Ranchi Encounter: बास्की गांव में खूनी खेल या पुलिसिया साजिश? इश्तियाक के गले में फंसी गोली ने खोले कई राज, परिजनों ने डीजीपी से कहा- यह फर्जी एनकाउंटर है
रांची के मांडर में हुए कथित एनकाउंटर पर इश्तियाक अंसारी के परिजनों ने पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कचहरी चौक के विवाद से लेकर बास्की गांव की फायरिंग तक, पुलिसिया थ्योरी और परिवार के दावों के बीच छिपे इस खौफनाक सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप राजधानी के इस सबसे विवादित एनकाउंटर के सच से अनजान रह जाएंगे।
रांची, 14 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के मांडर थाना क्षेत्र स्थित बास्की गांव में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर ने एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। पुलिस जिसे अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई बता रही है, घायल युवक इश्तियाक अंसारी के परिजनों ने उसे "जान से मारने की नीयत से किया गया फर्जी एनकाउंटर" करार दिया है। इस मामले में परिजनों ने सीधे डीजीपी (DGP) को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस की थ्योरी और परिजनों के दावों के बीच विरोधाभास ने रांची पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की कहानी: फिल्मी स्टाइल में पीछा और फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मामला कचहरी चौक से शुरू हुआ। आरोप है कि एक काली बोलेरो (JH01FD5302) में सवार युवकों का किन्नरों के साथ विवाद हुआ।
-
अपहरण का आरोप: पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने बंटी और अभिषेक नामक युवकों को टक्कर मारी और बंटी को जबरन गाड़ी की डिक्की में डालकर ले गए।
-
पीए सिस्टम से चेतावनी: पुलिस ने मांडर तक बोलेरो का पीछा किया। दावा है कि आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की। बास्की गांव में सरेंडर के लिए कहा गया, लेकिन न रुकने पर टायर पर निशाना साधते हुए 11 राउंड फायरिंग की गई।
-
गिरफ्तारी: पुलिस ने गुफरान अंसारी और इश्तियाक अंसारी को रिंची अस्पताल से गिरफ्तार दिखाया है।
परिजनों का पलटवार: "सच्चाई छिपाई जा रही है"
इश्तियाक के परिजनों ने पुलिस की कहानी को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि हकीकत कुछ और ही है:
-
लूट का मामला: परिजनों का आरोप है कि कचहरी चौक पर किन्नरों और बंटी-अभिषेक ने युवकों के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल छीन लिया। मोबाइल वापस मांगने पर विवाद बढ़ा।
-
आत्मरक्षा में भागना: जब पुलिस पीछा करने लगी, तो युवक डर के मारे भागते रहे। सुबह बास्की गांव में गाड़ी रुकने के बाद, बिना किसी चेतावनी के पुलिस ने चारों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
-
गले में फंसी गोली: इश्तियाक को जान से मारने की नीयत से गोली मारी गई, जो कंधे से होते हुए उसके गले में फंस गई। परिवार का कहना है कि इश्तियाक का इलाज मेडिका अस्पताल में चल रहा है और उसका पूरा खर्च परिवार उठा रहा है, जबकि पुलिस उसे हिरासत में बता रही है।
मांडर एनकाउंटर: विवाद के मुख्य बिंदु (Conflict Points)
| पुलिस का दावा | परिजनों का आरोप |
| आरोपियों ने बंटी का अपहरण किया | मोबाइल लूटने के कारण बंटी को बिठाया गया |
| टायर पर निशाना लगाकर गोली चलाई | जान से मारने की नीयत से सीधे शरीर पर गोली मारी |
| रिंची अस्पताल से गिरफ्तारी दिखाई | मेडिका में इलाज जारी, खर्च परिवार उठा रहा |
| आरोपियों ने पुलिस वाहन को टक्कर दी | पुलिस ने गाड़ी रुकने के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग की |
इंसाफ की मांग: डीजीपी के पाले में गेंद
परिजनों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Section 307) का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और इश्तियाक के मोबाइल की जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। रांची रुरल एसपी और मुख्यालय के अधिकारी फिलहाल इस पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन एसआईटी (SIT) की जांच की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
कानून और विश्वास की जंग
बास्की गांव की वह सुबह इश्तियाक के लिए काल बन सकती थी। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस ने वास्तव में कानून के दायरे में रहकर गोली चलाई, या फिर एक मामूली विवाद को 'एनकाउंटर' का रंग देकर अपनी कामयाबी दिखाई गई? सच्चाई जो भी हो, राजधानी की पुलिस अब जनता के भरोसे की कसौटी पर खड़ी है।
What's Your Reaction?


