Tantnagar Crash: दोस्त खत्म, पेड़ से टकराई बेकाबू रफ्तार, भरभरिया हाट जाने से पहले खड़ी हुई मौत
पश्चिमी सिंहभूम के तांतनगर में एक भीषण सड़क हादसे ने दो घरों के चिराग बुझा दिए हैं जहाँ खड़िया सिंदूरी के पास तेज रफ्तार बाइक पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में जाडूंका हेंब्रम और मुकरू लोहार की मौके पर ही मौत हो गई है। हाल ही में हुई शादी और दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठने की यह दर्दनाक कहानी और रफ्तार के कहर की पूरी सच्चाई यहाँ दी गई है।
चाईबासा/तांतनगर, 20 दिसंबर 2025 – झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात तांतनगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने दो दोस्तों की जिंदगी का सफर हमेशा के लिए खत्म कर दिया। कुंभराम गांव के रहने वाले दो युवक, जो उम्मीदों के साथ घर से निकले थे, अपनी ही बाइक की बेकाबू रफ्तार का शिकार हो गए। खड़िया सिंदूरी गांव के पास हुआ यह हादसा इतना भयानक था कि हेलमेट न होने या सिर में सीधी चोट लगने के कारण दोनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
इतिहास: चाईबासा की सड़कें और हाट-बाजार का महत्व
कोल्हान क्षेत्र में 'हाट' (साप्ताहिक बाजार) केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि यहाँ की सामाजिक संस्कृति का एक अटूट हिस्सा रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से, भरभरिया हाट जैसे ग्रामीण बाजार आसपास के दर्जनों गांवों की जीवन रेखा हैं। पुराने समय में लोग पैदल या बैलगाड़ियों से हाट जाते थे, लेकिन पिछले दो दशकों में दुपहिया वाहनों की बाढ़ ने दूरियों को तो कम किया, पर हादसों की संख्या को डरावने स्तर तक बढ़ा दिया है। चाईबासा की घुमावदार और ग्रामीण सड़कें अक्सर अंधेरे में काल बन जाती हैं, जहाँ एक छोटी सी चूक जिंदगी पर भारी पड़ जाती है।
खड़िया सिंदूरी के पास 'यमराज' बनी रफ्तार
घटना शुक्रवार रात की है जब जाडूंका हेंब्रम (30 वर्ष) और मुकरू लोहार (32 वर्ष) अपनी बाइक पर सवार होकर भरभरिया हाट की ओर जा रहे थे।
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अनियंत्रित बाइक: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। खड़िया सिंदूरी गांव के पास एक मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा और बाइक सड़क किनारे एक विशाल पेड़ से सीधे जा टकराई।
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मौके पर ही मौत: टक्कर इतनी जोरदार थी कि मुकरू लोहार वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा, जबकि जाडूंका की सांसें अस्पताल ले जाने के दौरान तक चलती रहीं।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही बुझ गए चिराग
हादसे की जानकारी मिलते ही तांतनगर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने बिना समय गंवाए दोनों को अपने वाहन से सदर अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को 'ब्रॉट डेड' (मृत घोषित) कर दिया।
हादसे का दर्दनाक ब्योरा
| मृतक का नाम | उम्र | पारिवारिक स्थिति |
| मुकरू लोहार | 32 वर्ष | दो मासूम बच्चों के पिता |
| जाडूंका हेंब्रम | 30 वर्ष | हाल ही में हुई थी शादी |
| हादसे का स्थान | खड़िया सिंदूरी | तांतनगर थाना क्षेत्र |
| गंतव्य | भरभरिया हाट | व्यापार/खरीदारी के लिए |
दो घरों में पसरा मातम, उजड़ गया सुहाग
इस हादसे ने न केवल दो जानें लीं, बल्कि दो परिवारों को ताउम्र का दर्द दे दिया है। मुकरू लोहार अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है। वहीं, जाडूंका हेंब्रम की कहानी और भी दुखद है—उसकी शादी अभी हाल ही में हुई थी। नई नवेली दुल्हन के हाथों की मेहंदी का रंग अभी छूटा भी नहीं था कि मांग का सिंदूर उजड़ गया। जैसे ही दोनों के शव गांव पहुँचे, पूरे कुंभराम गांव में कोहराम मच गया।
पुलिस की जांच और सुरक्षा की अपील
तांतनगर पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि रात के समय ग्रामीण सड़कों पर रफ्तार पर नियंत्रण रखें और अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग करें।
रफ्तार का जुनून या मौत का बुलावा?
चाईबासा की यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हम कब तक अपनों को सड़क हादसों में खोते रहेंगे। भरभरिया हाट जाने की वह खुशी अब मातम में बदल चुकी है। यह हादसा उन तमाम युवाओं के लिए एक सबक है जो सड़कों पर रफ्तार को ही बहादुरी समझते हैं।
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