Palamu Pranam: हुसैनाबाद के शूरवीरों का ऐतिहासिक सम्मान, झारखंड आंदोलन के 11 नायकों को सरकार ने नवाजा, अनुमंडल कार्यालय में भावुक हुए सेनानी
पलामू के हुसैनाबाद में 77वें गणतंत्र दिवस पर झारखंड आंदोलन के उन 11 महान नायकों के सम्मान की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है जिन्होंने अलग राज्य के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। छेदी खान और अल्लू खान समेत सभी सम्मानित सेनानियों के संघर्षों का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप झारखंड के गौरवशाली इतिहास के इस सबसे महत्वपूर्ण अध्याय को जानने से चूक जाएंगे।
हुसैनाबाद (पलामू), 27 जनवरी 2026 – झारखंड की माटी का कर्ज चुकाने वाले उन वीर सपूतों के लिए कल का दिन बेहद खास रहा, जिन्होंने दशकों पहले 'अलग झारखंड राज्य' के निर्माण के लिए लाठियां खाईं और जेलों की सलाखें गिनीं। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, पलामू जिला प्रशासन ने हुसैनाबाद के 11 जांबाज आंदोलनकारियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। अनुमंडल कार्यालय परिसर में सुबह 10:45 बजे आयोजित इस समारोह में जब इन बुजुर्ग सेनानियों के नाम पुकारे गए, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और 'झारखंड जोहार' के नारों से गूँज उठा। यह सम्मान केवल एक प्रशस्ति पत्र नहीं, बल्कि उस संघर्ष की जीत है जिसने आज झारखंड को अपनी पहचान दी है।
सरकार का सलाम: 26 साल का संघर्ष और सम्मान की थाली
झारखंड राज्य को बने आज 26 साल होने जा रहे हैं। इसी ऐतिहासिक मौके पर झारखंड सरकार के निर्देशानुसार पलामू प्रशासन ने उन चेहरों को आगे लाया जो पर्दे के पीछे रहकर हक की लड़ाई लड़ते रहे।
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भावुक पल: जब एजाज हुसैन उर्फ छेदी खान और अली अहमद उर्फ अल्लू खान जैसे वरिष्ठ आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया, तो उनकी आँखों में उस दौर के संघर्ष की चमक साफ देखी जा सकती थी।
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एकजुटता का संदेश: अनुमंडल पदाधिकारी की उपस्थिति में इन नायकों को शॉल और सम्मान पत्र देकर उनके योगदान को सराहा गया। वक्ताओं ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र झारखंड की हवा में सांस ले रहे हैं, उसकी नींव इन्हीं लोगों ने रखी थी।
सम्मानित होने वाले हुसैनाबाद के 11 जांबाज
प्रशासन द्वारा जारी सूची में उन लोगों के नाम शामिल हैं जिन्होंने हुसैनाबाद क्षेत्र से झारखंड आंदोलन की मशाल जलाए रखी:
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एजाज हुसैन उर्फ छेदी खान (आंदोलन का प्रखर चेहरा)
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अली अहमद उर्फ अल्लू खान (संघर्ष के पुराने साथी)
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नेहाल असगर
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एजाज आलम
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धनंजय कुमार तिवारी
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बिनोद सिंह
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हिमाचल मिश्रा
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रामायण सिंह
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शशि भूषण
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विजय राम
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सरदार चौधरी
हुसैनाबाद आंदोलनकारी सम्मान: मुख्य झलकियाँ (Event Spotlight)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Highlights) |
| कार्यक्रम स्थल | अनुमंडल कार्यालय परिसर, हुसैनाबाद |
| कुल सम्मानित संख्या | 11 झारखंड आंदोलनकारी |
| ऐतिहासिक संदर्भ | झारखंड राज्य निर्माण के 26 वर्ष |
| आयोजक | पलामू जिला प्रशासन (झारखंड सरकार के निर्देश पर) |
| मुख्य भावना | राज्य के प्रति कृतज्ञता और संघर्ष का सम्मान |
आंदोलनकारियों की हुंकार: "अभी विकास की मंजिल बाकी है"
समारोह के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए आंदोलनकारियों ने पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे वे रात-रात भर बैठकें करते थे और पुलिस की लाठियों से बेखौफ होकर झारखंड के हक की बात करते थे। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी से अपील की कि वे इस राज्य को वैसा ही 'सोने का झारखंड' बनाएं जैसा सपना महापुरुषों ने देखा था।
सम्मान से बढ़ा मान
पलामू जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है। हुसैनाबाद के इन 11 नायकों का सम्मान दरअसल झारखंड की उस अदम्य इच्छाशक्ति का सम्मान है, जो कभी झुकना नहीं जानती।
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