Palamu Raid: पलामू में अफीम के काले साम्राज्य पर पुलिसिया प्रहार, 8 ट्रैक्टरों से 15 एकड़ की फसल रौंदी
पलामू पुलिस ने नौडीहा बाजार के जंगली इलाकों में चल रहे अफीम के विशाल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। 15 एकड़ में फैली नशे की फसल और बिहार बॉर्डर पर हुई इस बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी हकीकत यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड के सबसे बड़े 'ड्रग हब' पर हुई कार्रवाई की जानकारी मिस कर देंगे।
पलामू/नौडीहा बाजार, 20 फरवरी 2026 – झारखंड और बिहार की सीमाओं पर फैले नशे के काले कारोबार के खिलाफ पलामू पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा 'सफाई अभियान' चलाया है। जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रतनाग और सीढ़ा के दुर्गम जंगली इलाकों में पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए करीब 15 एकड़ में लहलहा रही अवैध अफीम की फसल को जमींदोज कर दिया। सफेद फूलों की आड़ में छिपे इस 'काले जहर' को नष्ट करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी और ट्रैक्टरों की पूरी फौज उतारनी पड़ी।
जंगल में 'सफेद जहर' का साम्राज्य: ऐसे हुआ खुलासा
पलामू एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार सीमा से सटे रतनाग और सीढ़ा के जंगलों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है।
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दुर्गम इलाका: यह क्षेत्र पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर सालों से अपनी जड़ें जमा रहे थे।
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ट्रैक्टरों से प्रहार: पुलिस ने छापेमारी के लिए 8 ट्रैक्टरों और पुलिस बल की विशेष टीम भेजी। 15 एकड़ में फैली अफीम को ट्रैक्टरों से रौंद दिया गया और जो हिस्से बच गए थे, उन्हें पुलिसकर्मियों ने अपने हाथों से जड़ से उखाड़कर आग के हवाले कर दिया।
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बॉर्डर का फायदा: तस्कर बिहार सीमा के करीब होने का फायदा उठाते हैं; पुलिस आने पर वे अक्सर सीमा पार कर भाग जाते हैं।
सुरक्षा बलों की रणनीति: जीरो टॉलरेंस
थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों के नेतृत्व में चले इस अभियान ने अफीम माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
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सर्च ऑपरेशन: फसल नष्ट करने के बाद भी पुलिस ने पूरे जंगली इलाके में सर्च अभियान चलाया ताकि कहीं और कोई पैच बचा न रह जाए।
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सख्त चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफीम की खेती करने वाले ही नहीं, बल्कि अपनी जमीन पर खेती करवाने वाले भू-स्वामियों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पलामू अफीम विनष्टिकरण: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | रतनाग और सीढ़ा (बिहार बॉर्डर के पास) |
| रकबा | लगभग 15 एकड़ अवैध भूमि |
| संसाधन | 8 ट्रैक्टर और भारी पुलिस बल |
| कार्रवाई का प्रकार | अफीम की फसल का पूर्ण विनष्टिकरण |
| विभाग | पलामू पुलिस (नौडीहा बाजार थाना) |
भविष्य की योजना: ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब केवल जमीन पर कार्रवाई काफी नहीं है।
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ड्रोन सर्विलांस: बिहार बॉर्डर और पलामू के सुदूर जंगलों में अब ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
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जन जागरूकता: ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि अफीम की खेती न केवल अवैध है, बल्कि यह उनकी आने वाली पीढ़ियों को नशे के दलदल में धकेल रही है।
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नार्कोटिक्स टीम: पलामू पुलिस अब नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर उन 'बड़े खिलाड़ियों' तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जो बीज और पैसा इन गरीब किसानों तक पहुँचाते हैं।
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
नौडीहा बाजार में हुई यह कार्रवाई अफीम तस्करों के लिए एक खुली चेतावनी है। पलामू पुलिस ने साफ कर दिया है कि जंगलों की आड़ में चलने वाला 'मौत का कारोबार' अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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