Khunti Tragedy: हाथी के हमले से महिला की मौत, उत्पात मचा रहे 14 जंगली हाथी
खूंटी में हाथियों का खूनी तांडव जारी! देर रात 14 हाथियों के झुंड ने महिला को कुचलकर मारा। फसलें, स्कूल का अनाज सब बर्बाद। स्थानीय लोग वन विभाग से क्यों हैं नाराज? देखें, दो सप्ताह में हाथियों के हमले की दूसरी बड़ी घटना!
खूंटी, 6 दिसंबर 2025 – झारखंड के खूंटी जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगलों से बाहर निकले हाथियों के एक झुंड ने रनिया थाना क्षेत्र में एक वरिष्ठ महिला को कुचलकर मार डाला, जिससे पूरे इलाके में डर और गहरा गुस्सा फैल गया है। यह घटना वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राजनीतिक घराने की महिला बनी शिकार
दर्दनाक यह हादसा रविवार देर रात करीब 2 बजे रनिया थाना क्षेत्र के डिगरी डाहू टोली गांव में हुआ। हाथियों के झुंड ने मरियम कोंगाड़ी (60) पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
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पहचान: मरियम कोंगाड़ी झारखंड मुक्ति मोर्चा बुद्धिजीवी मोर्चा के प्रखंड उपाध्यक्ष और पड़हा राजा पुजार कोंगाड़ी की पत्नी थीं। इस घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं, लेकिन स्थानीय निवासी अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों में हाथियों का तांडव
जंगली हाथियों के उत्पात की यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ ही दिन पहले हाथियों ने बोगतेल गांव में कृष्णा सिंह को भी मार डाला था। इसके अलावा, पिछले रविवार की रात कर्रा प्रखंड के बकसपुर पंचायत स्थित लापा गांव के सरकारी उच्च विद्यालय को भी निशाना बनाया गया। हाथियों ने विद्यालय की चारदीवारी और मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर रखा दोपहर के भोजन का चावल और आलू खा लिया और बड़ी मात्रा में अनाज को नष्ट कर दिया।
14 हाथियों के झुंड से आजीविका पर संकट
बकसपुर पंचायत की मुखिया पूनम बारला ने बताया कि लगभग 14 हाथियों का एक बड़ा झुंड कई दिनों से फसलों को रौंद कर बर्बाद कर रहा है। धान और अन्य उपज के बर्बाद होने से ग्रामीणों की आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। जयपुर पंचायत के गड़ाहातू गांव में भी रविवार रात हाथियों ने किसान बीरेन्द्र साहू की फूलगोभी की पूरी फसल को नष्ट कर दिया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
ग्रामीण रातभर जागकर और चौकस रहकर अपनी फसलों और जान की सुरक्षा करने को विवश हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत सुरक्षा उपाय करने और हाथियों को जंगल की ओर सुरक्षित भेजने की मांग की है।
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