Ranchi Gangwar: पिस्का मोड़ पर खूनी झड़प, जमीन विवाद में जमकर चली गोलियां, पुलिस ने 6 को दबोचा, स्कॉर्पियो और कट्टा बरामद
रांची के पंडरा में जमीन और पैसे के विवाद में हुई भीषण फायरिंग का सच सामने आ गया है। दो गुटों के बीच चली गोलियों और 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी राजधानी के बीचों-बीच हुई इस गैंगवार की असली वजह जानने से चूक जाएंगे।
रांची, 19 जनवरी 2026 – राजधानी रांची के पंडरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत पिस्का मोड़ स्थित तेल मिल गली में दो दिन पहले हुई भीषण गोलीबारी ने पूरे शहर को दहला दिया था। पुलिस ने इस सनसनीखेज फायरिंग कांड का न केवल खुलासा कर दिया है, बल्कि इस गैंगवार में शामिल 6 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। जमीन और पैसे के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर सरेआम गोलियां बरसाईं। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर हुई इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है।
बातचीत का झांसा और 'डेथ ट्रैप': कैसे शुरू हुई जंग?
17 जनवरी की रात करीब 9 बजे पिस्का मोड़ का इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा था। पुलिस जांच में जो परतें खुली हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं।
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दिन की रंजिश: दोपहर में जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट हुई थी। मामला शांत होने के बजाय और सुलग गया।
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समझौते के नाम पर घेराबंदी: शाम को दोनों गुट 'आपसी बातचीत' के लिए जुटे। आकाश सिंह और विकास सिंह अपनी टीम के साथ तीन वाहनों में पहुँचे। दूसरी ओर से संजय पांडेय, रवि यादव और आयुष साह उर्फ बबलू साह अपने समर्थकों के साथ मोर्चा संभाले हुए थे।
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फायरिंग का तांडव: बातचीत शुरू होते ही गाली-गलौज हुई और देखते ही देखते पिस्टल निकल गईं। सरेराह हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरातफरी मच गई।
खून से सनी जमीन: घायलों की हालत गंभीर
इस आपसी लड़ाई में तीन लोग गोलियों का शिकार हुए हैं, जिनका इलाज अभी भी चल रहा है।
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आकाश और विकास: आकाश के हाथ में गोली लगी है, जबकि विकास सिंह की हालत नाजुक है; उसकी छाती और बाएं हाथ में गोलियां लगी हैं।
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रवि यादव: दूसरे गुट के रवि यादव के मुंह और हाथ के पास गोली लगी है। घायलों का इलाज रिम्स (RIMS) और ऑर्किड अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रहा है।
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बरामदगी: पुलिस ने मौके से और छापेमारी के दौरान एक लोडेड देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, 7 खोखा, तीन पिलेट, एक स्कार्पियो और 8 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पंडरा फायरिंग कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| घटनास्थल | तेल मिल गली, पिस्का मोड़ (रांची) |
| गिरफ्तार आरोपी | 6 व्यक्ति |
| विवाद की वजह | जमीन और पैसों का पुराना लेन-देन |
| जब्त हथियार | लोडेड देसी कट्टा, खोखा और पिलेट |
| प्रयुक्त वाहन | सफेद स्कार्पियो (जब्त) |
इतिहास का पन्ना: रांची का पिस्का मोड़ और जमीन का खूनी खेल
रांची का पिस्का मोड़ क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से व्यापार और परिवहन का बड़ा केंद्र रहा है। 19वीं शताब्दी में यह इलाका घने जंगलों और खेती योग्य जमीनों से घिरा था, लेकिन 1960 के दशक में भारी उद्योग (HEC) और शहरीकरण के बढ़ने के बाद यहाँ जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगीं। इतिहास गवाह है कि रांची के रातू रोड और पिस्का मोड़ बेल्ट में 'लैंड माफिया' का उदय 1990 के दशक के अंत में हुआ। तब से लेकर अब तक, यहाँ जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए कई बड़े गैंगवार हो चुके हैं। साल 2014 और 2021 में भी इसी क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर सरेआम हत्याएं और फायरिंग की घटनाएं दर्ज हुई थीं। 2026 की यह घटना दिखाती है कि कानूनी सख्ती के बावजूद, 'काली कमाई' का यह ऐतिहासिक लालच आज भी राजधानी की सड़कों पर खून बहाने से बाज नहीं आ रहा है।
पुलिस की दबिश: अभी कई और नाम आएंगे सामने
सिटी एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार किए गए 6 लोग तो सिर्फ शुरुआत हैं।
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फरार आरोपियों की तलाश: फायरिंग में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
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कड़ी धाराएं: पंडरा ओपी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस स्पीडी ट्रायल के जरिए इन्हें कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में है।
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हथियारों का स्रोत: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि अपराधियों के पास ये अवैध देसी कट्टे और कारतूस कहाँ से आ रहे हैं।
दहशत के साये में पिस्का मोड़
जमीन के विवाद में जिस तरह से सरेआम गोलियां चली हैं, उसने रांची पुलिस के सामने सुरक्षा की बड़ी चुनौती पेश कर दी है। हालांकि, 48 घंटों के भीतर 6 गिरफ्तारियों ने जनता के बीच पुलिस के इकबाल को बुलंद किया है।
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