Giridih Seizure: एक करोड़ की चांदी बरामद, स्विफ्ट कार की सीट के नीचे छिपा था खजाना, गिरिडीह पुलिस ने तस्कर को दबोचा
गिरिडीह पुलिस ने राजधनवार में एक करोड़ रुपये की चोरी की चांदी के साथ हजरत अंसारी को गिरफ्तार किया है। कार की सीट के नीचे छिपी 32 किलो चांदी की सिल्लियों और जेवरातों के इस बड़े राज की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड के इस सबसे बड़े रिकवरी ऑपरेशन की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।
गिरिडीह, 19 जनवरी 2026 – गिरिडीह जिले की राजधनवार पुलिस ने अपराध और तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसपी डॉ. बिमल कुमार के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के चांदी के जेवरात और सिल्लियों का जखीरा बरामद किया है। यह बरामदगी उस वक्त हुई जब एक शातिर तस्कर सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में खजाना लादकर उसे ठिकाने लगाने की फिराक में था। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, बल्कि चोरी के माल को खपाने वाले सिंडिकेट की कमर भी तोड़ दी है।
सीट के नीचे छिपा था 'सफेद खजाना': चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा
सोमवार को गिरिडीह एसपी ने प्रेस वार्ता में इस खौफनाक साजिश की परतें खोलीं। राजधनवार इलाके में मची इस हलचल की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई थी।
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एंटी क्राइम चेकिंग: सूचना मिलते ही खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। राजधनवार थाना क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
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संदिग्ध कार की तलाशी: इसी दौरान पश्चिम बंगाल नंबर की एक स्विफ्ट डिजायर कार (WB 04G 5772) पुलिस को देखकर रुकने के बजाय भागने लगी। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोका।
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चौंकाने वाली बरामदगी: कार की गहन तलाशी ली गई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। कार की पिछली सीट के नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खाने और थैलों से 32 किलो 457 ग्राम चांदी बरामद हुई।
जेवरातों की फेहरिस्त: सिल्लियों से लेकर बिछिया तक
पुलिस ने जब थैलों को खोला, तो उसमें केवल सिल्लियां ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में बने हुए जेवरात भी थे।
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चांदी की सिल्लियां: कुल 6 पीस भारी सिल्लियां, जो गलाकर बनाई गई थीं।
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फैंसी जेवरात: 42 जोड़ा पायल, 13 चैन, 6 ब्रेसलेट, 3 जोड़ा कड़ा और 44 पीस बिछिया।
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पूजा सामग्री: इसमें 12 पीस चांदी के पान के पत्ते भी शामिल थे, जो संभवतः किसी मंदिर या बड़े शोरूम से चोरी किए गए थे।
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बाजार मूल्य: अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय सराफा बाजार के अनुसार, इस चांदी की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।
राजधनवार सिल्वर रिकवरी: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| कुल चांदी का वजन | 32 किलो 457 ग्राम |
| अनुमानित कीमत | लगभग 1 करोड़ रुपये |
| गिरफ्तार आरोपी | हजरत अंसारी (मनगसो, परसन ओपी) |
| जब्त वाहन | स्विफ्ट डिजायर (WB 04G 5772) |
| प्राथमिकी संख्या | धनवार थाना कांड संख्या 11/2026 |
इतिहास का पन्ना: गिरिडीह का राजधनवार और सराफा व्यापार का पुराना नाता
गिरिडीह का राजधनवार क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। 18वीं शताब्दी में यह इलाका 'धनवार राज' के नाम से प्रसिद्ध था और यहाँ के राजाओं के समय से ही स्वर्ण और रजत आभूषणों का बड़ा बाजार रहा है। इतिहास गवाह है कि बंगाल और बिहार की सीमा पर स्थित होने के कारण धनवार हमेशा से तस्करों के लिए एक सुरक्षित 'ट्रांजिट रूट' (Transit Route) बना रहा। साल 2005 और 2018 में भी राजधनवार और खोरीमहुआ के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध आभूषणों की बरामदगी हुई थी। उस दौर में चोरी के जेवरात कोलकाता के बाजारों से लाकर यहाँ खपाए जाते थे। आज 2026 की यह घटना दिखाती है कि पुरानी तस्करी की जड़ें अब नई लग्जरी कारों और आधुनिक तकनीकी के जरिए दोबारा जीवित हो रही हैं, जिसे रोकने के लिए गिरिडीह पुलिस ने ऐतिहासिक कार्रवाई की है।
तस्कर हजरत अंसारी के पीछे कौन है मास्टरमाइंड?
पुलिस ने मौके से हजरत अंसारी (पिता- दिल मोहम्मद मियां) को गिरफ्तार कर लिया है। वह धनवार के परसन ओपी क्षेत्र के मनगसो गांव का रहने वाला है।
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पूछताछ में खुलासे: हजरत अंसारी ने पुलिस को बताया है कि यह माल कहाँ से लाया गया था और इसे किन बड़े ज्वैलर्स को सप्लाई किया जाना था।
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अंतर्राज्यीय लिंक: कार का नंबर पश्चिम बंगाल का होने के कारण पुलिस को संदेह है कि यह माल बंगाल के किसी बड़े गिरोह द्वारा चोरी कर झारखंड भेजा गया था।
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अगली कार्रवाई: एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
राजधनवार पुलिस की इस सफलता ने अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। एक करोड़ की चांदी की बरामदगी न केवल आर्थिक अपराध पर चोट है, बल्कि यह गिरिडीह पुलिस की मुस्तैदी का एक बड़ा प्रमाण भी है।
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