Palamu Arrest: पलामू में ट्रेन पकड़ने की फिराक में खड़ा तस्कर दबोचा गया, बैग से निकला 670 ग्राम 'काला सोना
पलामू पुलिस ने पोखराहा चौक पर छापेमारी कर 670 ग्राम अवैध अफीम के साथ शमशेर खलिफा को गिरफ्तार किया है। आरोपी इस खेप को ट्रेन के जरिए राज्य से बाहर खपाने की तैयारी में था। नशे के इस काले कारोबार और पुलिस की बड़ी कार्रवाई की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
पलामू/डालटनगंज, 16 मार्च 2026 – पलामू पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। डालटनगंज के पोखराहा चौक के पास से पुलिस ने एक शातिर तस्कर को 670 ग्राम प्रतिबंधित अफीम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया युवक काले रंग के बैग में अफीम छिपाकर ट्रेन पकड़ने की फिराक में था। पुलिस की मुस्तैदी ने न केवल नशे की इस बड़ी खेप को जब्त किया, बल्कि अंतर्राज्यीय नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को भी बेनकाब कर दिया है।
पोखराहा चौक पर बिछाया जाल: पुलिस को देख भागने लगा तस्कर
पलामू सदर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पांकी की ओर से एक युवक भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर डालटनगंज आ रहा है। सूचना थी कि वह रेलवे स्टेशन पहुँचकर ट्रेन के जरिए अफीम को किसी दूसरे राज्य में ऊँचे दामों पर बेचने वाला है।
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घेराबंदी: वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सदर थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और पोखराहा चौक पर नाकेबंदी की गई।
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संदेह और दौड़: इसी दौरान पुलिस ने एक युवक को काले पिट्ठू बैग के साथ संदिग्ध हालत में देखा। जैसे ही उसने पुलिस की जीप देखी, वह गली की ओर भागने लगा। जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे दबोच लिया।
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पहचान: आरोपी की पहचान शमशेर खलिफा (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मनातू (पलामू) में रहता है और मूल रूप से गढ़वा जिले का निवासी है।
बैग की तलाशी: कपड़ों के नीचे छिपा था 'जहर'
जब पुलिस ने शमशेर से बैग के बारे में पूछा, तो उसने पहले झूठ बोला कि उसमें सिर्फ उसके कपड़े हैं।
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बरामदगी: गहन तलाशी लेने पर बैग के भीतर एक पारदर्शी प्लास्टिक मिली, जिसमें काले रंग का चिपचिपा पदार्थ भरा था। जांच में इसकी पुष्टि अफीम के रूप में हुई।
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वजन और कीमत: इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर अफीम का वजन 670 ग्राम पाया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
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अन्य सामान: पुलिस ने उसके पास से एक वीवो मोबाइल और 1220 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
पलामू और अफीम तस्करी का पुराना 'नेक्सस'
पलामू प्रमंडल ऐतिहासिक रूप से अफीम की खेती और तस्करी के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है।
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भौगोलिक स्थिति: पलामू और चतरा के घने जंगलों का फायदा उठाकर उग्रवादी संगठन और तस्कर लंबे समय से अफीम की खेती करवाते रहे हैं। 2000 के दशक की शुरुआत में यह व्यापार बहुत सीमित था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में 'सिंथेटिक ड्रग्स' और 'अफीम' की मांग बढ़ने से यह एक संगठित अपराध बन गया है।
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ट्रांजिट हब: डालटनगंज रेलवे स्टेशन ऐतिहासिक रूप से दिल्ली, यूपी और बिहार के लिए एक मुख्य ट्रांजिट हब रहा है। तस्कर अक्सर ट्रेन को सबसे सुरक्षित जरिया मानते हैं क्योंकि यहाँ चेकिंग से बचने के कई रास्ते होते हैं। पलामू पुलिस का इतिहास गवाह है कि पोखराहा और पांकी रोड जैसे इलाकों में पहले भी कई बड़े 'ड्रग लॉर्ड्स' पकड़े गए हैं। आज की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि अब तस्करों के लिए पुराने रास्ते सुरक्षित नहीं रहे।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई: आगे की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी शमशेर खलिफा के खिलाफ सदर थाना में कांड संख्या 30/2026 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 17(b), 22(b) और 29 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
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नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब शमशेर के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि पांकी में उसे यह अफीम किसने सप्लाई की थी और बाहर वह इसे किसे सौंपने वाला था।
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न्यायिक हिरासत: कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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