Pulwama Martyrs Tribute : पुलवामा के शहीदों की याद में रो पड़ा जमशेदपुर, गोलमुरी में पूर्व सैनिकों ने लिया पाकिस्तान से बदला पूरा करने का संकल्प

पुलवामा हमले की बरसी पर जमशेदपुर के गोलमुरी शहीद स्थल पर पूर्व सैनिकों ने वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। 2019 के उस काले दिन की यादों और देश के वीरों के बलिदान की पूरी गौरव गाथा यहाँ मौजूद है वरना आप लौहनगरी के इस सबसे बड़े देशभक्ति कार्यक्रम के भावुक पलों से अनजान रह जाएंगे।

Feb 14, 2026 - 20:11
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Pulwama Martyrs Tribute : पुलवामा के शहीदों की याद में रो पड़ा जमशेदपुर, गोलमुरी में पूर्व सैनिकों ने लिया पाकिस्तान से बदला पूरा करने का संकल्प
Pulwama Martyrs Tribute : पुलवामा के शहीदों की याद में रो पड़ा जमशेदपुर, गोलमुरी में पूर्व सैनिकों ने लिया पाकिस्तान से बदला पूरा करने का संकल्प

जमशेदपुर, 14 फरवरी 2026 – आज का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए एक ऐसा जख्म है जो कभी नहीं भर सकता। पुलवामा हमले की सातवीं बरसी पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर ने गोलमुरी स्थित शहीद स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। जब पूरा शहर वसंत के उत्सव में डूबा था, तब गोलमुरी का वातावरण "वीर शहीद अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से गुंजायमान था। पूर्व सैनिकों ने उन 45 वीर बलिदानियों को याद किया, जिन्होंने 2019 में देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।

भावुक कर देने वाला पल: दीप जलाकर शुरू हुआ नमन

कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के सम्मान में दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर की गई।

  • शहादत को नमन: पूर्व सैनिकों ने बारी-बारी से शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उपस्थित हर सदस्य की आंखें नम थीं, लेकिन सीना गर्व से चौड़ा था।

  • मौन श्रद्धांजलि: देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

  • संकल्प की गूंज: कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि भारत न कभी झुका है और न ही कभी आतंकवाद के सामने झुकेगा।

कायराना हमले का वो काला सच: पाकिस्तान की निंदा

14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले पर जो आत्मघाती हमला हुआ था, उसे परिषद के सदस्यों ने इतिहास का सबसे कायराना कृत्य बताया। अवंतीपोरा के लेथपोरा में हुआ वह हमला आज भी हर भारतीय के खून में उबाल पैदा कर देता है। परिषद के महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि हमारे सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। जब तक आतंकवाद की इस श्रृंखला को जड़ से नहीं मिटाया जाता, तब तक यह संघर्ष अधूरा है।

पुलवामा शहादत दिवस: विशेष आयोजन विवरण (Event Highlights)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
आयोजन स्थल शहीद स्थल, गोलमुरी (जमशेदपुर)
आयोजक अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद
प्रमुख उपस्थिति सिद्धनाथ सिंह, जितेंद्र सिंह, गौतम लाल, राजीव कुमार
मुख्य संदेश शहादत को हमेशा याद रखेगा देश
नारे वीर शहीद अमर रहें, भारतीय सेना जिंदाबाद

इन जांबाजों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस गौरवमयी कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि और पूर्व सैनिक शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से जितेंद्र कुमार सिंह, गौतम लाल, राजीव कुमार सिंह, संतोष कुमार मोदी, मनीष कुमार, शिव कुमार, शैलेंद्र कुमार, किशोर प्रसाद, विकास कुमार और एलबी सिंह सहित कई अन्य पूर्व सैनिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और शहीदों को अंतिम सलामी दी।

तिरंगा ही हमारी पहचान है

कार्यक्रम के अंत में परिषद ने स्पष्ट किया कि सैनिकों की पहचान उनकी वर्दी और तिरंगे से है। "लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर..." की पंक्तियों के साथ पूर्व सैनिकों ने यह संदेश दिया कि देश की संप्रभुता पर आंख उठाने वाले किसी भी दुश्मन को बख्शा नहीं जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।