Ranchi Murder: चूल्हे की आग में जलकर मौत का नाटक, पोस्टमॉर्टम ने खोला सिर में गोली का राज, ₹2 लाख में देवर ने ही दी थी भाभी की सुपारी
रांची के तमाड़ में जादू-टोना के शक में भाभी की हत्या कर उसे चूल्हे का हादसा बताने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ है। ₹2 लाख की सुपारी और सिर में छिपी गोली के इस सनसनीखेज सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड के इस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड की हकीकत से चूक जाएंगे।
रांची, 6 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के तमाड़ इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हिलाकर रख दिया है। जिसे सब एक घरेलू 'हादसा' मान रहे थे, वह असल में ठंडे दिमाग से रची गई एक खूनी साजिश निकली। तमाड़ के तालाडीह गांव में एतवारी कुमारी नाम की महिला की मौत का सच जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के जरिए बाहर आया, तो पुलिस के भी पैरों तले जमीन खिसक गई। चूल्हे की आग में जलकर मरने का नाटक रचने वाले हत्यारों ने असल में महिला के सिर में गोली मारी थी। रांची पुलिस ने इस मामले में देवर और शूटर समेत 6 आरोपियों को धर दबोचा है।
हादसा या मर्डर? पोस्टमॉर्टम की एक रिपोर्ट ने पलटी बाजी
1 फरवरी 2026 को तालाडीह गांव से खबर आई कि एतवारी कुमारी की चूल्हे के पास खाना बनाते समय जलने से मौत हो गई है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को रिम्स भेजा और शुरुआती तौर पर इसे एक दुखद दुर्घटना माना।
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डॉक्टरों का चौंकाने वाला खुलासा: 2 फरवरी को जब पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट आई, तो बड़ा राज खुला। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत जलने से नहीं बल्कि सिर में गोली लगने से हुई थी।
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साजिश का पर्दाफाश: रिपोर्ट मिलते ही एसएसपी रांची के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। जांच में पता चला कि मृतका का सगा देवर सोनाराम लोहरा ही इस पूरी खूनी खेल का मास्टरमाइंड था।
अंधविश्वास का खूनी खेल: ₹2 लाख में तय हुआ सौदा
सोनाराम लोहरा को शक था कि उसकी भाभी एतवारी कुमारी जादू-टोना (डाइन-बिसाही) जानती है। उसे यकीन था कि उसकी भाभी ने ही उसके दो बच्चों को मार दिया है। इसी नफरत और बदले की आग में उसने भाभी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
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साजिश का जाल: सोनाराम ने अपने साले अमित लोहरा के साथ मिलकर विष्णु महतो नाम के शूटर को ₹2 लाख की सुपारी दी।
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सटीक टाइमिंग: 1 फरवरी की शाम जब गांव में हलचल कम थी, शूटर घर में घुसे और एतवारी के सिर में गोली मार दी।
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सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के तुरंत बाद आरोपियों ने शव को चूल्हे की जलती आग में झोंक दिया ताकि गोली के निशान जल जाएं और पुलिस इसे केवल आग से हुई मौत मानकर फाइल बंद कर दे।
तमाड़ हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| नाम मृतका | एतवारी कुमारी (तालाडीह, तमाड़) |
| हत्या का कारण | जादू-टोना (डाइन) का संदेह |
| सुपारी की रकम | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) |
| हथियार बरामद | एक देशी कट्टा, 2 बाइक, 2 मोबाइल |
| मुख्य आरोपी | सोनाराम लोहरा (देवर) एवं 5 अन्य |
पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: सलाखों के पीछे 6 आरोपी
एसडीपीओ बुंडू के नेतृत्व में बनी टीम ने तालाडीह और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर सोनाराम लोहरा, सोमा लोहरा, लखीचरण मुंडा, कालीचरण लोहरा, अमित लोहरा और मुख्य शूटर विष्णु महतो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल देशी कट्टा और भागने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
चूल्हे की लपटें नहीं छिपा पाईं सच
अपराधियों को लगा था कि आग की लपटें उनके गुनाह के सारे सबूत राख कर देंगी, लेकिन डॉक्टरों की एक पारखी नजर और पुलिस की मुस्तैदी ने उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। तमाड़ का यह मामला याद दिलाता है कि कानून की नजर से बचना नामुमकिन है।
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