Tamar Tragedy: तमाड़ में बेकाबू होकर तालाब में समाई तेज रफ्तार कार, शादी की खुशियां मातम में बदली, 2 युवकों की दर्दनाक मौत
रांची के तमाड़ में बुधवार देर रात एक खौफनाक हादसे में दो युवकों की जान चली गई। शादी से लौट रहे दोस्तों की कार तालाब में गिरने से मची चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
तमाड़/रांची, 07 मई 2026 – झारखंड की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में बुधवार की देर रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने दो हंसते-खेलते परिवारों को उम्र भर का गम दे दिया। शादी समारोह की खुशियां मनाकर घर लौट रहे दो दोस्तों के लिए उनकी कार ही 'जलसमाधि' बन गई। चालाडी गांव के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गहरे तालाब में जा गिरी, जिससे कार सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की दास्तां: जब अंधेरे में समा गई कार
सिल्ली के बरलंगा निवासी दो युवक एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। रात के सन्नाटे में वे अपनी कार से वापस लौट रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
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अनियंत्रित रफ्तार: चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि मोड़ पर चालक संतुलन खो बैठा। कार सड़क छोड़कर सीधे किनारे स्थित तालाब में जा कूदी।
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पानी का दबाव और बंद दरवाजा: हादसा इतना भयावह था कि कार पानी में गिरते ही लॉक हो गई। दोनों युवक कार के अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
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ग्रामीणों की हिम्मत: आधी रात को पानी के तेज धमाके की आवाज सुनकर चालाडी गांव के लोग दौड़ पड़े। तुरंत तमाड़ थाना पुलिस को खबर दी गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद कार का दरवाजा तोड़कर युवकों को बाहर निकाला।
अस्पताल में पसरा सन्नाटा
घायलों को आनन-फानन में तमाड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए रांची जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि रात के वक्त विजिबिलिटी कम होना और तेज रफ्तार ही इस हादसे की मुख्य वजह है।
सफेद फूलों की जगह अब मातम
सिल्ली के बरलंगा गांव में जहां आज सुबह शादी की चर्चा होनी थी, वहां अब दोनों युवकों की मौत की खबर से हर आंख नम है।
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सुरक्षा की अनदेखी: स्थानीय लोगों का कहना है कि चालाडी गांव के पास सड़क और तालाब के बीच कोई मजबूत दीवार या बैरियर नहीं है।
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जांच के दायरे में: तमाड़ पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं कार के सामने अचानक कोई जंगली जानवर या अन्य वाहन तो नहीं आ गया था।
तमाड़ का यह हादसा एक बार फिर सबक दे गया कि सड़कों पर 'रफ्तार' रोमांच नहीं, बल्कि मौत का पैगाम लाती है। शादी-ब्याह के माहौल में देर रात सफर करना और उस पर तेज रफ्तार का मेल जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन को चाहिए कि तालाबों के किनारे सुरक्षा रेलिंग लगाए, ताकि दोबारा किसी की खुशियां इस तरह पानी में न डूबें।
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