Palamu Murder: खूनी इश्क, पलामू में पत्नी को मारकर नाले में दफनाया, पुलिस के डर से कातिल पति का सरेंडर

पलामू के नावाबाजार में प्रियंका उर्फ पूजा की नृशंस हत्या कर उसका शव नाले में दफनाने वाले मुख्य आरोपी पति रंजीत मेहता ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। रंजीत के खूनी प्रेम प्रसंग और जेसीबी से खुदाई कर निकाली गई लाश की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस 'अवैध संबंध' के खौफनाक अंजाम का कड़वा सच कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 7, 2026 - 14:26
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Palamu Murder: खूनी इश्क, पलामू में पत्नी को मारकर नाले में दफनाया, पुलिस के डर से कातिल पति का सरेंडर
Palamu Murder: खूनी इश्क, पलामू में पत्नी को मारकर नाले में दफनाया, पुलिस के डर से कातिल पति का सरेंडर

पलामू, 7 जनवरी 2026 – झारखंड के पलामू जिले में 'इश्क, फरेब और हत्या' की एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। तुकबेरा पंचायत के डेरवना टोला में अपनी ही पत्नी की हत्या कर उसे नाले के किनारे दफनाने वाले शातिर पति रंजीत मेहता ने आखिरकार कानून के आगे घुटने टेक दिए हैं। पुलिस की लगातार छापेमारी और बढ़ते दबाव के चलते आरोपी ने मंगलवार को पलामू व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। यह वही रंजीत है जिसने नए साल के जश्न के शोर के बीच अपनी पत्नी की खुशियों को हमेशा के लिए मिट्टी में दफन कर दिया था।

जेसीबी से निकली लाश: 1 जनवरी का वो खौफनाक मंजर

प्रियंका उर्फ पूजा देवी, जिसकी उम्र महज 25 वर्ष थी, बीते कुछ दिनों से अचानक लापता हो गई थी। मायके वालों की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो कड़ियां रंजीत मेहता की ओर जुड़ने लगीं।

  • मिट्टी में दफन सच: पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि डेरवना टोला के पास एक नाले के गड्ढे में कुछ संदिग्ध हलचल हुई है।

  • खुदाई में मिला शव: जब पुलिस ने जेसीबी (JCB) मंगवाकर उस गड्ढे की खुदाई शुरू कराई, तो वहां से प्रियंका की सड़ी-गली लाश बरामद हुई।

  • पहचान: शव की पहचान तीसीबार दरूवा गांव निवासी द्वारिका मेहता की पुत्री के रूप में हुई। 2019 में बड़े अरमानों के साथ हुई शादी का ऐसा अंत देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

हत्या की वजह: वो 'दूसरी औरत' और खूनी प्रेम प्रसंग

पुलिस की जांच और परिजनों के आरोपों ने रंजीत मेहता के उस काले चेहरे को बेनकाब कर दिया है, जिसे उसने समाज से छिपा रखा था।

  1. अवैध संबंध: प्रियंका के परिजनों का आरोप है कि रंजीत का तुकबेरा की रहने वाली गुड्डी देवी (एक शादीशुदा महिला) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।

  2. कलह और कत्ल: इस रिश्ते का विरोध करने पर रंजीत अक्सर प्रियंका के साथ मारपीट करता था। आखिरकार उसने गुड्डी के साथ मिलकर प्रियंका को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

  3. फरार गुड्डी: हत्या के इस मामले में सह-आरोपी गुड्डी देवी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। विश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

पलामू हत्याकांड: केस का पूरा ब्योरा (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
मृतका प्रियंका उर्फ पूजा देवी (25 वर्ष)
मुख्य आरोपी पति रंजीत मेहता (सरेंडर कर चुका है)
सह-आरोपी गुड्डी देवी (फरार)
हत्या का तरीका गला दबाकर हत्या, फिर शव दफनाया
बरामदगी स्थल डेरवना टोला नाला, पलामू

इतिहास और अपराध: पलामू में बढ़ते 'क्राइम ऑफ पैशन'

पलामू का पटलवार और नावाबाजार क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि वाला इलाका रहा है, जहाँ पारिवारिक मर्यादाएं सर्वोपरि मानी जाती थीं। लेकिन पिछले एक दशक में यहाँ 'एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर' (अवैध संबंध) के चलते होने वाली हत्याओं में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। 2022 में भी इसी तरह का एक मामला विश्रामपुर में आया था, जहाँ जमीन और अवैध संबंध के चक्कर में सगे रिश्तों का खून बहाया गया। समाजशास्त्रियों का मानना है कि बदलती जीवनशैली और सामाजिक बंदिशों के टूटने के बीच 'अवैध संबंधों' ने ग्रामीण इलाकों में अपराध के नए पैटर्न को जन्म दिया है, जिसे 'क्राइम ऑफ पैशन' कहा जाता है। प्रियंका की हत्या इसी बढ़ती सामाजिक बुराई का एक और काला अध्याय है।

पुलिस रिमांड और पूछताछ: खुलेंगे कई और राज

विश्रामपुर पुलिस अब रंजीत मेहता को जेल से रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

  • हत्या की साजिश: पुलिस यह जानना चाहती है कि हत्या में गुड्डी देवी की भूमिका कितनी सक्रिय थी और क्या शव को दफनाने में किसी और ने भी मदद की थी।

  • फोरेंसिक साक्ष्य: हत्या में प्रयुक्त सामान और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का मिलान रंजीत के बयानों से किया जाएगा।

  • गुड्डी की तलाश: पुलिस का मानना है कि गुड्डी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्या प्रियंका को मारने के बाद वे दोनों शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे।

न्याय की उम्मीद

रंजीत मेहता का सरेंडर पुलिस की एक बड़ी जीत है, लेकिन प्रियंका के परिवार के लिए असली न्याय तब होगा जब उसे फांसी के फंदे तक पहुँचाया जाएगा। पलामू के इस सनसनीखेज 'जेसीबी हत्याकांड' ने यह साबित कर दिया है कि जुर्म को चाहे कितनी भी गहरी मिट्टी में दफना दिया जाए, कानून का हाथ वहां तक पहुँच ही जाता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।