Jharkhand Weather: रांची पर 'चक्रवात मोंथा' का अंतिम हमला, अगले 48 घंटे भारी, कोल्हान-संथाल के लिए IMD की बड़ी चेतावनी
चक्रवात मोंथा के कमजोर होने के बावजूद भी झारखंड में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश क्यों होगी? क्या आप जानते हैं कि कोल्हान और संथाल प्रमंडल के इलाकों को शनिवार को सबसे बड़ा खतरा क्यों है? रांची में तापमान में बदलाव के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं का खतरा क्यों है? वज्रपात और बिजली बाधित होने पर IMD ने क्या खास सलाह दी है? पूरी जानकारी पढ़ें!
रांची, 30 अक्टूबर 2025 – झारखंड के सिर पर मंडरा रहे चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तूफान कमजोर होने के बावजूद अगले 48 घंटों तक अपनी नमी और वायुगति के चलते राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश जारी रहेगी। इस दौरान मौसम का मिजाज अत्यधिक अस्थिर बना रहेगा, और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि शनिवार से मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने का अनुमान है, लेकिन उससे पहले मौसम विभाग ने विशेष रूप से संथाल और कोल्हान प्रमंडल के इलाकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है।
कमजोर हुआ चक्रवात, पर खतरा अभी भी बाकी: पश्चिमी भाग में रिकॉर्ड बारिश
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, चक्रवात मोंथा अब उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। अपनी गति में कमी आने के बावजूद, यह अपने साथ लाई गई भारी नमी के कारण अभी भी पूरे प्रदेश में प्रभावी है।
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बारिश का बंटवारा: हाल ही में राजधानी रांची में 12.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि राज्य के पश्चिमी भाग में अधिकतम बारिश लगभग 75 मिमी रिकॉर्ड की गई है।
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तापमान में बदलाव: रांची में अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 24 घंटों की तुलना में लगभग 1.4 डिग्री अधिक था। दिन में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहे, लेकिन कुछ देर के लिए धूप भी निकली, जो मौसम की अस्थिरता को दर्शाती है।
झारखंड में मानसून के बाद चक्रवात का प्रभाव पड़ना असामान्य नहीं है, लेकिन मोंथा जैसे बड़े तूफान का असर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में दिखना एक गंभीर जलवायु परिवर्तन संकेत है।
कोल्हान-संथाल के लिए हाई अलर्ट: वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD Ranchi) ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
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खतरे की घंटी: IMD ने राज्य के कई जिलों के लिए Thunderstorm और Lightning Alert जारी किया है।
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तेज हवाएं: इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक बढ़ सकती है, जिससे पेड़ों की शाखाएं टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है।
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भारी बारिश का अनुमान: मौसम विज्ञानियों ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि संथाल एवं कोल्हान प्रमंडल के इलाकों में शनिवार को कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।
IMD की सलाह: इन जगहों पर खड़े होने से बचें लोग
स्थिति को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
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सुरक्षा के नियम: लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले स्थानों, ऊँचे पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें, क्योंकि वज्रपात (बिजली गिरने) का खतरा बढ़ गया है।
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किसानों के लिए निर्देश: ग्रामीण इलाकों में किसानों और मजदूरों को भी बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों से दूर सुरक्षित जगहों पर रहने की हिदायत दी गई है।
चक्रवात मोंथा का अंतिम दौर शनिवार से धीरे-धीरे कम होने लगेगा और मौसम सामान्य स्थिति की ओर लौटने लगेगा। तब तक सभी को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
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