Jamtara Gaming Fraud: गेमिंग एप के जरिए लोगों को ठगने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार, 7 मोबाइल बरामद
गेमिंग एप के जरिए ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार, 7 मोबाइल फोन बरामद, लोगों को लुभावने ऑफर का देते थे लालच।
Jamtara Big Action: साइबर अपराध के लिए बदनाम जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गेमिंग एप के जरिए लोगों को ठगने वाले दो साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
गेमिंग एप बना ठगी का नया हथियार
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और लुभावने ऑफर के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें गेमिंग एप या ऑनलाइन ऑफर का लालच देते थे। जैसे ही कोई उनके झांसे में आता, उससे निजी जानकारी हासिल करने या पैसे ट्रांसफर कराने का खेल शुरू हो जाता था।
साइबर ठगों के नए-नए तरीके
साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके निकाल रहे हैं और इस बार गेमिंग एप को ठगी का हथियार बनाया गया था। ठग लोगों को बड़ी रकम जीतने का झांसा देकर उनसे पैसे जमा करवाते थे और फिर एक बार पैसे जमा होने के बाद उनसे संपर्क तोड़ देते थे।
7 मोबाइल फोन बरामद, आरोपी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा और उनके पास से 7 मोबाइल फोन जब्त किए। पुलिस अब इन मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों को निशाना बनाया गया और नेटवर्क कितना बड़ा है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
जामताड़ा का नाम लंबे समय से साइबर अपराध से जुड़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में जामताड़ा पुलिस ने सैकड़ों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन हर बार नए चेहरे सामने आ जाते हैं। इस बार गेमिंग एप के जरिए ठगी करने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस की अपील – सतर्क रहें, जागरूक रहें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान लिंक, गेमिंग ऑफर या संदिग्ध ऐप पर भरोसा न करें। बिना जांचे-परखे कोई ऐप डाउनलोड न करें और न ही अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी किसी के साथ साझा करें।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
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किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
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फ्री में बड़ी रकम जीतने के झांसे में न आएं
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कोई भी गेमिंग एप डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांचें
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OTP या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें
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अगर आपके साथ धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें
आपकी राय क्या है – क्या जामताड़ा में साइबर अपराध पर पूरी तरह रोक लग पाएगी? कमेंट में बताएं।
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