Jharkhand Weather: पारा गिरा, शीतलहर की चेतावनी, 11 जिलों में कड़ाके की ठंड
झारखंड में इस सीज़न की सबसे कड़क ठंड की चेतावनी! अगले 72 घंटों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरेगा। 11 जिलों में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर। जानें रांची, गुमला और चाईबासा का हाल। क्यों अचानक बढ़ी उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं की रफ्तार?
8 दिसंबर 2025 – झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और राज्य में इस सर्दियों के सबसे कड़ाके की ठंड का अहसास होने वाला है। रांची से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक तापमान में तेजी से गिरावट और शीतलहर की बढ़ती रफ्तार ने पूरे प्रदेश को एक नए ठंडे दौर में धकेल दिया है।
बर्फीली हवाओं ने बढ़ाया ठंड का कहर
उत्तर दिशा से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य में कड़ाके की ठंड बढ़ने लगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आज से आगामी दो दिनों तक कई जिलों में शीतलहर की परिस्थितियां बन सकती हैं, जबकि राजधानी रांची सहित अधिकांश हिस्सों में पारा लगातार नीचे जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इन 11 जिलों में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर
ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे झारखंड के 11 जिलों में शीतलहर का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। इन इलाकों में रात और सुबह के तापमान में तेज गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने इन जिलों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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प्रभावित जिले: गुमला, लोहरदगा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, साहिबगंज और दुमका। इन जिलों में न्यूनतम तापमान लगातार सामान्य से नीचे बना रह सकता है।
गुमला सबसे ठंडा, रांची का बदला मौसम
पिछले 24 घंटों में मौसम में तेजी से बदलाव आया है। राज्य के तापमान में भारी अंतर देखने को मिला है। गुमला इस समय झारखंड का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान केवल 5.9°C दर्ज किया गया। दूसरी ओर, चाईबासा में दिन का अधिकतम तापमान 28.4°C तक पहुंचा, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।
रांची का अधिकतम तापमान 23.4°C रहा, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 10.8°C दर्ज किया गया। रांची समेत आसपास के क्षेत्र में सुबह और देर शाम शीतलहर के झोंके महसूस किए जा रहे हैं, जिससे सामान्य जीवन पर असर पड़ने लगा है। तापमान का यह उतार-चढ़ाव स्पष्ट संकेत देता है कि उत्तर भारत की बर्फीली हवाएं सीधे झारखंड को प्रभावित कर रही हैं। अगले 72 घंटों में घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है।
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