Seraikela Raid: सरायकेला में खनन माफिया पर बड़ी स्ट्राइक, चांडिल में 6 अवैध क्रशर और पत्थर खदान जब्त, डीसी के आदेश से मची खलबली
सरायकेला के चांडिल में जिला प्रशासन ने अवैध पत्थर उत्खनन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है। मौजा चिलगू और करनीडीह में क्रशर इकाइयों की जब्ती और ईंट भट्टों पर भारी जुर्माने की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी खनन माफिया के खिलाफ हुई इस बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की इनसाइड स्टोरी जानने से चूक जाएंगे।
सरायकेला/चांडिल, 20 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल इलाके में आज जिला प्रशासन ने अवैध पत्थर उत्खनन और अवैध क्रशर संचालकों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के सख्त निर्देश पर जिले की टीम ने मंगलवार को चांडिल के मौजा चिलगू और करनीडीह में औचक छापेमारी की। इस दौरान अवैध रूप से चल रही 6 क्रशर इकाइयों और एक विशाल पत्थर खदान (क्वेरी) का भंडाफोड़ किया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई दबिश से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है और कई संचालक मौके से फरार हो गए।
चिलगू में अवैध साम्राज्य का अंत: 6 क्रशर जब्त
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी और चांडिल अंचलाधिकारी के नेतृत्व में चली इस छापेमारी में चिलगू क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
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अवैध खदान: टीम को मौके पर एक बड़ी पत्थर खदान मिली, जिसका संचालन बिना किसी लीज या सरकारी अनुमति के किया जा रहा था।
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क्रशर यूनिट्स: खदान के आसपास ही 6 अवैध क्रशर इकाइयां धड़ल्ले से चल रही थीं। इन इकाइयों के पास न तो खनन विभाग की एनओसी थी और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति।
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संपत्ति की जब्ती: पुलिस ने मौके पर मौजूद भारी मात्रा में पत्थर और मशीनरी को विधिवत जब्त कर चांडिल थाना को सुपुर्द कर दिया है।
ईंट भट्टों पर भी चला हंटर: वसूला गया भारी जुर्माना
प्रशासन की नजर केवल पत्थर माफिया पर ही नहीं, बल्कि अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों पर भी रही।
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निरीक्षण: चिलगू और आसपास के 5 ईंट भट्टों की जांच की गई।
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जुर्माना: जांच के दौरान 3 ईंट भट्टे संचालित पाए गए, जिन पर नियमों के उल्लंघन के लिए खनन विभाग द्वारा तत्काल भारी जुर्माना लगाया गया।
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प्रदूषण विभाग की कार्रवाई: क्षेत्रीय प्रदूषण पदाधिकारी ने 2 बंद और 3 संचालित भट्टों के खिलाफ पर्यावरणीय नियमों के तहत स्वतंत्र विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
चांडिल अवैध खनन रेड: मुख्य विवरण (Operation Snapshot)
| विवरण | कार्रवाई का विवरण (Action Details) |
| क्षेत्र | मौजा चिलगू और मौजा करनीडीह, चांडिल |
| अवैध खदान | 01 पत्थर खदान (क्वेरी) जब्त |
| अवैध क्रशर | 06 यूनिट्स पर प्राथमिकी दर्ज |
| ईंट भट्टे | 05 का निरीक्षण (3 पर भारी जुर्माना) |
| नेतृत्व | डीसी नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर डीएमओ व सीओ |
इतिहास का पन्ना: सरायकेला और चांडिल में पत्थर खनन का संघर्ष
सरायकेला और चांडिल का इलाका अपनी भूगर्भीय संरचना के कारण बहुमूल्य खनिजों और पत्थरों के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध रहा है। 19वीं शताब्दी में यहाँ के पत्थरों का उपयोग स्थानीय निर्माण और रेलवे लाइन बिछाने के लिए किया जाता था। इतिहास गवाह है कि चांडिल डैम (1980 के दशक) के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा, जिसके साथ ही अवैध खनन की जड़ें भी गहरी होती गईं। पहले पत्थर का खनन पारंपरिक तरीके से होता था, लेकिन 2010 के बाद क्रशर मशीनों के आने से यहाँ का पारिस्थिक तंत्र (Ecosystem) बिगड़ने लगा। चिलगू और करनीडीह जैसे इलाके प्रदूषण की चपेट में आने लगे। 2026 की यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन अब उन पुराने अवैध नेटवर्क्स को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है जो दशकों से सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे थे।
डीसी का सख्त रुख: नहीं दी जाएगी कोई राहत
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि खनिजों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
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कठोर कार्रवाई: अवैध गतिविधियों में शामिल भूमि स्वामियों और संचालकों के विरुद्ध न केवल प्राथमिकी दर्ज की गई है, बल्कि उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
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निरंतर अभियान: जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि यह महज एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे।
माफियाओं पर प्रशासनिक प्रहार
चांडिल में हुई इस छापेमारी ने यह संदेश दे दिया है कि सरायकेला में अब अवैध उत्खनन करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। प्रदूषण विभाग और खनन विभाग की इस संयुक्त सर्जिकल स्ट्राइक ने सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है।
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