Latehar Firing: गूंजी गोलियां, लातेहार कोलियरी में अपराधियों का तांडव, राहुल दुबे गैंग ने ली जिम्मेदारी, दहशत में कोयलांचल
लातेहार की तुबेद कोलियरी में आधी रात को बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी है। राहुल दुबे गैंग द्वारा ली गई इस हमले की जिम्मेदारी और पुलिस की छापेमारी की यह पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी कोयलांचल में पनप रहे इस नए खौफनाक गैंगवार से अनजान रह जाएंगे।
लातेहार, 31 दिसंबर 2025 – झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र लातेहार में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। सदर थाना क्षेत्र के तुबेद कोलियरी स्थित कांटा घर के पास मंगलवार की रात अपराधियों ने खुलेआम गोलीबारी कर दहशत फैला दी। इस हमले ने न केवल कोलियरी के कर्मचारियों को खौफजदा कर दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन की नींद भी उड़ा दी है। वारदात के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर राहुल दुबे गैंग ने इस फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। लातेहार डीएसपी अरविंद कुमार खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं और अपराधियों की धर-पकड़ के लिए जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
आधी रात का खौफ: कांटा घर पर बरसीं गोलियां
वारदात उस वक्त हुई जब कोलियरी में कामकाज चल रहा था।
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हमले का तरीका: चश्मदीदों के अनुसार, एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक कोलियरी परिसर के कांटा घर (Weighbridge) के पास पहुँचे।
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ताबड़तोड़ फायरिंग: बिना किसी चेतावनी के अपराधियों ने पिस्तौल निकाली और करीब 3 राउंड फायरिंग की। गोलियों की आवाज से पूरा कोलियरी परिसर गूंज उठा।
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फरार हुए हमलावर: फायरिंग के बाद जब तक सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी कुछ समझ पाते, अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर बाइक से जंगल की ओर भाग निकले।
राहुल दुबे गैंग का उदय: सोशल मीडिया पर दी चुनौती
इस घटना ने तब और भी गंभीर मोड़ ले लिया जब इंटरनेट पर राहुल दुबे गैंग के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई।
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जिम्मेदारी स्वीकार: गैंग ने दावा किया है कि तुबेद कोलियरी में हुई यह फायरिंग महज एक ट्रेलर है।
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वर्चस्व की जंग: पुलिस का मानना है कि यह हमला कोयला कारोबार में लेवी (रंगदारी) वसूलने और अपना वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से किया गया है।
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पुलिस की जांच: डीएसपी अरविंद कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच साइबर सेल के माध्यम से की जा रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया यह रंगदारी से जुड़ा मामला ही लग रहा है।
लातेहार कोलियरी शूटआउट: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| घटना स्थल | कांटा घर, तुबेद कोलियरी (लातेहार) |
| हमलावर | बाइक सवार 02 अपराधी |
| दावा | राहुल दुबे गैंग (सोशल मीडिया के माध्यम से) |
| फायरिंग | 03 राउंड गोलियां चलीं |
| पुलिस एक्शन | डीएसपी अरविंद कुमार के नेतृत्व में छापेमारी |
इतिहास और रंगदारी: लातेहार का 'खूनी कोयला'
लातेहार और चतरा का सीमावर्ती इलाका ऐतिहासिक रूप से उग्रवाद और आपराधिक गिरोहों की शरणस्थली रहा है। तुबेद और मगध-आम्रपाली जैसी कोलियरी में 'लेवी' का काला खेल दशकों पुराना है। पहले यहाँ प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों (जैसे TPC और JJMP) का दबदबा था, लेकिन हाल के वर्षों में छोटे-छोटे आपराधिक गैंग, जैसे राहुल दुबे गैंग और अन्य स्थानीय अपराधी, वर्चस्व के लिए सिर उठा रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से देखें तो जब भी कोई नई कोलियरी शुरू होती है या टेंडर का समय आता है, ऐसी फायरिंग की घटनाएं 'टेरर' (दहशत) फैलाने के लिए की जाती हैं।
अफरा-तफरी और पुलिस की स्ट्राइक
फायरिंग के तुरंत बाद कोलियरी में अफरा-तफरी मच गई और काम रोक दिया गया।
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त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही लातेहार पुलिस मौके पर पहुँची। डीएसपी ने खुद मोर्चा संभाला और अपराधियों के भागने के रास्तों पर नाकेबंदी कर दी।
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छापेमारी: पुलिस की कई टीमें संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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सुरक्षा में इजाफा: कोलियरी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि कर्मचारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और कोयले का उठाव सुचारू रूप से चल सके।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
तुबेद कोलियरी में हुई यह फायरिंग सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि पुलिस को खुली चुनौती है। राहुल दुबे गैंग का नाम सामने आने के बाद अब पुलिस पर दबाव है कि वह इस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करे। अगर समय रहते इन अपराधियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो लातेहार के औद्योगिक विकास पर फिर से अपराध का साया मंडराने लगेगा।
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