Bundu Accident: सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में घुसा तेज रफ्तार हाइवा, केबिन में दबकर चालक बुधन लाल की मौत, एनएच-33 पर मची चीख-पुकार
रांची-जमशेदपुर हाईवे पर नवाडीह के पास एक खौफनाक सड़क हादसे में हाइवा चालक बुधन लाल उरांव की केबिन में दबकर मौत हो गई है। खड़े ट्रेलर से हुई इस भीषण भिड़ंत और क्रेन के जरिए निकाले गए शव की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी एनएच-33 पर हुए इस दर्दनाक हादसे की असली वजह जानने से चूक जाएंगे।
बुंडू/रांची, 20 जनवरी 2026 – रांची-जमशेदपुर नेशनल हाईवे (NH-33) पर मंगलवार की सुबह एक बार फिर खून से सजी नजर आई। बुंडू थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव के पास तड़के करीब 3:30 बजे एक तेज रफ्तार हाइवा और खड़े ट्रेलर के बीच इतनी भीषण टक्कर हुई कि हाइवा चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में चालक बुधन लाल उरांव की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाइवा का अगला हिस्सा लोहे के मलबे में तब्दील हो गया और शव को निकालने के लिए पुलिस को गैस कटर और क्रेन की मदद लेनी पड़ी।
अंधेरे में छिपा था 'काल': ब्रेकडाउन ट्रेलर बना हादसे की वजह
हादसा उस वक्त हुआ जब पूरा इलाका घने कोहरे और अंधेरे की चादर में लिपटा था।
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खड़ा ट्रेलर और लापरवाही: उड़ीसा की ओर मुलतानी मिट्टी लेकर जा रहा एक ट्रेलर नवाडीह के पास खराब (ब्रेकडाउन) हो गया था। चालक जितेंद्र भाई वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर पास ही आग ताप रहा था।
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रफ्तार का कहर: रांची की ओर से आ रहे खाली हाइवा की गति इतनी तेज थी कि चालक बुधन लाल अंधेरे में खड़े ट्रेलर को देख नहीं सका। हाइवा सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसा।
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मलबे में फंसी जान: टक्कर के बाद हाइवा का केबिन बुरी तरह पिचक गया, जिसमें बुधन लाल फंस गया। दशम फॉल थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कई घंटों की मशक्कत के बाद क्रेन की सहायता से शव को बाहर निकाला।
NH-33 पर लगा लंबा जाम: घंटों बाधित रहा यातायात
हादसे के बाद हाईवे के एक लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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पुलिस की मुस्तैदी: दशम फॉल और बुंडू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे कराया।
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आंशिक परिचालन: सड़क फोरलेन होने के कारण यातायात को दूसरी लेन से डायवर्ट किया गया, जिससे जाम की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।
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पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
नवाडीह सड़क हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| हादसे का समय | मंगलवार तड़के 3:30 बजे (20 जनवरी 2026) |
| मृतक का नाम | बुधन लाल उरांव (हाइवा चालक) |
| प्रमुख स्थान | नवाडीह गांव, दशम फॉल थाना क्षेत्र |
| हादसे की वजह | तेज रफ्तार और खराब खड़ा ट्रेलर |
| रेस्क्यू टीम | दशम फॉल थाना पुलिस एवं स्थानीय लोग |
इतिहास का पन्ना: NH-33 का 'खूनी' सफर और नवाडीह का ब्लैक स्पॉट
रांची-जमशेदपुर को जोड़ने वाला एनएच-33 झारखंड की लाइफलाइन है, लेकिन इसका इतिहास हादसों से भरा रहा है। 1990 के दशक में यह सड़क दो लेन की हुआ करती थी और इसे भारत की सबसे खतरनाक सड़कों में गिना जाता था। इतिहास गवाह है कि पहाड़ी रास्तों और अंधाधुंध मोड़ों के कारण यहाँ हर साल सैकड़ों लोग जान गंवाते थे। साल 2012 और 2020 के बीच इस हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया गया ताकि सुरक्षा बढ़ सके, लेकिन चौड़ी सड़कें ड्राइवरों के लिए बेलगाम रफ्तार का जरिया बन गईं। नवाडीह और बुंडू के बीच का यह हिस्सा 'ब्लैक स्पॉट' (Black Spot) के रूप में कुख्यात है, जहाँ रात के समय खराब खड़े वाहन अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं। 2026 की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हाईवे पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ रही है।
पुलिस की चेतावनी: "खराब वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य"
दशम फॉल थाना पुलिस ने ट्रेलर चालक जितेंद्र भाई से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वाहन खड़ा करते समय उचित रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर लगाए गए थे या नहीं।
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ड्राइवरों को संदेश: हाईवे पुलिस ने अपील की है कि ब्रेकडाउन की स्थिति में वाहन के पीछे कम से कम 20-30 फीट की दूरी पर पत्थर या रिफ्लेक्टर कोण रखें।
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नींद और थकान: पुलिस का मानना है कि सुबह के वक्त अक्सर ड्राइवरों को झपकी आ जाती है, जो ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनती है।
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जांच रिपोर्ट: पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लापरवाही बरतने वाले पक्ष पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
लापरवाही की भेंट चढ़ गई एक और जिंदगी
बुधन लाल उरांव की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। हाईवे पर खड़े 'यमराज' यानी खराब वाहन और बेलगाम रफ्तार का मेल जब तक खत्म नहीं होगा, तब तक नवाडीह जैसी मौत की खबरें आती रहेंगी।
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