Ranchi Terror: सिल्ली के स्कूल में घुसा खूंखार लकड़बग्घा, क्लासरूम छोड़कर भागे मासूम, बच्चों की जान बचाने को शिक्षकों ने लगाया दांव

रांची के सिल्ली में स्कूल खुलते ही एक आदमखोर लकड़बग्घा परिसर में घुस गया, जिससे बच्चों और शिक्षकों में मौत का खौफ पैदा हो गया है। वन विभाग की कार्रवाई और गांव में फैले इस खौफनाक आतंक की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में बढ़ते इस बड़े खतरे की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।

Jan 21, 2026 - 13:34
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Ranchi Terror: सिल्ली के स्कूल में घुसा खूंखार लकड़बग्घा, क्लासरूम छोड़कर भागे मासूम, बच्चों की जान बचाने को शिक्षकों ने लगाया दांव
Ranchi Terror: सिल्ली के स्कूल में घुसा खूंखार लकड़बग्घा, क्लासरूम छोड़कर भागे मासूम, बच्चों की जान बचाने को शिक्षकों ने लगाया दांव

सिल्ली/रांची, 21 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके सिल्ली में आज सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब शिक्षा के मंदिर में एक खूंखार जंगली जानवर ने दस्तक दे दी। पतराहातू स्थित 'आदर्श उच्च विद्यालय' में स्कूल की घंटी बजते ही जैसे ही बच्चे अपनी कक्षाओं की ओर बढ़ रहे थे, अचानक सामने एक लकड़बग्घे (Hyena) को देखकर उनकी रूह कांप गई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच शिक्षकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बच्चों को कमरों में बंद किया और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। सिल्ली का यह इलाका अब दहशत के साये में है और लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं।

क्लासरूम के बाहर मौत का पहरा: स्कूल में मची भगदड़

बुधवार की सुबह जब बच्चे हाथ में बस्ता लिए स्कूल पहुँचे, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि आज उनका सामना एक शिकारी जानवर से होगा।

  • अचानक एंट्री: स्कूल का गेट खुलते ही लकड़बग्घा जंगल की ओर से भागता हुआ सीधे परिसर के भीतर आ गया।

  • बच्चों में खलबली: जानवर को सामने देख मासूम बच्चे इधर-उधर भागने लगे। कुछ बच्चे डर के मारे डेस्क के नीचे छिप गए, तो कुछ ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

  • शिक्षकों की सूझबूझ: स्थिति बिगड़ती देख शिक्षकों ने तुरंत मोर्चा संभाला। बच्चों को स्कूल के मुख्य भवन के कमरों में शिफ्ट कर दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया गया, ताकि कोई अनहोनी न हो।

वन विभाग की सुस्ती और ग्रामीणों का गुस्सा

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर स्कूल पहुँच गए, लेकिन लकड़बग्घे के आक्रामक रुख को देखकर किसी की हिम्मत पास जाने की नहीं हुई।

  1. रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलने के काफी देर बाद वन विभाग की टीम को भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।

  2. सिल्ली में बढ़ता खतरा: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में आना अब आम हो गया है, जिससे खेती और जान-माल दोनों को खतरा है।

सिल्ली वाइल्डलाइफ अलर्ट: घटना का विवरण (Emergency Snapshot)

विवरण जानकारी (Current Status)
स्थान आदर्श उच्च विद्यालय, पतराहातू (सिल्ली)
जानवर जंगली लकड़बग्घा (Hyena)
नुकसान सभी बच्चे और शिक्षक सुरक्षित
प्रशासनिक कदम स्कूल खाली कराया गया, वन विभाग अलर्ट
पिछली घटना मारदु गांव के घर में घुसा था बाघ

इतिहास का पन्ना: सिल्ली के जंगल और मानव-वन्यजीव संघर्ष का सफर

सिल्ली प्रखंड का भौगोलिक इतिहास हमेशा से सघन वनों और पहाड़ियों से जुड़ा रहा है। 19वीं शताब्दी के गजेटियर के अनुसार, यह इलाका बंगाल और छोटानागपुर के बीच का एक प्रमुख 'वाइल्डलाइफ कॉरिडोर' था, जहाँ बाघ, लकड़बग्घे और हाथियों की बहुतायत थी। इतिहास गवाह है कि 1950 और 60 के दशक में यहाँ के गांवों और जंगलों के बीच एक संतुलन था, लेकिन पिछले दो दशकों में बढ़ते शहरीकरण और जंगलों की कटाई ने इस संतुलन को बिगाड़ दिया है। कुछ महीने पहले मारदु गांव के एक घर में बाघ घुसने की ऐतिहासिक घटना ने पूरे देश का ध्यान सिल्ली की ओर खींचा था। विशेषज्ञों का मानना है कि 'स्वर्णरेखा नदी' के तटीय इलाकों में झाड़ियों की कमी और खाने की तलाश में ये जंगली जानवर अब सीधे स्कूलों और घरों का रुख कर रहे हैं। 2026 की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि अगर वनों का संरक्षण नहीं हुआ, तो आने वाले समय में ये टकराव और भी खूनी हो सकते हैं।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें और भीड़ न लगाएं

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पतराहातू और आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।

  • भीड़ से बचें: विभाग ने साफ कहा है कि जानवर को देखने या उसे भगाने के लिए स्कूल के पास भीड़ न लगाएं, क्योंकि लकड़बग्घा घिरने पर ज्यादा हिंसक हो सकता है।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: स्कूल को फिलहाल अगले आदेश तक खाली रखने का सुझाव दिया गया है। वन विभाग के एक्सपर्ट्स ट्रैंक्विलाइजर गन (बेहोश करने वाली बंदूक) के साथ मौके पर पहुँचने वाले हैं।

  • रात का कर्फ्यू: ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे शाम ढलने के बाद अकेले बाहर न निकलें और बच्चों को घर के भीतर ही रखें।

दहशत के बीच टला बड़ा हादसा

पतराहातू के स्कूल में लकड़बग्घे का घुसना यह साबित करता है कि अब जंगली जानवरों के लिए जंगल छोटे पड़ रहे हैं। गनीमत रही कि शिक्षकों ने समय रहते बच्चों को सुरक्षित कर लिया, वरना सिल्ली के इतिहास में आज एक काला अध्याय जुड़ सकता था।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।