Medininagar Newborn Head Found : मेदिनीनगर में नवजात का कटा सिर मिला, धड़ लापता, श्मशान के पास मिली लाश के पीछे कौन सा काला राज
पलामू के टेढ़वा पुल पर नवजात बच्चे का कटा सिर मिलने से पूरे मेदिनीनगर में दहशत क्यों फैल गई? क्या आप जानते हैं कि पुलिस ने बलि या अंधविश्वास से जुड़ी घटना की आशंका क्यों जताई है? थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार अस्पतालों के रिकॉर्ड क्यों खंगाल रहे हैं? नवजात का धड़ अब तक क्यों नहीं मिला और इस रहस्यमय वारदात का पर्दाफाश कब होगा? पूरी जानकारी पढ़ें!
मेदिनीनगर, 31 अक्टूबर 2025 – झारखंड के पलामू जिले की राजधानी मेदिनीनगर शहर में गुरुवार की देर शाम एक ऐसी भयावह और अविश्वसनीय घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत और गहरे सन्नाटे में डूबो दिया है। शहर थाना क्षेत्र के टेढ़वा पुल पर स्थित श्मशान घाट के पास एक नवजात बच्चे का कटा हुआ सिर मिलने से मानवता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने सिर बरामद कर लिया है, लेकिन नवजात का धड़ अब तक लापता है, जिससे यह रहस्यमय वारदात और भी जटिल हो गई है।
श्मशान के पास कटा सिर: बलि और अंधविश्वास की आशंका
यह दिल दहला देने वाली सूचना मिलते ही पूरे मेदिनीनगर शहर में हड़कंप मच गया।
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पुलिस बल पहुंचा: मेदिनीनगर टाउन के थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार के नेतृत्व में पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा।
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कितना बड़ा बच्चा: पुलिस को जो सिर मिला है, वह करीब तीन से चार दिन के नवजात का बताया जा रहा है।
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बलि का शक: घटनास्थल श्मशान घाट से कुछ ही दूरी पर है, जिसके कारण शुरुआती तौर पर किसी अंधविश्वास या मानव बलि की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इस बिंदु पर कोई ठोस सबूत मिलने से फिलहाल इनकार किया है।
लापता धड़ का सर्च ऑपरेशन: अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं
थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि पुलिस विभिन्न कोणों से इस गंभीर मामले की जांच में जुटी है।
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अस्पतालों पर नजर: पुलिस आसपास के सभी अस्पतालों और नर्सिंग होम के रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि पिछले तीन-चार दिनों में किन परिवारों में बच्चों का जन्म हुआ है और उनमें से कोई नवजात लापता तो नहीं है।
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धड़ की तलाश: पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन अब तक धड़ का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि धड़ बरामद होते ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और मामले में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पलामू और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और जादू-टोना के नाम पर होने वाली हिंसा और अमानवीय घटनाओं का एक काला इतिहास रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि समाज में जागरूकता की कितनी कमी है।
इस घटना ने टेढ़वा पुल और आसपास के लोगों के मन में गहरा भय और जिज्ञासा पैदा कर दी है। पुलिस पूरी कोशिश में है कि इस रहस्यमयी और अमानवीय वारदात का पर्दाफाश जल्द से जल्द हो सके और अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके।
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