Ramgarh RPF: पटरी से 41 पेंड्रोल क्लिप चोरी कर बोरी में ले जा रहा युवक गिरफ्तार, पतरातू में आरपीएफ की गश्त के दौरान दबोचा गया!

रामगढ़ के पतरातू में आरपीएफ की टीम द्वारा पटरी से रेलवे की कीमती संपत्ति (41 पेंड्रोल क्लिप) चोरी कर प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जा रहे संदिग्ध तापेश्वर प्रजापति को ऑन-फील्ड लाइव रंगेहाथ गिरफ्तार करने की विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 29, 2026 - 16:37
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Ramgarh RPF: पटरी से 41 पेंड्रोल क्लिप चोरी कर बोरी में ले जा रहा युवक गिरफ्तार, पतरातू में आरपीएफ की गश्त के दौरान दबोचा गया!

रामगढ़/पतरातू, 29 मई 2026 – झारखंड के रामगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले पतरातू रेल मंडल कॉरिडोर से रेल सुरक्षा और राष्ट्रीय संपत्ति की विधिक अखंडता को खतरे में डालने वाली एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली चोरी (Railway Property Theft Case) की वारदात सामने आई है। यहाँ पतरातू आरपीएफ (RPF) पोस्ट की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने नियमित गश्त के दौरान अप रेलवे लाइन के किनारे से एक शातिर चोर को रंगेहाथ विधिक घेराबंदी कर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी के पास से भारी प्लास्टिक की बोरी में छुपाकर ले जाए जा रहे रेलवे ट्रैक के बेहद महत्वपूर्ण और सुरक्षात्मक 41 पीस पेंड्रोल क्लिप (Pendrol Clips) बरामद किए गए हैं, जो रेल पटरियों को स्लीपर से जोड़कर रखने का विधिक कार्य करते हैं और जिनके गायब होने से बड़ा रेल हादसा हो सकता था। आरपीएफ पतरातू पोस्ट ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरे डार्क स्क्रैप सिंडिकेट की ऑन-फील्ड जांच शुरू कर दी है।

गिरफ्तारी की लाइव इनसाइड स्टोरी: दोपहर 12:15 बजे की घेराबंदी, प्लास्टिक बोरी का सच और आरपीएफ का एक्शन

पूर्व मध्य रेलवे (ECR) धनबाद रेल मंडल नियंत्रण कक्ष, आरपीएफ कमांडेंट विंग और पतरातू आरपीएफ क्राइम ब्रांच के आंतरिक विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी कामयाबी आरपीएफ की मुस्तैद गश्ती प्रणाली के कारण हासिल हुई।

  • अंडरपास के पास संदिग्ध मूवमेंट: शुक्रवार की दोपहर करीब 12:15 बजे पतरातू आरपीएफ पोस्ट के निरीक्षक प्रभारी अजय कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में उपनिरीक्षक (SI) सोनू कुमार, एसआई प्रवीण कुमार और सशस्त्र बल के जवान पतरातू रेलवे गेट से जयनगर अंडरपास की ओर विधिक गश्त पर थे।

  • बोरी देखकर गहराया शक: गश्ती दल ने देखा कि अप रेल लाइन के किलोमीटर संख्या 119/19-21 के बीच एक व्यक्ति अपने कंधे पर भूरे रंग की प्लास्टिक की भारी बोरी लादकर झाड़ियों के रास्ते भागने की फिराक में है। जवानों ने तुरंत ऑन-फील्ड दौड़कर उसे चारों तरफ से विधिक रूप से कॉर्डन ऑफ (घेराबंदी) कर लिया।

  • कबूला गुनाह, मांगी माफी: बोरी को खोलने पर उसमें से रेलवे ट्रैक के 41 पेंड्रोल क्लिप बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम तापेश्वर प्रजापति (35 वर्ष), निवासी जयनगर कुम्हार टोला (पतरातू, रामगढ़) बताया। जब आरपीएफ ने उससे रेलवे सामग्री के विधिक परिवहन के कागजात मांगे, तो वह पूरी तरह सकपका गया और अपनी गलती मानते हुए विधिक रूप से माफी मांगने लगा।

रेल पटरियों पर मोशन-सेंसर सर्विलांस और कबाड़ सिंडिकेट की विधिक घेराबंदी समय की मांग

आरपीएफ पोस्ट पतरातू की विधिक टीम ने जिस जांबाजी और तत्परता से दोपहर के उजाले में गश्त करते हुए आरोपी तापेश्वर प्रजापति को दबोचा और मानवाधिकार नियमों का विधिक पालन करते हुए जेल भेजा, वह रेल सुरक्षा के विधिक क्रियान्वयन की दिशा में एक बहुत बड़ा ऑन-फील्ड माइलस्टोन है। आरपीएफ अब एसआई सोनू कुमार के विधिक नेतृत्व में आरोपी से यह उगलवाने का प्रयास कर रही है कि वह इन 41 पेंड्रोल क्लिप्स को पतरातू के किस कबाड़ माफिया या अवैध ढलाई कारखाने में बेचने जा रहा था। लेकिन केवल एक छोटे चोर को पकड़ना इस गहरे राष्ट्रीय सुरक्षा डेंजर का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक और हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के युग में पूर्व मध्य रेलवे, आरपीएफ इंटेलिजेंस विंग और रामगढ़ जिला प्रशासन को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरे पतरातू-जयनगर कॉरिडोर की 'ड्रोन सर्विलांस' और ट्रैक के संवेदनशील हिस्सों पर 'ऑटोमैटिक ट्रैक डिफेक्ट डिटेक्शन' (ATDD) कैमरों का विधिक जाल बिछाना होगा। जब तक इन पेंड्रोल क्लिप्स को खरीदने वाले बड़े सर्राफा और लोहा माफियाओं की विधिक किलेबंदी नहीं की जाती, तब तक रामगढ़ के इस ऐतिहासिक, व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल गलियारे को संपत्ति चोरी के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।