Ranchi Theft: जीपीओ में दिनदहाड़े दुस्साहस, एजेंट का बैग फाड़कर डेढ़ लाख उड़ाए, कोतवाली इलाके में मची भारी खलबली
रांची के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) में पैसे जमा करने आए एजेंट के साथ बड़ी वारदात हो गई है। शातिर चोरों ने पलक झपकते ही बैग काटकर डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस की जांच और इस शातिराना चोरी की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी भीड़भाड़ वाले इलाकों में छिपे इन खतरों से अनजान रह जाएंगे।
रांची, 20 जनवरी 2026 – राजधानी रांची के सबसे व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले कोतवाली थाना क्षेत्र में आज अपराधियों ने पुलिस की चौकसी को खुली चुनौती दे दी। शहीद चौक स्थित जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) परिसर में कलेक्शन का पैसा जमा करने आए एक एजेंट को शातिर चोरों ने अपना निशाना बनाया। बड़ी ही सफाई से एजेंट का बैग काटकर उसमें रखे करीब डेढ़ लाख रुपये लेकर चोर चंपत हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने राजधानी के व्यापारियों और आम लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।
भीड़ का फायदा और शातिराना हमला: पलक झपकते ही गायब हुए पैसे
घटना उस वक्त हुई जब जीपीओ में ग्राहकों की खासी भीड़ थी। पीड़ित एजेंट कलेक्शन की बड़ी रकम लेकर काउंटर की ओर बढ़ रहा था।
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बैग कटिंग गैंग का शक: प्रारंभिक जांच में यह 'बैग कटिंग गैंग' की करतूत लग रही है। चोरों ने इतनी बारीकी से बैग के निचले हिस्से को फाड़ा कि एजेंट को इसका अहसास तक नहीं हुआ।
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डेढ़ लाख की चपत: एजेंट जब काउंटर पर पहुँचा और पैसे निकालने के लिए हाथ बढ़ाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैग खाली था और उसमें एक बड़ा कट लगा हुआ था।
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तत्काल सूचना: एजेंट ने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची और जांच शुरू की।
पुलिस की रडार पर 'सीसीटीवी': संदिग्धों की तलाश जारी
कोतवाली पुलिस ने जीपीओ के भीतर और बाहर लगे कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है।
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फुटेज की जांच: पुलिस यह देख रही है कि एजेंट का पीछा कहाँ से किया जा रहा था। अक्सर ऐसे गिरोह बैंक या भीड़भाड़ वाले दफ्तरों के बाहर ही शिकार की रेकी शुरू कर देते हैं।
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संदेह के घेरे में बाहरी लोग: जीपीओ में प्रवेश करने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा रही है। पुलिस को शक है कि इस वारदात में दो से तीन लोग शामिल हो सकते हैं।
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व्यापारियों में रोष: इस चोरी के बाद स्थानीय व्यापारियों ने इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
रांची जीपीओ चोरी कांड: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| वारदात स्थल | जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO), रांची |
| थाना क्षेत्र | कोतवाली थाना |
| चोरी की रकम | लगभग 1.50 लाख रुपये |
| तरीका | बैग काटकर (Bag Cutting) |
| वर्तमान स्थिति | सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी |
इतिहास का पन्ना: रांची जीपीओ और कोतवाली क्षेत्र का सुरक्षा रिकॉर्ड
रांची का जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) केवल एक डाकघर नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत है। 19वीं शताब्दी के अंत और 20वीं शताब्दी की शुरुआत में ब्रिटिश काल के दौरान इस इलाके को प्रशासनिक हब के रूप में विकसित किया गया था। इतिहास गवाह है कि शहीद चौक और जीपीओ के आसपास का इलाका हमेशा से रांची का व्यावसायिक केंद्र रहा है। साल 2012 और 2018 में भी इस क्षेत्र में बैग छीनने और उठाईगिरी की कई बड़ी घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिसके बाद यहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि, 2026 की यह घटना दिखाती है कि अपराधी अब सीधे सरकारी दफ्तरों के भीतर घुसकर वारदातों को अंजाम देने लगे हैं। 'बैग कटिंग' का यह तरीका ऐतिहासिक रूप से 'कटर गिरोह' की पहचान रहा है, जो भीड़ का फायदा उठाकर सक्रिय होते हैं।
सुरक्षा पर सवाल: भीड़भाड़ वाले दफ्तर कितने सुरक्षित?
जीपीओ जैसी जगह पर जहाँ रोजाना लाखों का लेन-देन होता है, वहां ऐसी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है।
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गश्त की कमी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोतवाली इलाके में पुलिस की उपस्थिति केवल मुख्य सड़कों तक सीमित है, जबकि अपराधी गलियों और दफ्तरों के भीतर सक्रिय हैं।
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पुलिस का पक्ष: कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग लगा दी गई है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।
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सावधानी की अपील: पुलिस ने जनता से अपील की है कि बड़ी रकम लेकर चलते समय बैग को पीछे टांगने के बजाय आगे रखें और संदिग्ध लोगों से सावधान रहें।
शातिर चोरों की गिरफ्त में राजधानी
रांची जीपीओ में हुई यह चोरी एक बड़ी चेतावनी है। अगर सरकारी संस्थानों के भीतर भी पैसा सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कहाँ सुरक्षित महसूस करेगा? अब सारा दारोमदार पुलिस की जांच और उन सीसीटीवी कैमरों पर है जिनसे चोरों का चेहरा बेनकाब हो सकता है।
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