Seraikela Police Action : पुलिसिया दबिश! बिना नंबर वाली बाइकों और शोर मचाते साइलेंसरों पर कड़ा एक्शन
सरायकेला के नीमडीह में पुलिस की बड़ी कार्रवाई के दौरान बिना नंबर वाली और मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बाइकों को जब्त कर लिया गया है। अपराध नियंत्रण के लिए चलाए गए इस एंटी क्राइम चेकिंग अभियान की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
नीमडीह: एंटी-क्राइम अभियान। सरायकेला-खरसावां जिले में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस अब सड़कों पर उतर चुकी है। पुलिस अधीक्षक (SP) मुकेश कुमार लुणायत के कड़े निर्देशों के बाद नीमडीह थाना पुलिस ने सोमवार को इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो सड़कों पर बिना नियमों की परवाह किए फर्राटा भरते हैं।
नीमडीह में 'ऑपरेशन क्लीन' की शुरुआत
सोमवार की सुबह नीमडीह थाना पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील मोड़ों और मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच शुरू की। इस विशेष 'एंटी क्राइम चेकिंग' का मकसद न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का पालन कराना है, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगाम लगाना है। पुलिस की इस सक्रियता से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
बिना नंबर की बाइक और कान फाड़ू आवाज पर गिरी गाज
जांच के दौरान पुलिस की नजर दो ऐसी मोटरसाइकिलों पर पड़ी जो दूर से ही अपनी तेज और असामान्य आवाज से ध्यान खींच रही थीं। इन बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगे थे, जो न केवल ध्वनि प्रदूषण फैला रहे थे बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सिरदर्द बने हुए थे।
हैरानी की बात तो यह थी कि इन बाइकों पर नंबर प्लेट तक गायब थी। जब पुलिस ने चालकों को रोककर कागजात मांगे, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज (Papers) पेश नहीं कर सके। कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तुरंत दोनों बाइकों को जब्त कर लिया।
सरायकेला और नीमडीह का आपराधिक कनेक्शन: एक नजर
नीमडीह और चांडिल के ये इलाके भौगोलिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हैं। यहाँ से गुजरने वाले रास्ते अपराधियों के लिए भागने के आसान मार्ग माने जाते रहे हैं। इतिहास गवाह है कि कई बड़ी वारदातों में बिना नंबर वाली बाइकों का ही इस्तेमाल किया गया है। यही कारण है कि SP मुकेश कुमार लुणायत ने विशेष रूप से इन बाइकों को टारगेट करने का आदेश दिया है ताकि अपराध की जड़ पर ही प्रहार किया जा सके।
आम लोगों को राहत, 'छुरछुरिया' बाइकर्स पर आफत
इलाके के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकें न सिर्फ शोर मचाती हैं, बल्कि तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का कारण भी बनती हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
नीमडीह पुलिस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर आपकी बाइक पर नंबर प्लेट नहीं है, या आपने स्टाइल के चक्कर में साइलेंसर बदलवाया है, तो अगली बारी आपकी हो सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हमेशा अपने साथ गाड़ी के कागजात रखें और पुलिस के इस अभियान में सहयोग करें।
संपादकीय टिप्पणी: सड़कों पर शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए पुलिस की यह सख्ती जरूरी है। बिना नंबर वाली गाड़ियाँ किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकती हैं, जिसे रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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