Dhalbhumgarh Horror: चीखें गूंजी, धालभूमगढ़ में पूरी जा रहे बिहार के 4 दोस्तों की कार ट्रक में घुसी, 2 की हालत बेहद नाजुक, नए साल का जश्न मातम में बदला
बिहार से नए साल का जश्न मनाने पुरी जा रहे चार युवक धालभूमगढ़ में भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। एनएच-18 पर खड़े ट्रक से कार की जोरदार टक्कर, सिर में गंभीर चोट और झाझा के दो युवकों की जान पर बने इस खौफनाक मंजर की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी हाईवे के इस जानलेवा सच से अनजान रह जाएंगे।
घाटशिला/धालभूमगढ़, 31 दिसंबर 2025 – नए साल का स्वागत करने और भगवान जगन्नाथ के दर्शन की हसरत लेकर बिहार से निकले चार दोस्तों के लिए साल का आखिरी दिन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बुधवार की सुबह झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-18 पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। कोकपाड़ा टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर सवार चार युवक खून से लथपथ हो गए। इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर बढ़ती रफ्तार और सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।
टोल प्लाजा के पास तांडव: जब 'ब्रेक' ने दिया धोखा
यह घटना बुधवार सुबह उस वक्त हुई जब हाईवे पर हल्का कोहरा छाया हुआ था।
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पुरी जाने की थी योजना: बेगूसराय निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि वे सभी दोस्त अपनी निजी कार से नए साल का जश्न मनाने के लिए ओडिशा के पुरी जा रहे थे।
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अचानक हुई टक्कर: कोकपाड़ा टोल प्लाजा के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। सुजीत के अनुसार, ऐन वक्त पर कार का ब्रेक नहीं लगा, जिसके कारण गाड़ी सीधे सामने खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
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खून से लथपथ युवक: कार में सवार चारों युवक बुरी तरह घायल हो गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और टोल प्लाजा कर्मियों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और सभी को अनुमंडल अस्पताल, घाटशिला पहुँचाया।
नाक-कान से बहता खून: 2 की हालत चिंताजनक
अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरएन टुडू ने घायलों की स्थिति पर चिंता जताई है।
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गंभीर रूप से घायल: बिहार के झाझा निवासी मनीष कुमार और विकास कुमार की हालत सबसे नाजुक है। टक्कर के कारण उनके सिर में अंदरूनी चोटें आई हैं, जिससे उनके नाक और कान से लगातार रक्तस्त्राव (Bleeding) हो रहा है।
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बेहोशी की हालत: समाचार लिखे जाने तक मनीष और विकास दोनों अचेत अवस्था में थे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया गया है।
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बाल-बाल बचे दो दोस्त: बेगूसराय के सुजीत कुमार और एक अन्य साथी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, लेकिन वे इस हादसे के सदमे से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
धालभूमगढ़ सड़क हादसा: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| घटना स्थल | कोकपाड़ा टोल प्लाजा, एनएच-18 (धालभूमगढ़) |
| पीड़ित | बिहार के 4 युवक (झाझा और बेगूसराय निवासी) |
| गंभीर घायल | मनीष कुमार और विकास कुमार (रेफर) |
| लक्ष्य | नए साल पर पुरी (ओडिशा) की यात्रा |
| हादसे का कारण | ब्रेक फेल होना और ट्रक से टक्कर |
इतिहास और एनएच-18: 'किलर हाईवे' बनता धालभूमगढ़?
एनएच-18 (पुराना एनएच-33) का यह हिस्सा ऐतिहासिक रूप से दुर्घटनाओं का केंद्र रहा है। झारखंड से ओडिशा और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला यह मार्ग व्यस्ततम सड़कों में से एक है। अक्सर टोल प्लाजा के पास ट्रक चालकों द्वारा अवैध पार्किंग और रात के समय थकान या कोहरे के कारण चालक का ध्यान भटकना ऐसे हादसों की मुख्य वजह बनता रहा है। 2024 में भी इसी इलाके में कई टूरिस्ट गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हुई थीं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए साल और छुट्टियों के दौरान बिहार से पुरी और दीघा जाने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव और हादसे दोनों बढ़ जाते हैं।
नए साल की खुशियाँ और मातम का साया
हादसे का शिकार हुए युवकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। झाझा में जैसे ही मनीष और विकास के एक्सीडेंट की खबर पहुँची, वहां मातम छा गया। खुशियों के सफर का इस तरह दर्दनाक मोड़ पर पहुँचना पूरे इलाके को गमगीन कर गया है।
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पुलिस की जांच: धालभूमगढ़ पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया है।
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खड़े ट्रक का खतरा: पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि क्या ट्रक गलत तरीके से सड़क पर खड़ा था, क्योंकि हाईवे के किनारे खड़े वाहन अक्सर 'डेथ ट्रैप' साबित होते हैं।
हाईवे पर रहें सावधान
साल के आखिरी दिनों में होने वाली यह दुर्घटना एक बड़ा सबक है। हाईवे पर सफर करते समय वाहन की मैकेनिकल जांच और रफ्तार पर नियंत्रण रखना जीवन बचा सकता है। मनीष और विकास फिलहाल जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। उनके दोस्त और परिवार अब केवल ईश्वर से चमत्कार की प्रार्थना कर रहे हैं।
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