Palamu Murder: पलामू में दोहरे हत्याकांड का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा, नशे की महफिल में बना मौत का प्लान, पत्थर से कूचकर दो दोस्तों को उतारा मौत के घाट
पलामू पुलिस ने जनवरी के दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी चुनमुन चौधरी को गिरफ्तार किया है। महज ₹1300 की लूट के लिए शंकर राम और अपने ही साथी करीवा की निर्मम हत्या की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
मेदिनीनगर/पलामू, 7 अप्रैल 2026 – झारखंड के पलामू जिले में जनवरी के महीने में हुई दो रहस्यमयी मौतों की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने एक ऐसे शातिर कातिल को बेनकाब किया है, जिसने महज ₹1300 की मामूली रकम के लिए अपने ही दोस्तों का खून बहा दिया। पकड़े गए आरोपी चुनमुन चौधरी उर्फ अजित चौधरी (25 वर्ष) ने जो कबूलनामा किया है, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। नशे की लत और लालच ने कैसे दो इंसानों को 'पत्थर' से कूचकर मौत की नींद सुला दिया, इसकी पूरी दास्तां अब फाइलों में दर्ज हो चुकी है।
16 जनवरी की वो खौफनाक सुबह: जब मिले दो लावारिस शव
पलामू की सड़कों पर 16 जनवरी का दिन दहशत लेकर आया था।
-
पहला शव: चैनपुर थाना क्षेत्र के रैनीबांध तालाब के पास एक अधजला शव मिला, जिसकी पहचान बाद में शंकर राम (37) के रूप में हुई।
-
दूसरा शव: उसी दिन कुछ घंटों के अंतराल पर डालटनगंज रेलवे स्टेशन के आगे पुल के पास एक और युवक (करीवा उर्फ छोटू) का शव मिला।
-
वारदात का तरीका: दोनों ही मामलों में हत्या का तरीका एक जैसा था—पत्थर से सिर कूचकर चेहरा बिगाड़ दिया गया था। एसपी रीष्मा रमेशन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तकनीकी सेल और गुप्तचरों को सक्रिय किया।
₹1300 की 'खूनी' कीमत: नशे की महफिल में बुना गया जाल
पुलिस की गिरफ्त में आए चुनमुन चौधरी ने पूछताछ में बताया कि 15 जनवरी की रात डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास नशे का दौर चल रहा था।
-
लालच की शुरुआत: नशे के दौरान चुनमुन को पता चला कि शंकर राम के पास पैसे हैं, लेकिन वह उन्हें खर्च नहीं कर रहा। इसी बात ने चुनमुन के भीतर के शैतान को जगा दिया।
-
पहली हत्या: चुनमुन और उसके साथी करीवा ने मिलकर शंकर को सुनसान रैनीबांध इलाके में ले जाकर उसे लूट लिया। जब शंकर ने विरोध किया और पहचान उजागर होने का डर सताया, तो पत्थर से उसका सिर कूच दिया गया और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की गई।
-
साथी का कत्ल: पहली वारदात के बाद जब दोनों रेलवे स्टेशन लौटे, तो लूट के पैसों के बंटवारे या किसी बात को लेकर चुनमुन और करीवा (छोटू) में विवाद हो गया। करीवा ने जब धमकी दी, तो चुनमुन ने अपने ही साथी को रेलवे पुल के पास ले जाकर उसी पत्थर से मार डाला जिससे उन्होंने शंकर की हत्या की थी।
अपराध और नशे का बढ़ता गठजोड़
पलामू का मुख्यालय मेदिनीनगर (डालटनगंज) ऐतिहासिक रूप से एक शांत व्यापारिक केंद्र रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में रेलवे स्टेशन के आसपास नशेड़ियों का जमावड़ा सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है।
-
रेलवे स्टेशन का डार्क जोन: डालटनगंज स्टेशन के बाहरी इलाके और रेलवे पुल के पास की झाड़ियां अक्सर असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन जाती हैं। इस दोहरे हत्याकांड ने यह साबित कर दिया है कि नशे की गिरफ्त में आया युवा वर्ग मामूली रकम के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
-
पुलिस की पैनी नजर: एसपी रीष्मा रमेशन के आने के बाद पलामू पुलिस ने 'क्राइम मैपिंग' के जरिए संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया है। यही वजह है कि महीनों पुराने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझा लिया गया।
-
आरोपी का बैकग्राउंड: चुनमुन चौधरी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी चोरी और झपटमारी के मामलों में जेल जा चुका है, जिससे साफ है कि वह एक आदतन अपराधी है।
बरामदगी और कानूनी शिकंजा: पुलिस की बड़ी जीत
आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मौके से अहम सबूत भी इकट्ठा कर लिए हैं।
-
सबूत बरामद: पुलिस ने चुनमुन की निशानदेही पर मृतक शंकर राम का पर्स, आधार कार्ड और फोटो बरामद किया है। ये सबूत कोर्ट में आरोपी को सजा दिलाने के लिए सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे।
-
न्यायिक हिरासत: पलामू पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
-
सराहना: इस जटिल गुत्थी को सुलझाने वाली टीम को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है, क्योंकि यह मामला पुलिस के लिए 'ब्लाइंड मर्डर' की श्रेणी में था।
पलामू का यह दोहरा हत्याकांड समाज के गिरते नैतिक स्तर की एक कड़वी तस्वीर पेश करता है। महज 1300 रुपये के लिए दो लोगों की जान लेना यह बताता है कि नशे की लत इंसान को कितना क्रूर बना सकती है। पलामू पुलिस और एसपी रीष्मा रमेशन की मुस्तैदी ने हत्यारे को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है, लेकिन डालटनगंज की गलियों में फैले नशे के इस जाल को उखाड़ना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल, मेदिनीनगर की जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है।
What's Your Reaction?


