Punjab Law Shock: गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर उम्रकैद और 25 लाख जुर्माना, BJP नेता ने पूरे देश में लागू करने की मांग की
पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर उम्रकैद और 25 लाख जुर्माने का कानून लागू, BJP नेता सोमू ने PM मोदी से पूरे देश में लागू करने का किया आग्रह। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: पंजाब विधानसभा ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून पारित किया है। अब प्रदेश में बेअदबी के मामलों में दोषियों को उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। इस कानून को पूरे देश में लागू करने की मांग अब जोर पकड़ रही है। भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस आशय का आग्रह किया है।
क्या है नया कानून?
पंजाब के जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून 2026 को 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इस विधेयक के अनुसार, गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ किसी भी प्रकार की बेअदबी पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है, साथ ही 25 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
क्या है सजा का प्रावधान?
संशोधित विधेयक के अनुसार, बेअदबी के किसी भी कार्य के लिए न्यूनतम सात साल की कैद निर्धारित की गई है, जिसे बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है। साथ ही, 2 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा। यदि यह अपराध सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के इरादे से किया जाता है, तो सजा 10 साल तक बढ़ जाएगी। यह पंजाब में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की तीसरी कोशिश है।
पूरे देश में लागू करने की मांग
जमशेदपुर के भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि इस कानून को पूरे देश में लागू किया जाए। उनके अनुसार, संसद का विशेष सत्र बुलाकर इसे पूरे देश के लिए कानून का रूप दिया जाना जरूरी है। सोमू ने कहा कि ऐसे कड़े कानून के प्रावधान से बेअदबी की घटनाओं पर पूरी तरह से विराम लग जाएगा।
झारखंड में भी लागू करने की तैयारी
सोमू ने यह भी कहा कि वह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर उन्हें कानून की एक प्रति सौंपेंगे और इसे विधानसभा में पारित कर लागू करने का आग्रह करेंगे। उनका मानना है कि सभी राज्यों को इस तरह के कानून बनाने चाहिए ताकि धार्मिक ग्रंथों का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।
क्या पूरे देश में लागू हो पाएगा यह कानून?
अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को लेकर देश में पहले से ही कई कानून मौजूद हैं। लेकिन इतनी कड़ी सजा का प्रावधान वर्तमान में केवल पंजाब में ही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे पूरे देश में लागू करना कानूनी और राजनीतिक दृष्टि से एक बड़ी चुनौती होगी।
सोमू ने क्या कहा?
सतबीर सिंह सोमू ने कहा, "श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिर्फ सिखों के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के ग्रंथ हैं। उनकी बेअदबी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। पंजाब सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब प्रधानमंत्री मोदी को इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए।"
विपक्ष की क्या है राय?
फिलहाल विपक्षी दलों ने इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को लेकर कोई भी दल सार्वजनिक रूप से विरोध नहीं करेगा। हालांकि, इस तरह के कड़े कानून के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर उम्रकैद और 25 लाख जुर्माने का कानून लागू हो गया है। अब BJP नेता ने पूरे देश में इसे लागू करने की मांग की है। क्या प्रधानमंत्री मोदी इस मांग को मानेंगे? यह खबर पढ़कर अपनी राय दें और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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