Saranda Raid: सारंडा के घने जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, ओड़िशा बॉर्डर पर पकड़ी गई कीमती लकड़ियों की बड़ी खेप, तस्करों में हड़कंप

सारंडा वन प्रमंडल ने ओड़िशा सीमा पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 63 कीमती शिलपट लकड़ियाँ जब्त की हैं। 48 घंटे की गुप्त रेकी और किरीबुरू-गुवा के वनकर्मियों की इस जांबाज मुहिम की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी एशिया के सबसे घने जंगल में चल रहे इस बड़े खेल को समझने से चूक जाएंगे।

Jan 21, 2026 - 16:26
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Saranda Raid: सारंडा के घने जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, ओड़िशा बॉर्डर पर पकड़ी गई कीमती लकड़ियों की बड़ी खेप, तस्करों में हड़कंप
Saranda Raid: सारंडा के घने जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, ओड़िशा बॉर्डर पर पकड़ी गई कीमती लकड़ियों की बड़ी खेप, तस्करों में हड़कंप

चाईबासा/सारंडा, 21 जनवरी 2026 – 'सात सौ पहाड़ियों की भूमि' कहे जाने वाले सारंडा के जंगलों में वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। झारखंड-ओड़िशा सीमा पर स्थित नयागांव वन ग्राम-2 में आधी रात को हुई इस छापेमारी ने अंतरराष्ट्रीय लकड़ी तस्करों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। सारंडा डीएफओ के नेतृत्व में चार वन प्रक्षेत्रों की संयुक्त टीम ने जान जोखिम में डालकर 63 भारी-भरकम शिलपट लकड़ियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है।

48 घंटे की रेकी और आधी रात का ऑपरेशन

यह कार्रवाई कोई अचानक हुई छापेमारी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे वन विभाग की सोची-समझी रणनीति थी।

  • सीक्रेट मिशन: तस्करों की गतिविधियों की भनक लगते ही किरीबुरू, गुवा, समता और मनोहरपुर वन प्रक्षेत्र के अधिकारियों को मिलाकर एक 'सुपर टीम' बनाई गई।

  • लगातार निगरानी: टीम ने सोमवार से ही ओड़िशा सीमा के पास घने जंगलों में संदिग्ध ठिकानों की रेकी शुरू कर दी थी।

  • मौके से फरार: मंगलवार देर रात जब टीम नयागांव वन ग्राम पहुँची, तो तस्कर लकड़ियों को ट्रक में लादने की तैयारी में थे। हालांकि, घने अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर तस्कर भागने में सफल रहे, लेकिन वन विभाग ने कीमती लकड़ियों का पूरा जखीरा कब्जे में ले लिया।

तस्करों का नया सेफ जोन: ओड़िशा बॉर्डर

वन विभाग के अनुसार, तस्करों ने ओड़िशा सीमावर्ती क्षेत्र को अपना 'सेफ हाउस' बना लिया था।

  1. बिक्री की तैयारी: समता रेंज से लगभग 60 किमी दूर इस दुर्गम इलाके में लकड़ियों को छिपाकर रखा गया था ताकि इन्हें दूसरे राज्यों के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचा जा सके।

  2. संयुक्त कार्रवाई: यह पहली बार है जब चारों रेंज (किरीबुरू, गुवा, समता और मनोहरपुर) के वनकर्मी एक साथ किसी बड़े अभियान में शामिल हुए हैं।

  3. कड़ी कानूनी कार्रवाई: डीएफओ ने स्पष्ट किया है कि लकड़ियों की बरामदगी के बाद अब उन चेहरों की पहचान की जा रही है जो पर्दे के पीछे से इस गिरोह को फंड कर रहे हैं।

सारंडा वन विभाग: लकड़ी जब्ती रिपोर्ट (Operation Snapshot)

विवरण कार्रवाई की जानकारी (Action Details)
क्षेत्र नयागांव वन ग्राम-2 (ओड़िशा सीमावर्ती)
जब्त लकड़ियाँ 63 शिलपट (कीमती प्रजाति)
शामिल टीम किरीबुरू, गुवा, समता और मनोहरपुर रेंज
ऑपरेशन की अवधि 48 घंटे (रेकी और छापेमारी)
वर्तमान स्थिति तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज

इतिहास का पन्ना: सारंडा का साल वन और तस्करी का सदियों पुराना संघर्ष

सारंडा का जंगल न केवल अपनी जैव-विविधता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ मिलने वाला 'साल' (Shorea robusta) दुनिया की सबसे मजबूत लकड़ियों में से एक माना जाता है। 19वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने जब भारतीय रेलवे का विस्तार शुरू किया, तब सारंडा के साल के पेड़ों का इस्तेमाल 'स्लीपर' बनाने के लिए किया गया। इतिहास गवाह है कि 1890 के दशक में ही यहाँ वन प्रबंधन की शुरुआत हुई थी। लेकिन दुर्गम पहाड़ियों और झारखंड-ओड़िशा की सीमाओं के खुले होने के कारण, 1980 और 90 के दशक में यह क्षेत्र लकड़ी माफिया और नक्सलियों का गढ़ बन गया। तस्करी का इतिहास बताता है कि अपराधी अक्सर ओड़िशा की सीमा का उपयोग 'एस्केप रूट' के तौर पर करते हैं। 2026 की यह कार्रवाई दर्शाती है कि अब अत्याधुनिक तकनीक और रेंजरों की मुस्तैदी ने सारंडा के उस पुराने खौफनाक दौर को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

डीएफओ की चेतावनी: तस्करों के लिए अब कोई जगह नहीं

सारंडा के डीएफओ ने इस बड़ी सफलता के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने का निर्देश दिया है।

  • ड्रोन सर्विलांस: अब ओड़िशा सीमा से सटे संवेनदशील वन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की योजना बनाई जा रही है।

  • बीट गश्ती: वनकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे नयागांव और आसपास के वन ग्रामों में रात्रि गश्ती बढ़ाएं ताकि दोबारा ऐसी गतिविधियों की कोशिश न हो सके।

जंगल की सुरक्षा में जुटी 'ग्रीन आर्मी'

सारंडा के घने जंगलों में लकड़ियों के इस विशाल जखीरे का पकड़ा जाना वन विभाग की बड़ी जीत है। भले ही तस्कर भाग निकले हों, लेकिन उनके नेटवर्क और ठिकाने अब प्रशासन की रडार पर हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।