Palamu Medical: एमएमसीएच में नवजात की मौत पर भारी बवाल, डॉक्टरों पर लापरवाही का संगीन आरोप, दो दिन बाद परिजनों ने घेरा अस्पताल
पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में नवजात की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। डॉक्टरों की लापरवाही और अस्पताल अधीक्षक के आश्वासन के बीच मचे इस एक घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बड़ी लापरवाही के सच से चूक जाएंगे।
पलामू, 6 फरवरी 2026 – पलामू जिले के सबसे बड़े अस्पताल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में शुक्रवार की सुबह उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गई, जब एक नवजात बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। प्रसव के महज आधे घंटे बाद हुई मासूम की मौत ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते डॉक्टरों ने ध्यान दिया होता, तो उनका बच्चा आज जिंदा होता। लगभग एक घंटे तक चले इस हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बुधवार का प्रसव और शुक्रवार का आक्रोश: क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत बुधवार को हुई थी, जब पड़वा थाना क्षेत्र के राजहरा गांव निवासी रवियान्स कुमार ने अपनी पत्नी सानिया कुमारी को एमएमसीएच के महिला वार्ड में भर्ती कराया था।
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प्रसव के बाद त्रासदी: सानिया का सामान्य प्रसव हुआ, लेकिन खुशियाँ चंद मिनटों में मातम में बदल गईं। जन्म के करीब आधे घंटे बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
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दो दिन बाद का प्रदर्शन: घटना के समय परिजन गमगीन थे और बच्चे का अंतिम संस्कार करने घर चले गए। लेकिन शुक्रवार को न्याय की मांग लेकर वे बड़ी संख्या में अस्पताल पहुँचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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अधीक्षक का दखल: मामला बढ़ता देख अस्पताल अधीक्षक और पुलिस बल मौके पर पहुँचे। अधीक्षक ने लिखित आश्वासन दिया है कि एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
एमएमसीएच हंगामा: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH), पलामू |
| मृतक | राजहरा गांव निवासी सानिया कुमारी का नवजात |
| आरोप | ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की घोर लापरवाही |
| कार्रवाई | अस्पताल अधीक्षक द्वारा जांच का आश्वासन |
| हंगामे की अवधि | लगभग 01 घंटा (अफरा-तफरी का माहौल) |
अस्पताल प्रबंधन की सफाई और सुरक्षा बल की तैनाती
हंगामे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची ताकि स्थिति अनियंत्रित न हो। अस्पताल अधीक्षक ने परिजनों को समझाते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कई बार जटिलताएं होती हैं, लेकिन यदि किसी स्तर पर मानवीय चूक या लापरवाही हुई है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और ड्यूटी चार्ट की भी जांच हो।
भरोसे की कसौटी पर स्वास्थ्य विभाग
एमएमसीएच में हुआ यह बवाल केवल एक परिवार का गुस्सा नहीं है, बल्कि यह उन हजारों मरीजों की आवाज है जो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा करते हैं। अब सबकी नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं—क्या वाकई दोषियों पर कार्रवाई होगी या यह आश्वासन भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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