Latehar Threat : लातेहार कोर्ट को उड़ाने की खौफनाक धमकी, ईमेल से मची अफरा-तफरी, सुरक्षा घेरे में पूरा परिसर

लातेहार व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। ईमेल के जरिए मिली इस धमकी के बाद एसपी कुमार गौरव ने डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते के साथ पूरे परिसर की तलाशी ली। झारखंड के कई अन्य जिलों में भी ऐसी धमकी मिलने से पुलिस महकमे में हलचल तेज है।

Mar 12, 2026 - 16:25
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Latehar Threat : लातेहार कोर्ट को उड़ाने की खौफनाक धमकी, ईमेल से मची अफरा-तफरी, सुरक्षा घेरे में पूरा परिसर
Latehar Threat : लातेहार कोर्ट को उड़ाने की खौफनाक धमकी, ईमेल से मची अफरा-तफरी, सुरक्षा घेरे में पूरा परिसर

लातेहार/झारखंड, 12 मार्च 2026 – झारखंड में अदालतों और प्रतिष्ठित संस्थानों को निशाना बनाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की सुबह लातेहार व्यवहार न्यायालय (Civil Court) उस वक्त छावनी में तब्दील हो गया, जब अज्ञात अराजकतत्वों ने ईमेल भेजकर पूरे परिसर को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी दे दी। इस सूचना के बाद न केवल जजों और वकीलों में दहशत फैल गई, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के भी हाथ-पांव फूल गए।

डॉग स्क्वायड और सर्च ऑपरेशन: जब थम गईं सांसे

धमकी भरा ईमेल मिलते ही कोर्ट के अधिकारियों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए लातेहार एसपी कुमार गौरव खुद सक्रिय हुए और विशेष टीमों को मैदान में उतारा।

  • सघन तलाशी: पुलिस की टीमें डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) लेकर कोर्ट परिसर पहुँचीं। कोर्ट के चप्पे-चप्पे, कागजी दस्तावेजों के रूम, वकीलों के चैंबर और परिसर के पिछले हिस्सों की बारीकी से जांच की गई।

  • पुलिस का बयान: घंटों चले इस सर्च ऑपरेशन के बाद एसपी कुमार गौरव ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि परिसर में कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है। हालांकि, एहतियात के तौर पर कोर्ट की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है।

धमकियों का 'झारखंड पैटर्न': पुलिस की नाकामी पर सवाल?

यह पहली बार नहीं है जब झारखंड की किसी अदालत को ऐसी धमकी मिली हो। पिछले 15 दिनों से राज्य के विभिन्न जिलों में एक ही पैटर्न पर धमकियां मिल रही हैं:

  1. सीरियल थ्रेट्स: लातेहार से पहले रांची, धनबाद और हजारीबाग कोर्ट परिसरों को भी ठीक इसी तरह ईमेल से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है।

  2. जमशेदपुर का मामला: कुछ दिन पहले जमशेदपुर के प्रसिद्ध XLRI संस्थान को भी 'साइनाइड बम' से उड़ाने की चेतावनी मिली थी।

  3. सिर्फ अफवाह या बड़ी साजिश: हर बार तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिलता, जिससे पुलिस इसे किसी अराजकतत्व की शरारत मान रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर 15 दिनों से जारी इस सिलसिले के मास्टरमाइंड तक पुलिस अब तक क्यों नहीं पहुँच पाई है? साइबर सेल और कई जिलों की पुलिस की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है।

जब कोर्ट की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक

झारखंड में अदालतों की सुरक्षा हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रही है।

  • धनबाद जज हत्याकांड: कुछ साल पहले धनबाद में ऑटो से टक्कर मारकर एक जज की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने निचली अदालतों की सुरक्षा पुख्ता करने के सख्त निर्देश दिए थे।

  • ईमेल का जाल: तकनीकी रूप से उन्नत होते जा रहे अपराधी अब फिजिकल अटैक के बजाय 'डिजिटल टेररिज्म' का सहारा ले रहे हैं ताकि व्यवस्था को पंगु बनाया जा सके।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अब हर आने-जाने वाले पर नजर

लातेहार कोर्ट में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह बदल दिया गया है।

  • स्कैनिंग अनिवार्य: अब कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति और बैग की गहन चेकिंग की जा रही है।

  • साइबर सेल अलर्ट: ईमेल किस आईपी एड्रेस (IP Address) से भेजा गया और उसके पीछे किस वीपीएन (VPN) का हाथ है, इसकी जांच के लिए रांची से विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

लातेहार कोर्ट को मिली यह धमकी भले ही फिलहाल अफवाह साबित हुई हो, लेकिन इसने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अराजकतत्वों का बार-बार पुलिस को परेशान करना और गिरफ्त से बाहर रहना राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। जनता और कानूनविदों की मांग है कि इन 'डिजिटल हमलावरों' को जल्द से जल्द बेनकाब किया जाए।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।