर मारा गया।
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गिरफ्तार आरोपी: गिरफ्तार किए गए आरोपियों में टोंटो थाना क्षेत्र के सोमा सुंडी (25), सीनू गौंड (20) और मंगल कारोवा (20) शामिल हैं। तीनों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जंगलों में छिपे थे आरोपी, तकनीकी मदद से हुई गिरफ्तारी
हत्या को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी टोंटो के बीहड़ जंगलों में जाकर छिप गए थे। पुलिस के लिए उन्हें ढूंढना एक बड़ी चुनौती थी।
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तकनीकी जांच: पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए अपनी तकनीकी शाखा की मदद ली। तकनीकी जांच के माध्यम से उनकी लोकेशन का पता लगाया गया, जिसके बाद 30 नवंबर को पुलिस ने सफलतापूर्वक तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
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बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से खून लगा पत्थर, लकड़ी का डंडा और घटना के समय पहनने वाले कपड़े भी बरामद किए हैं, जो हत्या के मामले में ठोस सबूत हैं।
सुरक्षा और नशे पर सवाल
यह घटना न सिर्फ टोंटो बल्कि पूरे पश्चिमी सिंहभूम में चिंता का विषय बन गई है। शिक्षक की हत्या से पता चलता है कि आपसी झगड़ों में हिंसा का स्तर कितना बढ़ गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नशे की आदत और गुस्से को नियंत्रित न कर पाने की क्षमता ऐसे अपराधों को बढ़ावा देती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन यह आवश्यक है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक और कानूनी उपाय किए जाएं।
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