Sahibganj Murder: ऑनलाइन गेम का कर्ज, कांस्टेबल ने की दादा की हत्या, 3 गिरफ्तार
साहिबगंज की हत्या का सनसनीखेज खुलासा। 50 लाख के ऑनलाइन गेम कर्ज ने आईआरबी जवान को अपराधी क्यों बनाया। कांस्टेबल ने अपने ही दादा का खून क्यों किया। दोस्त और एक साइबर अपराधी के साथ मिलकर पूरी योजना कैसे बनाई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोचकर हथियार और नकदी जब्त की।
साहिबगंज, 9 दिसंबर 2025 – झारखंड में हुई एक हत्या (Murder) के मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें अपराध का कारण किसी व्यक्तिगत रंजिश के बदले ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) का भारी कर्ज निकाला। साहिबगंज तालबन्ना निवासी विश्वनाथ गुप्ता की हत्या के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मृतक का रिश्तेदार और आईआरबी (IRB) का एक जवान शामिल था। पुलिस ने इस मामले में कुल तीन आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया है।
50 लाख के कर्ज ने कांस्टेबल को बनाया हत्यारा
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि जाँच में पता चला कि विश्वनाथ गुप्ता की हत्या उनके चचेरे भाई के पोते सुमित कुमार गुप्ता ने अपने दोस्त अमन जायसवाल के साथ मिलकर की थी। हैरानी की बात यह है कि दोनों ही आरोपी झारखंड आईआरबी में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।
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जुर्म का मकसद: हत्या का मुख्य मकसद मृतक विश्वनाथ गुप्ता के बैंक खातों से पैसे निकालने की साजिश थी। दरअसल, मुख्य आरोपी सुमित पर ऑनलाइन गेम 'दमन' खेलने की वजह से लगभग 50 लाख रुपये का भारी कर्ज हो गया था। कर्ज वसूलने वाले लगातार उस पर दबाव बना रहे थे, जिसके कारण वह मानसिक तनाव में था और एक बड़ी रकम की तलाश कर रहा था।
पैसों के लिए बनाई पूरी योजना
लगभग छह महीने पहले सुमित के परिवार ने कहलगांव स्थित अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेची थी। उससे मिली रकम का एक बड़ा हिस्सा विश्वनाथ गुप्ता को मिला था, और सुमित की नजर इन्हीं पैसों पर थी।
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अपराधी गठबंधन: पैसे हथियाने के लिए उसने बिहार के मधेपुरा निवासी और आईआरबी में ही कार्यरत अपने दोस्त अमन जायसवाल को अपने साथ मिलाया। उन्होंने दुमका जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र के हटिया टोला निवासी साइबर अपराधी सोहित कुमार राउत से भी संपर्क किया। साजिश यह थी कि सोहित को मृतक की पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन चोरी करने का काम सौंपा जाएगा, जिसके बाद खाते से लाखों रुपये निकाले जाएंगे।
पुलिस की तेज कार्रवाई से ठप हुई योजना
हत्या के तुरंत बाद, पुलिस ने जाँच को तेज करते हुए मृतक के सभी बैंक खातों को तत्काल रोक दिया। पुलिस की इस सतर्कता के कारण आरोपी पैसों को नहीं निकाल पाए और उनकी पूरी योजना असफल हो गई।
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बरामदगी: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुमित, अमन और सोहित को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 1,24,000 रुपये नकद, कई कीमती गहने, बैंक खातों से संबंधित कागजात, सात मोबाइल फोन, एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी सुमित 2019 में आईआरबी- 8 में भर्ती हुआ था और घटना के समय लातेहार जिले के एक सुरक्षा चौकी पर तैनात था।
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