Seraikela Accident : सरायकेला में फ्रिज खरीदकर लौट रहे युवक लहूलुहान, साहेबगंज के पास बेकाबू होकर पलटी बाइक
सरायकेला-टाटा मार्ग पर साहेबगंज के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में सीनी निवासी दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। नई फ्रिज की खरीदारी कर घर लौटते समय बाइक अनियंत्रित होने से यह घटना हुई। घायलों को जमशेदपुर रेफर किया गया है। हादसे की पूरी जानकारी और सड़क की स्थिति की रिपोर्ट यहाँ देखें।
सरायकेला/झारखंड, 17 मार्च 2026 – खुशियों की खरीदारी कब मातम और चीख-पुकार में बदल जाए, यह कोई नहीं जानता। सरायकेला थाना क्षेत्र के सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग पर साहेबगंज के पास मंगलवार को एक ऐसा ही भीषण हादसा हुआ। नई फ्रिज खरीदकर घर लौट रहे दो दोस्त रास्ते में ही काल का ग्रास बनते-बनते बचे। बाइक के अचानक अनियंत्रित होकर पलटने से सीनी निवासी नितेश चौधरी और अमन गोराई लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की तत्परता और 'रोड एम्बुलेंस' की मदद से उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन एक युवक की हालत इतनी नाजुक है कि उसे आनन-फानन में जमशेदपुर रेफर करना पड़ा है।
खुशियां अधूरी: फ्रिज की खरीदारी और फिर खौफनाक मोड़
जानकारी के अनुसार, सीनी निवासी नितेश चौधरी (40) और अमन गोराई (34) गर्मी के मौसम को देखते हुए नया फ्रिज खरीदने सरायकेला आए थे।
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अनियंत्रित रफ्तार: खरीदारी पूरी करने के बाद दोनों दोस्त बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव सीनी लौट रहे थे। जैसे ही वे साहेबगंज के पास पहुँचे, बाइक की रफ्तार या किसी तकनीकी खराबी के कारण संतुलन बिगड़ गया।
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सड़क पर बिखरा खून: बाइक सीधे डिवाइडर या सड़क के किनारे जाकर टकराई, जिससे दोनों युवक कई फीट दूर जाकर गिरे। घटना के बाद साहेबगंज के स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
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रेफर की स्थिति: सरायकेला सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने नितेश चौधरी की गंभीर स्थिति (Head Injury) को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर (MGM/TMH) रेफर कर दिया है। अमन गोराई का इलाज फिलहाल सदर अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई: बाइक जब्त, जांच शुरू
हादसे की खबर मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुँची।
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जब्ती: पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है।
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कारणों की तलाश: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या बाइक किसी अन्य अज्ञात वाहन की टक्कर से पलटी या फिर सड़क पर मौजूद गड्ढों/अंधे मोड़ के कारण यह हादसा हुआ।
सरायकेला-टाटा मार्ग और 'साहेबगंज' का डेंजर जोन
सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग का इतिहास सरायकेला रियासत के दौर से जुड़ा है, जो कभी राजाओं के आवागमन का मुख्य रास्ता हुआ करता था।
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व्यापारिक मार्ग: समय बदलने के साथ यह मार्ग सरायकेला और जमशेदपुर (लौहनगरी) के बीच व्यापार की लाइफलाइन बन गया।
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हादसों का गवाह: साहेबगंज के पास का यह स्ट्रेच ऐतिहासिक रूप से काफी खतरनाक माना जाता है। पिछले पांच वर्षों में यहाँ 50 से अधिक छोटे-बड़े हादसे दर्ज हुए हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि सड़क के घुमाव और बीच-बीच में अचानक आने वाले ढलान के कारण यहाँ बाइक सवार अक्सर नियंत्रण खो देते हैं। 2024 में भी इसी स्थान पर एक ही दिन में दो अलग-अलग बाइक दुर्घटनाएं हुई थीं। प्रशासन ने यहाँ गति सीमा (Speed Limit) के बोर्ड तो लगाए हैं, लेकिन सरायकेला से टाटा की ओर जाने वाले युवा अक्सर इसे अनदेखा कर देते हैं। आज की घटना ने एक बार फिर इस 'किलर स्ट्रेच' की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क सुरक्षा: एक बड़ी चुनौती
सरायकेला के इस मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
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रोड एम्बुलेंस की भूमिका: इस हादसे में 'रोड एम्बुलेंस' की त्वरित सेवा ने घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने में बड़ी भूमिका निभाई, जिससे उनकी जान बच सकी।
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अंधे मोड़ का खतरा: साहेबगंज के पास सड़क की बनावट ऐसी है कि विपरीत दिशा से आने वाले वाहन का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि यहाँ 'स्पीड ब्रेकर' या रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
नितेश और अमन का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही भारी पड़ सकती है। फ्रिज जैसी घरेलू खुशियां लाने निकला यह परिवार आज अस्पताल के चक्कर काट रहा है। सरायकेला-टाटा मार्ग पर बढ़ती रफ्तार और सड़कों की तकनीकी खामियों को अगर समय रहते नहीं सुधारा गया, तो साहेबगंज का यह इलाका इसी तरह बेगुनाहों के खून से रंगता रहेगा।
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